सौभाग्य योजना उपभोक्ताओं को महंगी बिजली दिये जाने की योजना साबित होगी
आखिरकार उपभोक्ता कब तक लूट के शिकार होते रहेंगे: अरूण यादव
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने रीवा में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा केन्द्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आर.के. सिंह की मौजूदगी में प्रारंभ की गई सौभाग्य योजना व अल्ट्रामेगा सोलर परियोजना के शुभारंभ को एक राजनैतिक ढकोसला बताते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव की निकटता को देखते हुए मुख्यमंत्री को प्रदेश के 43 लाख घरों में बिजली दिये जाने की याद क्यों और कैसे आई, 14 वर्षों तक उन घरों में अंधेरा क्यों पसरा रहा? उन्होंने कहा कि प्रदेश का विद्युत उपभोक्ता पहले से ही राजनैतिक लूट का शिकार हो रहा हैं, कोयले की कमी के कारण विद्युत परियोजनाऐं और कई विद्युत ईकाईयॉ बंद होने की कगार पर हैं। सरकार की रूचि विद्युत उत्पादन में न होकर बिजली खरीदी में हैं, क्योंकि उससे संबंधितों को एक बड़ी राशि कमीशन के रूप में प्राप्त होती हैं। इन स्थितियों में राज्य सरकार उत्पादन पर ध्यान न देते हुए इस तरह राजनैतिक नौटंकियां करने पर आमादा हैं।
यादव ने कहा कि सौभाग्य योजना में जैसा कि कहा जा रहा हैं कि 60 प्रतिशत केन्द्र और 40 प्रतिशत राज्य का शेयर होगा। जब लगभग सभी विद्युत उत्पादन कंपनियां घाटे में हैं तब राज्य सरकार अपना 40 प्रतिशत शेयर कैसे और कहां से उपलब्ध करायेगी। यादव ने कहा कि निश्चित तौर पर इस योजना से प्रदेश में बिजली महंगी होगी जिसका सीधा भार उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा, वैसी भी नियामक आयोग बिजली की कीमतें बढ़ाने के लिए सिफारिश कर चुका हैं। ऐसी स्थितियों में इस तरह की राजनैतिक नौटंकियां विद्युत उपभोक्ताओं से राजनैतिक लूट ही करेंगी। लिहाजा राज्य सरकार इस मुद्दे पर अपनी स्थिति सार्वजनिक करें। (खबरनेशन / Khabarnation)