श्रेष्ठा जोशी आज भी श्रेष्ठ ?
भाजपा मंडल के दलित उपाध्यक्ष को खुलेआम गाली देकर हो चुकी है चर्चित
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया रहटकर के साथ की वीडियो कांफ्रेंसिंग
प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष ने किया श्रेष्ठा का समर्थन
खबर नेशन / Khabar Nation
इंदौर. भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री को पद से हटाया, 7 दिनों में जवाब मांगा
भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी श्रेष्ठा पर अपशब्द कहने का आरोप है।
भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी श्रेष्ठा पर अपशब्द कहने का आरोप है।
महिला नेत्री ने उज्जैन के मंडल उपाध्यक्ष को अपशब्द कहे थे, सोशल मीडिया पर विवादहुआ था
सोशल मीडिया में विवाद काऑडियो वायरल हुआ था, पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना
फेसबुक पोस्ट को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री श्रेष्ठा जोशी का उज्जैन भाजयुमो के मंडल उपाध्यक्ष लखन चौहान से जमकर टेलीफोनिक विवाद हुआ था। इस दौरान श्रेष्ठा ने लखन को जमकर अपशब्द कहे थे और भद्दी भद्दी गालियां भी दी थी । पार्टी ने इंदौर में रहने वाली जोशी को पद से हटाते हुए 7 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा था जिसके बाद उनकी आज तक पद पर बहाली नहीं हुई है।
हाल ही में कोविद19 कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजया रहटकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों के साथ ली थी । जिसमें श्रेष्ठा बाकायदा शामिल हुई । श्रेष्ठा जोशी ने फेसबुक पेज पर इस बारे में एक पोस्ट भी डाली है । इस पोस्ट में महिला मोर्चा ने बनाई रणनीति का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि
आज आदरणीय "राष्ट्रीय अध्यक्ष' महिला मोर्चा श्रीमती विजया रहाटकर एवं "प्रदेश अध्यक्ष" लता दीदी ,,,द्वारा "मध्य प्रदेश
की बहनों से "कोरोना" को लेकर किए गए कामों एवं आगामी योजनाओं को लेकर 1घंटे की इस वेब बैठक में चर्चा हुई एवं प्रदेश भर के प्रत्येक जिले जानकारी ली गई !!
जब इस बारे में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष लता ऐलकर से चर्चा की तो उन्होंने स्वीकारा कि श्रेष्ठा जोशी को महिला मोर्चा के पद से हटाया गया था पर वे इस बैठक में कार्यकर्ता की हैसियत से शामिल हुई थीं । उन्होंने श्रेष्ठा का बचाव करते हुए कहा कि विवाद के बाद श्रेष्ठा जोशी को पद से हटाना पार्टी का सामियिक निर्णय था । राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बैठक में शामिल होने को उन्होंने इसे किसी भी प्रकार की चूक मानने से इंकार कर दिया ।
श्रेष्ठा जोशी और लखन का मामला इस प्रकार है ।
सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट को लेकर जोशी और चौहान में विवाद हो गया था। बात इतनी बढ़ गई कि श्रेष्ठा ने मोबाइल पर लखन को अपशब्द तक कह डाले। इसका ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा के प्रदेश कार्यालय से जानकारी मांगी गई, लेकिन नेताओं ने चुप्पी साध ली। विवाद की शुरुआत फेसबुक पर जातिगत विषय पर चर्चा के दौरान हुई। इसमें श्रेष्ठा ने कुछ लिखा तो लखन ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
बाद में सोशल मीडिया की बहस में दो-तीन लोग और शामिल हो गए, लेकिन लखन और श्रेष्ठा एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने लगे। श्रेष्ठा ने लखन को फोन कर बात की तो मामला और गंभीर हो गया। इनकी बातचीत के पांच ऑडियो वायरल हुए हैं, जिनमें श्रेष्ठा लखन को उन बातों को लेकर फटकार लगा रही हैं। कई बार इसमें अपशब्दों का भी प्रयोग हुआ।