राहुल गांधी की तारीफ भाजपा नेता गोविंद मालू ने कहा बहुत देर कर दी हूजूर आते आते
Khabar Nation /खबर नेशन
इंदौर । खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविन्द मालू ने
कहा कि
"राहुल गांधी को कँहा से यह सद्बुद्धि मिली कि उन्होंने देश के वर्तमान संकट/ हालात पर सकारात्मक सीख लेने और अर्थव्यवस्था जैसे गम्भीर विषय पर विचार विमर्श का प्रयास रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से किया।क्या ही अच्छा होता जब अपनी पार्टी की सरकार के समय अपने बनाए प्रधानमंत्री के सामने अध्यादेश की कॉपी फाड़ने के पहले वे किसी विषय के जानकार से मशविरा करते।
आपने कहा कि *"केंद्रीय मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी* ने कुछ समय पहले उनकी पप्पू स्टाइल बदलवाने के लिए सोनिया जी को *"पोलिटिक्स के प्ले स्कूल"* भेजने का सुझाव दिया था।
राहुल गाँधी को अपने विदेश से प्राप्त अध्ययन और संस्कार (?) को अलग रख, देश की माटी यँहा की मूल संस्कृति, पहचान, वातावरण, आवश्यकता से जुड़कर कुछ समझना चाहिए था।
आपने कहा कि "साथ ही रघुराम राजन जैसे किन्ही विशेषज्ञ और बुद्धिजीवी की शरण में इतने विलम्ब के बजाय, पहले जाना था, तो काँग्रेस का भला होता ही, देश को भी कुछ लाभ होता और वे "छह माह बाद ये घर से बाहर नहीं निकल पायेगा हिंदुस्तान के युवा इसको (मोदीजी)ऐसा डण्डा मारेंगे" जैसी भाषा भी नहीं बोलते।
उनके बारे में यही कहा जा सकता है "बड़ी देर कर दी हुजूर आते आते"
लेकिन, अब क्या जब चिड़िया चुग गई खेत!