ननकाना साहब की घटना पर मौन क्यों हैं सीएए के विरोधी: राकेश सिंह

 

खबर नेशन / Khabar Nation 

भोपाल। गुरु नानकदेव जी की जन्मस्थली गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर मुस्लिम कट्टरपंथियों का हमला, श्रद्धालुओं से मारपीट और उन्हें अंदर बंद रहने पर मजबूर करना शर्मनाक है। लेकिन उससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि देश में जो नेता और राजनीतिक दल सिर्फ वोटों की राजनीति के लिये सीएए का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान में हिंदू, सिख और अन्य अल्पसंख्यकों की यह दुर्दशा दिखाई नहीं देती। शायद इसीलिए उन्होंने इस बर्बर घटना की निंदा करना तो दूर, पीड़ितों के प्रति सहानुभूति के दो शब्द कहना भी ठीक नहीं समझा। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह ने ननकाना साहिब की घटना पर कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेताओं की खामोशी पर अफसोस जताते हुए कही।

प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान  और बांग्लादेश में आये दिन मंदिरों, गुरुद्वारों, चर्च व अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर हमले कर उन्हें गिराया जाता है। बहन-बेटियों, महिलाओं के साथ बलात्कार  हो रहे हैं, उन्हें अगवा करके जबरन निकाह  कराया जाता है। लोगों को जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है और ना मानने पर उनकी हत्या तक कर दी जाती है। लेकिन इतने अमानवीय अत्याचार झेल रहे लोगों का दर्द देश में सीएए का विरोध कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, ममता बनर्जी और मुख्यमंत्री कमलनाथ जैसे नेताओं को दिखाई नहीं देता। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार ने जब नागरिकता संशोधन कानून बनाकर इन लोगों के आंसू पोंछने की कोशिश की, उन्हें सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन बिताने का अधिकार दिया, तो इन दलों और नेताओं को यह रास नहीं आया। इसीलिये ये सीएए का गलत अर्थ बताकर लोगों को इसके खिलाफ भड़का रहे हैं और पाकिस्तान, अफगानिस्तान तथा बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के प्रति जानबूझकर अंजान बने हुए हैं। श्री सिंह ने कहा कि ये वही नेता और दल हैं, जो भारत में रहने वाले अल्पसंख्यकों के शुभचिंतक बनकर इमरान खान के सुर में सुर मिलाना पसंद करते हैं, लेकिन पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की निंदा करने में इनका मुंह सूख जाता है, ये उसकी चर्चा करना भी पसंद नहीं करते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों का यह दोहरा चरित्र अब देश की जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है और जनता अवसर मिलने पर इन्हें सबक सिखाने से पीछे नहीं हटेगी।   

Share:


Related Articles


Leave a Comment