गंगा दशहरा पर खंडवा में अनोखी पहल, श्रमदान से सूखी बावड़ी में फिर निकला पानी

खंडवा जिले के खालवा विकासखंड के सुकवा रैय्यत गांव में गंगा दशहरा के मौके पर एक खास नजारा देखने को मिला। यहां ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संदेश देते हुए प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान किया। सबसे खास बात यह रही कि सफाई के दौरान वर्षों पुरानी बावड़ी में फिर से पानी निकल आया। बावड़ी में पानी आने की खबर मिलते ही गांव में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने जल पूजन किया और प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने का संकल्प लिया। इस पहल को देखकर लोगों ने इसे जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया।

श्रमदान से बदली तस्वीर

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गांव के लोगों ने मिलकर प्राचीन बावड़ी की सफाई और मरम्मत का काम शुरू किया। ग्रामीणों ने कई घंटों तक श्रमदान किया। जैसे-जैसे बावड़ी की सफाई होती गई, वैसे-वैसे उसमें पानी दिखाई देने लगा। यह देखकर वहां मौजूद लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई।

 CMCLDP के छात्र भी हुए शामिल

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम यानी CMCLDP के छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। इसके साथ ही ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति और गांव के कई लोग इस अभियान से जुड़े। ग्रामीणों ने कहा कि पुराने जल स्रोतों को बचाना बहुत जरूरी है। अगर समय रहते इनका संरक्षण किया जाए तो आने वाले समय में पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

जल संरक्षण का दिया संदेश

बावड़ी में पानी निकलने के बाद ग्रामीणों ने जल पूजन किया और लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्राकृतिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और संरक्षण का संकल्प भी लिया। जिला समन्वयक जगदीश पटेल और विकासखंड समन्वयक ललित पवार के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सरपंच मुकेश उइके, सामाजिक कार्यकर्ता मोहन रोकड़े और नवांकुर संस्था के सुनील भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

 

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