कमलनाथ को बताने की और राकेश सिंह को जताने की फुरसत नहीं
विधानसभा चुनाव हैं या रामकथा का आयोजन....
अलमस्त कांग्रेस-भाजपा
खबर नेशन /Khabar Nation
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के पास जहां महत्वपूर्ण विषयों पर पत्रकारों से चर्चा करने का समय नहीं है, तो भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के पास भी महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय बताने के लिए समय नहीं है । मामला चाहे कांग्रेस के वचन पत्र का हो या फिर कांग्रेस के वचन पत्र पर भाजपा के हमले का ।आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों राजनीतिक दल के हाव भाव देख कर ऐसा लग रहा है मानों राम कथा का आयोजन हो रहा हो ।अलमस्त शैली में भाजपा के और कांग्रेस के आला नेता नजर आ रहे हैं ।
पहला घटनाक्रम कल मध्य प्रदेश कांग्रेस दफ्तर का है। जहां आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र को लेकर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था। 3-4 सवालों के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ यह कहते हुए उठ गए कि उन्हें छिंदवाड़ा जाना है । इसलिए अब वे रूक नहीं पाएंगे । दूसरा मामला भारतीय जनता पार्टी के द्वारा इसी दौरान भेजे गए एक मैसेज का था कि 12:30 बजे मीडिया सेंटर पर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह पत्रकारों से चर्चा करेंगे । थोड़ी देर बाद यह संदेश दोपहर 2:30 बजे का हो गया और थोड़ी ही देर में पत्रकार वार्ता निरस्त हो गई । 4:30 बजे के बाद अचानक फिर भाजपा कार्यालय से पत्रकारों को फोन घनघनाय गए कि 5:30 बजे पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया है। मामला घोषणा पत्र को लेकर था । जब पत्रकार वार्ता शुरू हुई तो प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की बजाय भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय अपने साथियों के साथ दिखाई दिए।पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के घोषणा पत्र के अनेक बिन्दूओं को भाजपा ने मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं की नकल बताया । जहां कांग्रेस के कमलनाथ मीडिया से विस्तार से चर्चा करने में असफल रहे तो भाजपा ने कल कांग्रेस के घोषणा पत्र पर सरसरी बयानबाजी कर रस्म अदायगी की। कांग्रेस ने घोषणा पत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध संबंधी बिन्दू शामिल किया था , लेकिन भाजपा अपने मातृ संगठन को लेकर भी ढीला ढाला रवैया अपनाया।
24 घंटे बाद भाजपा को कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल संघ के प्रतिबंध संबंधी मामले पर बोलने के लिए संबित पात्रा को बुलाना पड़ा।