नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में आया सिख समाज

 

भाजपा कार्यालय पर पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा की सी.ए.ए के समर्थन में बैठक संपन्न

 खबर नेशन / Khabar Nation

इंदौर /भारतीय जनता पार्टी नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा एवं कार्यक्रम संयोजक कमल बाघेला ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून समर्थन एक अभियान बन गया है। यह अभियान देश के हित में कार्य करने एवं सोचने वालों और देश में भ्रम व डर फैलाकर अराजकता का माहौल खड़ा करने वालों के बीच चल रहा है, जिस दिन से केन्द्र सरकार के द्वारा दोनों सदनों में पास कराकर नागरिकता संशोधन कानून बनाया गया, उसी दिन से कांग्रेस व अन्य राजनैतिक दलों के नेताओं के द्वारा वर्ग विशेष के लोगों को भड़काने का काम शुरू कर दिया गया। जो कि देश की सरकारी संपत्तियों और व्यक्तिगत संपत्तियों का भारी नुकसान करने में लग गये।

 

आपने बताया कि जब स्पष्ट हो चुका है कि यह कानून देश में निवासरत 130 करोड़ भारतीयों पर लागू नहीं होगा। यह कानून तो देश के बाहर पाकिस्तान, बंगलादेश, अफगानिस्तान से धर्म के आधार पर प्रताड़ित होकर आये, अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता प्रदान करने के लिये बनाया गया है। इसमें देश में रहने वाले किसी भी व्यक्ति का कोई भी नुकसान नहीं है।

 

आज भाजपा कार्यालय पर सिख समाज की वृहद बैठक संपन्न हुई

बैठक में सिख समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। सिख समाज ने नागरिकता संशोधन कानून को देशहित में बताते हुए कहा कि इस कानून के देश में लागू होने से पाकिस्तान, बंगलादेश, अफगानिस्तान से धर्म के आधार पर प्रताड़ित और अनेक जुल्मों को सहकर भारत आये हमारे सिख भाईयों को भारत की नागरिकता मिलेगी।

आपने कहा कि इन मुस्लिम देशों में आजादी के बाद से ही सिख समाज के लोगों पर भयंकर अत्याचार किये जा रहे थे, उनकी संपत्तियों को छिन लिया गया। बेटियों और महिलाओं पर अत्याचार किये गये, उनका धर्म परिवर्तन करवाकर मुस्लिम समाज के बूढ़ों के साथ जर्बदस्ती निकाह करवा दिया गया। वहां निवासरत अल्पसंख्यकों के साथ र्दुव्यवहार के साथ इस तरह की यातनाएं दी गई जो बताने लायक भी नहीं है। देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने वहां रह रहे अल्पसंख्यकों के हित को देखते हुए यदि यह कानून उन्हें नागरिकता देने के लिये बनाया तो कांग्रेस और अन्य विरोधी राजनैतिक दलों को तकलीफ क्यों हो रही है, यह वे लोग देश को बताये। सिख समाज ने सर्वानुमति से निर्णय लेकर कहा कि सिख समाज सी.ए.ए.का समर्थन करता है।

 

बैठक में प्रमुख रूप से संभागीय संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा, नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, कार्यक्रम समन्वयक कमल बाघेला, प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा, रिंकू भाटिया, जसबीरसिंह गांधी, दानवीरसिंह छाबड़ा, कालू अरनेजा, बबलू चावला, जसवंतसिंह ज्ञानी, राजू सलूजा, हरप्रीतसिंह बक्षी, गुडडू छाबड़ा, सीटू छाबड़ा, मनदीपसिंह बाजवा, अमन नारंग, प्रीतसिंह लूथूरा, ऋषिसिंह खनूजा, दारासिंह सलूजा, सन्नी टूटेजा, गुरूबीनसिंह छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के समाजजन उपस्थित थे।

 

भाजपा कार्यालय पर पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, आई.टी. एवं सोशल मीडिया विभाग, विभिन्न खेल संगठनों, जिमनेशियम एवं अखाडों की सी.ए.ए समर्थन में बैठकें संपन्न

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में लगातार बैठकें चलाई जा रही है। आज भी दिनभर बैठकों का दौर जारी रहा। आज की बैठकों में प्रमुख रूप से संभागीय संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा, नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक कमल बाघेला, नगर महामंत्री मुकेशसिंह राजावत, घनश्याम शेर, अभिषेक बबलू शर्मा, जे.पी मूलचंदानी, नारायण पटेल, कमल वर्मा, गंगा पाण्डे, गुडडा शुक्ला, प्रकाश राठौर, राजेश शिरोड़कर, विक्की मित्तल, अतुल बघेरवाल, मुकेश जरिया, पुरूषोत्तम धाकड़, अनिता व्यास, चन्दा खत्री, दिलीप माटा, नितेश खाण्डेकर, अमर पैढारकर, निलेश उपाध्याय, आवेश राठौर, हिमांशु पंडित सहित सभी अपेक्षित पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा,आई.टी. एवं सोशल मीडिया विभाग, विभिन्न खेल संगठनों, जिमनेशियम एवं अखाडों की बैठक नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में संपपन्न हुई, बैठकों में इस कानून का समर्थन करने के लिये सब से आग्रह किया गया। भाजपा संगठन के द्वारा सभी मोर्चा प्रकोष्ठांं के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सभी प्रत्येक घर, प्रतिष्ठानों में जाकर सभी लोगों का समर्थन जुटाने का कार्य करें। यह कानून देश में शरणार्थी बनकर जीवन यापन कर रहे लोगों को भारतीय नागरिकता देने का कानून है इसमें किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होना चाहिए। देश में निवासरत सभी 130 करोड़ लोगों का इस कानून से कोई लेना देना नहीं है।

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