मंत्री लाल सिंह आर्य द्वारा छात्रावासों, आश्रमों की आकस्मिक जाँच के निर्देश

आर्य ने की विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा 
 

भोपाल। अनुसूचित जाति कल्याण एवं जनजातीय कार्य राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा हैं कि छात्र-छात्राओं के लिये संचालित किये जा रहे विभागीय छात्रावास और आश्रमों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिये जाँच अभियान चलाया जायेगा। इसके लिये राज्य-स्तर और संभाग-स्तर के वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने यह निर्देश गुरुवार को मंत्रालय में विभागीय बजट की समीक्षा बैठक में दिये।
 

आर्य ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा मुहैंया कराने के लिये आश्रम और छात्रावास संचालित किये जाते हैं। इनके रख-रखाव के लिये प्रति वर्ष पर्याप्त बजट भी उपलब्ध कराया जाता हैं। उन्होंने कहा कि बजट का सदुपयोग हुआ या नहीं, इसकी राज्य-स्तर से निरंतर समीक्षा की जाना चाहिये। आर्य ने बताया कि सभी जिलों में प्रभारी मंत्री भी जिले के आश्रम-छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। राज्य मंत्री आर्य ने कहा कि जो छात्र शासकीय आश्रम अथवा छात्रावासों में निवास नहीं कर पाते हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा आवास सहायता भत्ता प्रदान किया जाता हैं। इस वर्ष अभी तक 61 हजार से अधिक विद्यार्थियों को 85 करोड़ रुपये से अधिक आवास भत्ता प्रदान किया जा चुका हैं। उन्होंने शेष विद्यार्थियों को आवास सहायता भत्ते की राशि भुगतान करने के निर्देश दिये।
 

राज्य मंत्री आर्य ने विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा शासन की योजनाओं की जानकारी छात्रावास तथा आश्रम परिसरों में प्रदर्शित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन के अन्य विभागों को आवंटित राशि की भी मॉनीटरिंग की जाये और इन विभागों से उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी प्राप्त किये जायें।
 

बैठक में प्रमुख सचिव जनजाति कार्य विभाग एस.एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग कल्पना श्रीवास्तव, सचिव अनुसूचित-जाति कल्याण राजेश मिश्रा, आयुक्त अनुसूचित-जाति कल्याण आनंद शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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