भाजपा 9 मार्च को प्रदेश सरकार की नाकामियों को लेकर जिलाधीश कार्यालय का घेराव करेंगी
राहुल गांधी की झूठी घोषणा-किसानों के कर्ज माफी में विफल कांग्रेस की कमलनाथ सरकार-अभी तक क्यों नहीं बदला प्रदेश का मुख्यमंत्री ? -प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल
खबरनेशन/Khabarnation
इंदौर, भाजपा लोकसभा संयोजक, विधायक रमेश मेंदोला, लोकसभा सह संयोजक गोपालसिंह चौधरी, एवं भाजपा नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक सोमानी, किसान मोर्चा नगर अध्यक्ष वासुदेव पाटीदार एवं किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष जीवनसिंह गेहलोद ने पत्रकार-वार्ता में बताया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार की वादा खिलाफी और नाकामियों को लेकर 9 मार्च को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक इंदौर जिले के भाजपा कार्यकर्ता जिलाधीश कार्यालय का घेराव करेंगे।
आपने बताया कि प्रदेश में जब से कांग्रेस की कमलनाथ सरकार आई है, पूरा प्रदेश बदहाली और अराजकता की स्थिति में आ गया है। प्रदेश सरकार के द्वारा प्रदेश के किसानों से कर्ज माफी के नाम पर धोखा कर रही है। कांग्रेस द्वारा किसानों को चुनाव में लुभावने वादे देकर वोट तो अपनी ओर डलवालिये परन्तु प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों से किये वादों पर खरी नहीं उतरी है। कांग्रेस पार्टी द्वारा सत्ता में नहीं आने से पहले किसानों से वादा किया था कि हमारी सरकार आते ही हम 10 दिन में किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ कर देंगे परन्तु आज कांग्रेस की प्रदेश सरकार को तीन माह हो गये है किसानों का एक भी रूपया माफ नहीं हुआ है, किसान बहुत परेशान है और अपने आपको ठगा हुआ अपमानित महसूस कर रहा है, यह कांग्रेस का छलावा है।
कर्जमाफी के नाम पर कमलनाथ प्रदेश सरकार द्वारा किसानों से कागजी कार्यवाही करवाते हुए फार्म भरवाये गये, उसमें भी किसान को लाल, सफेद व नीला फार्म देकर किसानों को बांटने की प्रक्रिया की गई। इसके बाद किसानों की ऋण माफी सोसायटी, बैंक व संस्था में लिस्ट चस्पा करवाकर सार्वजनिक की, जिससे किसानों के ऋण सार्वजनिक होने से किसान अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा है। जिस तरह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश के अन्नदाताओं को विश्वास दिलाया था कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के 10 दिन के अंदर यदि किसानों का कर्जा माफ नहीं कर पाया तो मुख्यमंत्री बदल दूंगा, अब कहां है राहुल गांधी ?
कमलनाथ प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के ऋण माफी के प्रमाण-पत्र बंटवाने का ढोंग किया गया, जिसमें भी किसानों के साथ मारपिट व अभ्रदता जैसी शिकायतें समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई, परन्तु अभी तक किसानों के खाते में एक भी रूपया कर्ज माफी का कांग्रेस की कमलनाथ प्रदेश सरकार ने जमा नहीं कराया। सिर्फ समाचार पत्रांं में विज्ञापन पर फिजुलखर्जी के साथ किसानों को भरोसा दिलाया जा रहा है, पर किसान अब जागरूक हो गये है और कांग्रेस के किसी बहकावे ना आयेंगे और अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को किसान जवाब देंगे।
आपने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा देश के किसानों के लिये किसान समृद्धि योजना लागू की है जिसमें प्रतिवर्ष किसानों को किसान समृद्धि राशि 6000/-किसानांं के खाते में केन्द्र सरकार द्वारा जमा किये जायेगे, जिसकी प्रथम किश्त फरवरी माह में किसानों के खाते में केन्द्र सरकार द्वारा जमा कर दी गई है। परन्तु मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने केन्द्र सरकार को प्रदेश के किसानों की अभी तक सूची नही भेजी। इस कारण प्रदेश के किसान को केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह भी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। जबकि अन्य प्रदेशों में इसका लाभ किसानों को मिल चुका है।
आपने बताया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा अपने वचन पत्र में चुनावी वादों के अंतर्गत युवाओं को बेरोजगार भत्ता प्रतिमाह 4000/-देने का वादा किया गया था। परन्तु कांग्रेस युवाओं के साथ भी धोखा कर रही है। युवाओं को लुभावने वादे देकर अभी तक उन्हें किसी भी तरह का बेरोजगार भत्ता नहीं दिया है। कांग्रेस ने सिर्फ युवाओं को धोखा देने के लिये और वोट बैंक के लिये इस तरह का खोखला व झूठा वादा किया गया। इस प्रकार की खोखली योजना से युवाओं का मनोबल गिरा है और यह युवाओं का अपमान है। आने वाले चुनाव में प्रदेश के युवा कांग्रेस को उसका दोगला चेहरा दिखा देंगे।
आपने बताया कि कांग्रेस पार्टी की सरकार प्रदेश की सत्ता में आने बाद प्रदेश मेंं कानून व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो गई। कानून व्यवस्था पर गुण्डों, बलात्कारियों, चोर-डकेतों का राज हो गया है। हर दिन, हर घंटे, चोरी-डकेती, बलात्कार, चाकूबाजी व अन्य प्रकार की घटना और अपराध निरंतर बढ़ते जा रहे है। पुलिस प्रशासन का इन गुण्डो, बदमाशों, अपराधियों पर किसी भी तरह का नियंत्रण नहीं बचा है। पुलिस प्रशासन का खौफ असामाजिक तत्वों में तो नाम मात्र भी नही बचा है। और प्रदेश की जनता प्रताड़ित होकर अपने-आप को असुरक्षित पाते हुए सरकार को कोश रही है। प्रदेश सरकार अधिकारियों के निरंतर तबादलों में लगी हुई है अब तो यह सरकार तबादलों की सरकार बन गई है।