किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जमुनिया पठार की कोयला खदान बन्द कराई गई
Khabar Nation / खबर नेशन
किसान संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष एड. आराधना भार्गव ने अपने प्रेस विज्ञाप्ति में बताया कि दिनांक 14/09/2017 को सुबह 9 बजे से जमुनिया पठार खदाने से प्रभावित किसान खदान के सामने पंडाल डालकर खदान बन्द करने तथा जब तक नौकरी तथा मुआवजा ना मिले तब तक खदान के सामने अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे रहेगे। जैसे ही एड. आराधना भार्गव तथा दीपक चैधरी कार्यकारी अध्यक्ष कोयला श्रमिक सभा एच.एम.एस. के जमुनिया पठार पहुँचे लोगों ने जोरदार नारे के साथ उनका स्वागत किया सभी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाऐं एवं पुरूष एड. आराधना भार्गव एवं दीपक चैधरी के नेतृत्व में कोयला खदान के अन्दर गए, काम बन्द करवाया, तथा अन्दर काम कर रहे मजदूरों के साथ बाहर आए और उनसे चर्चा की तो पता चला कि खदान के अन्दर मजदूर 5 किलो लोहे का घमेला, 7 किलो वजन की बैटरी, तथा हेलमेट लेकर खदान के अन्दर जाते है तथा लगभग 15 किलों का पत्थर सिर पर रखकर बाहर आते है, ट्राली में पत्थर फैकते है खदान के अन्दर उन्हें 8 घण्टे काम करना होता है ठेकेदार उन्हें ठीक से भोजन भी नही करने देता, अन्दर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नही है, और उन्हें मात्र 300 रूपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाती है। ठेकेदार दो-दो माह तक मजदूरी का भुगतान नही करता। मजदूरों ने बताया कि सुरक्षा के अभाव में जनवरी 2017 में एक मजदूर की मौत हो चुकी है। खदान के आगे डब्ल्यु.सी.एल. द्वारा आॅफिस निर्माण का काम ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। जिसमें प्रभावित किसानों को छोड़कर अन्य गांव के मजदूरों को काम पर रखा जा रहा है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा का कोई इंतजाम नही है, एक टूटी सी सीढ़ी जिस पर लोहे का घमेला ईंट, गारा, सीमेन्ट का गारा रखकर महिलाए चढ़ती है उनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नही है मजदूरों को उचित वेतन भी नही दिया जा रहा है।
खदान बन्द कराने के बाद सभी प्रभावित किसान धरना स्थल पर आए सभी किसानों ने आम सहमति से कहा कि जब तक हमें नौकरी तथा मुआवजा नही मिलेगा तब तक अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। तथा खदान का काम भी बन्द रहेगा, धरना स्थल पर नितिन मौर्य ने कहा कि किसानों ने न्यायालय में मुकदमा दायर किये थे, डब्ल्यु.सी.एल. के अधिकारियों के कहने पर मुकदमें वापस ले लिये गए, उसी आदेश के खिलाफ डब्ल्यु.सी.एल. अपील में चला गया तथा विरूद्ध पक्षकारों को आज दिनांक तक कोई नोटिस भी नही भेजा ना न्यायालय के कार्यवाही को आगे बढ़ाने की कोई कार्यवाही किया। मुकेश पाल ने कहा कि सिविल न्यायलय के खिलाफ अपील डिस्टिक जज के यहाँ होती है डब्ल्यु.सी.एल. ने कमिश्नर के यहाँ अपील की है। अपील का बहाना लेकर डब्ल्यु.सी.एल. किसानों को ना तो नौकरी दे रहा है और न ही मुआवजा दे रहा है। किसान भुखमरी के कगार पर खड़ा है तथा आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। लता बाई ने कहा कि मेरी 2 एकड़ जमीन डब्ल्यु.सी.एल. ने कब्जा किया है ना नौकरी दी है और ना ही मुआवजा। अन्य किसानों ने कहा कि 160 लोगों को नौकरी दी है उन्हें सारणी (बैतूल) खदान में उनके परिवारों को रखने के लिए कोई क्वाटर भी नही दिया उनके वृद्ध माता पिता गांव में बीमार और परेशान है। श्रीमती अनीला रागवंशी ने कहा की जब तक डब्ल्यु.सी.एल. प्रभावित किसानों को नौकरी तथा मुआवजा नही देगा, तब तक खदान का काम बन्द रहेगा। सभा को कान्ति नागवंशी, राजकुमारी नागवंशी, कविता नागवंशी, सकुनतला नागवंशी, प्रमोद, गनेश, हेमराज, रामनाथ आदि किसानों ने सम्बोधित किया ।