आहार पोषण के रूप में आदिवासी के घर सस्ती दाल का प्रदाय होगा

राजनीति Dec 22, 2017

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गजेन्द्र पटेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने प्रदेश की आदिम जातियों के आहार पोषण के लिए प्रति परिवार एक हजार रू. देने की व्यवस्था की हैं। इसी तरह अनुसूचित जनजाति परिवारों को प्रोटीन युक्त भोजन के लिये 10 रू. किलों दाल उपलब्ध कराई जायेगी। दाल के वितरण की व्यवस्था के लिए जल्दी ही जनजाति प्रतिनिधियों की बैठक में विचार किया जायेगा। दाल वितरण की योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन से आरंभ की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि मार्गदर्शी योजना की शुरूआत श्योपुर के आदिवासी बहुल कराहल जनपद और खंडवा जिले के जन जातीय विकासखंड खालवा से की जायेगी। प्रारंभिक चरण में दोनों जनपदीय क्षेत्रों की जनता लाभान्वित होगी। इससे कुपोषण से मुक्ति मिलेगी।

पटेल ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों, गरीब सामान्य वर्ग के परिवारों को अन्नूपर्णा योजना में एक रू. किलों गेहूॅ और दो रू. किलो चावल दिये जाने की व्यवस्था जारी रखी हैं। रोटी कपड़ा और मकान मध्यप्रदेश में नारा नहीं हकीकत बन चुकी हैं। प्रदेश में आदिवासी जनसंख्या 21 प्रतिशत होने के साथ 1 करोड़, 54लाख के करीब हैं। सरकार ने छात्रों को विशेष सुविधाएं दी हैं। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों के परिवार की आय सीमा को भी शिथिल कर दिया हैं। अब 6 लाख रू. तक आय सीमा वाले पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के हकदार होंगे। आदिवासी छात्र-छात्राओं के आश्रमों, छात्रावासों की सुख-सुविधा पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान हैं। उन्हें मेधावी छात्र योजना का लाभ दिया जा रहा हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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