मुख्यमंत्री द्वारा आदिवासी कन्याओं के पैर पूजने के बाद उन्हें दी गई उपहार राषि व कपड़े अधिकारियों ने लिये वापस 

राजनीति Dec 22, 2017

बचाव में आये अधिकारियों व भाजपा संगठन के झूठ को कांग्रेस ने किया वीडियो फुटेज से उजागर

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने गत 9 दिसम्बर को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा शिवपुरी के ग्राम सेसई में सम्पन्न हुए सहरिया सम्मेलन में आदिवासी कन्याओं को देवी स्वरूप मानते हुए उनके पैर धोकर किये गये पूजन, उन्हें उपहार में दी गई धनराशि और वस्त्र मुख्यमंत्री के जाने के बाद अधिकारियों द्वारा वापस ले लिये जाने का गंभीर और प्रामाणिक आरोप लगाया हैं। उन्होंने इस गंभीर घटना को नकारते हुए बचाव में आये अधिकारियों और भाजपा संगठन के झूठ को चार विभिन्न वीडियो फुटेज जारी करते हुए भ्रष्ट दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही किये जाने की मांग की हैं।
मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया हैं कि इस दौरान जिन आदिवासी कन्याओं को दी गई 21-21 सौ रूपये की धनराशि के लिफाफे और जो साफ सुथरे कपड़े पहनाये गये थे, मुख्यमंत्री के जाने के बाद तत्काल उक्त धनराशि से 2000 रू. निकाल लिये गये, मात्र 100-100 रू. के लिफाफे दिये गये और पहनाए गये वस्त्र भी उतरवा कर वापस ले लिये गये, जिसका खुलासा इन छोटी-छोटी बच्चियों के परिजनों ने ही किया हैं। मिश्रा ने कहा कि बच्चियों के ‘‘कथित मामा’’ कहे जाने वाले मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम का हश्र एक बड़े धोखे के रूप में तब्दील होगा किसी ने सोचा भी नहीं होगा! 
मिश्रा ने कहा कि इसके पूर्व भी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित विवाह समारोह के दौरान वधुओं को नकली आभूषण दिये जाने का मामला गत दिनों सुर्खियों में आया था। ज्वेलर्स के खिलाफ राजधानी भोपाल के एक थाने में एक एफआईआर भी दर्ज हुई थी, किन्तु सारे भ्रष्टों ने मिलकर इस मामले को भी दबा दिया। अपनी भांजियों के साथ ही ऐसा क्यों, किसलिए और किसके संरक्षण में हो रहा हैं, मुख्यमंत्री को सार्वजनिक करना चाहिये। यहीं नहीं इस घटना के दोषियों को कब और कितनी सजा मिलेगी यह भी सुनिश्चित हो। (खबरनेशन / Khabarnation)

 

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