स्कूल संचालक ने टीसी लेने गए पालकों को कहे जाति सूचक शब्द


- अजाक्स थाने में हुई शिकायत
देवेन्द्र वैश खबर नेशन Khabar Nation
होशंगाबाद। स्प्रिंगडेल्स स्कूल में टीसी लेने हैं पालक और उनके परिचितों को स्कूल संचालक द्वारा जाति सूचक शब्द कहने की शिकायत अजाक थाने में हुई है। बच्चों के टीसी लेने के मामले में तीन दिन पहले भी बड़ी संख्या में पालकों ने प्रबंधन की शिकायत जिला शिक्षा विभाग में की थी। शुक्रवार को टीसी लेने के मामले में प्रबंधन पालक और 
परिचितों पर बिफर पड़ा। शिकायतकर्ता गोविंदा गोदरे ने बताया कि मैं मेरे मित्र ज्ञानसिंह भदौरिया के साथ उसके बच्चों की टी.सी. लेने के लिए स्प्रिंगडेल्स हायर सेकेण्डरी स्कूल गया था। वहाँ पर मौजूद स्टॉफ के द्वारा कहा गया कि पहले 15-15 हजार रू. फीस जमा करो तब ही टी.सी. दी जाएगी। मैंने कहा कि जब बच्चे ने आपके यहाँ कोविड-19 के तहत इस सत्र में कोई पढ़ाई ही नहीं की है और न ही ऑनलाईन पढ़ाई हुई है, और न ही आपने ऑनलाईन परीक्षा ली है तो हम किस बात की फीस दें। तब वहाँ पर मौजूद स्टॉफ ने कहा कि तुम बीच में बोलने वाले कौन हो, तुम चुपचाप रहो। मैंने कहा कि मैं ज्ञानसिंह का मित्र होने साथ-साथ  एक पत्रकार भी हूँ। इसी बीच स्कूल संचालक आशीष  चटर्जी आए तो मैैंने मेरे मित्र के बच्चे की टी.सी. देने का निवेदन किया। तब चटर्जी द्वारा कहा गया कि तुम बीच में बिना मतलब मत बोलो और तुम स्कूल परिसर के अन्दर कैसे आए। साले नीच तू चमरे यहाँ से बाहर निकल और दोबारा यहाँ पर दिखना मत। यह शब्द सुनकर मैं और मेरा मित्र स्कूल से बाहर आ गए। स्कूल संचालक द्वारा जाति सूचक शब्द कहने पर मुझेेेेे और मेरे मित्र को गहरी ठेस पहुंची है। इसकी शिकायत की गई है। इस सम्बन्ध में जब स्कूल संचालक आशीष चटर्जी से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।


विवादित रहा है स्कूल
स्प्रिंगडेल्स स्कूल  इससे पहले भी कई बार विवादित रहा है। लगभग 3 माह  से बच्चों के अभिभावकों पर दबाव बनाया जा जा रहा है। जिसके कारण आए दिन स्कूल में  स्कूल संचालक एवं अभिभावकों के बीच विवाद होते रहते हैं। अभिभावकों द्वारा कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को भी स्कूल से की शिकायत की जा चुकी है। 3 दिन पहले हुई शिकायत में स्कूल प्रबंधन ने बच्चे की टीसी में 2020-21 की पूरी फीस जमाना करने और बच्चे और पालक को ठेस पहुंचाने वाली बातें लिखी थी। पलकों के गलत शब्द कहने पर मजबूरन टीसी देने की बात भी लिखी थी। जो स्कूल प्रबंधन द्वारा गलत तरीके से लिखी गई थी। जिससे कि बच्चे का प्रवेश दूसरे स्कूल में ना हो सके। इसी को लेकर पालकों ने प्रदर्शन किया था।

अभिभावको का कहना
 एक अभिभावक का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई बिल्कुल नहीं होती ना ही स्कूल का स्टाफ ठीक से बात करता। स्कूल की बिल्डिंग बड़ी सी बनाकर बच्चों के अभिभावकों से फीस मन मुताबिक वसूली करते हैं।  जब पढ़ाई से संबंधित स्कूल संचालक चटर्जी एवं स्टाफ से बात की जाती है तो कहते हैं कि फीस जमा करो और स्कूल से इसे निकलवा कर ले जाओ। जब हैसियत नहीं है तो स्कूल में पढ़ाते क्यों हो।

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