अन्नदाता हो गया हैं , मतदाता । कांग्रेस और भाजपा खोलना चाहती है अपना खाता
खबर नेशन/ Khabar Nation
मध्यप्रदेश के मालवा के इंदौर में भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा का चुनावी बिगुल बजा दिया है। अमित शाह ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, कार्यकर्ता मतदाताओं के घर-घर जाए । कांग्रेस ने भी अपनी पूर्व घोषणा पत्र में पहले से ही घोषणा कर दी है। किसानों से जुड़ी हुई बिजली , कृषि ऋण माफ कर दिया जावेगा । मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस का सियासी युद्ध का शंखनाद हो चुका है। दोनों पार्टी अपने अपने हिसाब से मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं परंतु मध्यप्रदेश में दोनों पार्टी जानती है कि ,जहां अन्नदाता का अन्न मिलेगा उसी पार्टी को विजय “ श्री तिलक” लगेगा । भोपाल की नई सड़क से श्यामला हिल्स मुख्यमंत्री निवास जाने का रास्ता किसानों के हलदर से है , इसलिए दोनों पार्टी अपने आप को किसानों हितेषी बढ़-चढ़कर बताने में लग गई है |
कांग्रेस ने पहले से ही किसानों से जुड़े मुद्दों को लपक लिया है | चुनावी घोषणा पत्र जारी होने के पहले ही- 5 हार्सपावर का बिल माफ , किसानों का ऋण माफ का झुनझुना पकड़ा दिया है | भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों को अपनी और करने के लिए मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी में किसान सम्मेलन कर रहे हैं | वर्तमान भाजपा सरकार बड़े-बड़े समाचार पत्रों का भला करते हुए , किसान हितेषी बड़े-बड़े विज्ञापन जारी कर रही है | भाजपा और कांग्रेस दोनों जानती है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में किसानों ने चुनावी पतंगबाजी मैं पतंगों में अपना रंग भरा था। भाजपा का गोलीकांड कुछ हद तक भाजपा को नुकसान कर गया था। भाजपा का संकल्प पत्र और कांग्रेस का वचन पत्र , संकल्प और वचन के आपस में लड़ने भिड़ने से किसानों को कितना लाभ हुआ है ? भाजपा ने तो संकल्प लिया कांग्रेस ने वचन दिया था | इस बार भी दोनों संकल्प के साथ वचन देने को तैयार बैठे हैं | भाजपा की राज्य सरकार घोषणा वीर होकर घोषणा कर रही है और कांग्रेस घोषणाओं का तीर कमान चला रही है।
कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी अभी भी किसानों के गेहूं का मूल्य ₹3000 कुंतल कराने की मांग कर रहे हैं | जबकि सोयाबीन का मंडी भाव नीचे लगातार गिर रहा है | मुख्यमंत्री हमेशा स्वयं को किसान का बेटा कहलाते हैं | और उन्होंने अपने संकल्प पत्र में किसानों के 20 सूत्री घोषणा की थी , उसमें से कितनी पूरी हुई है ? भाजपा और कांग्रेस किसानों को साधने की पूरी रणनीति तैयार कर चुके है और पूरी कोशिश है कि , किसानों को अपने पक्ष में लाया जाए | मध्य प्रदेश में सोयाबीन का भाव अक्टूबर-नवंबर में उचित नहीं मिला तो वर्तमान सरकार के लिए घातक बन सकता है तो कमलनाथ के लिए संजीवनी सिद्ध हो सकता है | कांग्रेस ने किसानों को साधने के लिए समय पूर्व किसान हितेषी फ्री फ्री की घोषणा कर दी है । कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसान न्याय योजना लागू की जाएगी। न्याय तो इतना बड़ा शब्द है कि कौन से दरवाजे से किसानों को न्याय मिलेगा ? कमलनाथ जी ने तो लाउडस्पीकर से जोर-जोर से भी बोलना शुरू कर दिया है मप्र में हमारी सरकार बनने पर किसानों का कर्ज़ माफ करने की हमारी घोषणा को जारी करेंगे। बीजेपी ने अभी से वीडियो जारी करते हुए ऋण माफी को कमलनाथ का नाटक बताया है | बीजेपी के बोल वचन संकल्प में मोटे अक्षर में यह लिखा हुआ है कि, किसानों की आय दुगनी करेंगे। किसानों की आय दोगुनी पर दिग्विजय घात लगाकर बैठे है। किसानों के लिए भाजपा कांग्रेस के वचन पत्र को देख रही है तो कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र को देखने में व्यस्त हो चुकी है। यह दोनों पार्टी किसानों के मुद्दे पर एक दूसरे को घेरने के लिए तैयार खड़ी है।
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गौरव चतुर्वेदी
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