गायब नाबालिक बेटी की दूसरे गांव के मन्दिर में मौत , अब भी अनसुलझी पहेली
पीड़ित परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गृह मंत्री के नाम सौंपा गया
खबर नेशन Khabar Nation
नरसिंहपुर - थाना ठेमी के अंतर्गत आनेवाले ग्राम खमरिया में 21 मई 2020 की दरमियानी रात करीब 12 बजे कक्षा 12वी में अध्ययनरत एक नाबालिग बेटी के अपने घर से अचानक गायब होने और उसे अपने आसपास ढूढ़ने और रिश्तेदारों से जानकारी और पूछताछ करने के बाद जब बेटी की जानकारी 22 की दोपहर 12 बजे तक न मिलने पर अपनी पत्नी को साथ लेकर 1 बजे के करीब अपनी बेटी की गुमशुदगी की जानकारी देने थाना ठेमी पहुंचे ग्राम खमरिया निवासी व्यक्ति को इसी दौरान थाने आये एक फोन की सूचना से मिली एक जानकारी ने विचलित कर दिया । पीड़ित को जो जानकारी मिली वह यह थी कि उनके घर से 5 किलोमीटर दूर गड़रिया खेड़ा के नर्मदा मंदिर में एक लड़की फांसी लगाकर लटकी हुई है । आनन-फानन में अपने परिजनों को लेकर जब वह सब घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने देखा तो फांसी पर लटकी हुई वह लड़की कोई और नहीं उनके अपने घर से गायब हुई नाबालिग बेटी ही थी जिसे वह गत 21 मई की रात से ढूंढ रहे थे । तब तक यह खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई थी कि गड़रियाखेड़ा के नर्मदा मंदिर में किसी लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है । उसके बाद जब इस मामले को लेकर चारों तरफ जो चर्चा सुनी तो उनके यकीन नहीं हुआ कि उनकी बेटी घर से अचानक निकल कर दूसरे गांव में जाकर मन्दिर की दहलान में इस तरह अकारण फांसी लगाकर अपनी जान दे देगी ? थाना ठेमी में इस घटना को लेकर धारा 174 के तहत मर्ग कायम किया गया है और इस घटना को हुये लगभग 3 माह बीत गये हैं और पुलिस फिलहाल इस मामले को लेकर अभी तक जांच में जुटी हुई है किंतु वह अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है । घटना को करीब 3 माह बीत जाने के बाद अनुसूचित जाति के अंतर्गत आने वाले इस परिवार की बेटी की मौत आखिर कैसे हुई इस बात को लेकर मृतक बेटी के पिता ने अपनी बेटी की मौत की जांच में बरती जा रही लापरवाही को लेकर दिनांक 16 जून और 29 जून 2020 को पुलिस अधीक्षक, नरसिंहपुर को आवेदन देकर कुछ लोग जो उसकी बेटी को स्कूल से आते जाते समय छेड़खानी करते थे और उस लड़के के परिवार वालों को भी इस तरह उनकी बेटी के साथ की जाने वाली छेड़छाड़ की बात बताई थी जिसपर लड़के के परिजनों ने लड़के पर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई गई थी उस लड़के और उसके अन्य साथियों ने किसी अप्रिय घटना को करने के बाद उनकी बेटी को दूसरे गांव ले जाकर फांसी पर लटका दिया हो इसकी आशंका जाहिर की थी । उन्होंने अपनी बेटी की मौत के बाद पुलिस अधीक्षक को दिये आवेदन में बताया है कि मर्ग जांच में कार्रवाई किये जाने पर इस तरह के बयान भी दर्ज कराये गये थे जो उन्होंने दर्ज नहीं किये । उन्होंने बताया है कि मैंने मर्ग की जांच करने आई पुलिस को बताया था कि मेरी बेटी एक रसूखदार और दबंग परिवार का लड़का जबरदस्ती परेशान करता रहता था । मेरी लड़की करकबेल हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा बारहवीं में पढ़ती थी और खमरिया से रोजाना अप डाउन करती थी जहां पर अक्सर रास्ते में वह लड़की के साथ छेड़छाड़ करता रहता था यह बातें लड़की ने हमारे घर में भी बताई थीं तब मैंने कई बार उस लड़के को तथा उसके माता-पिता से उसकी शिकायत की थी लेकिन उन्होंने मेरी बात पर विशेष ध्यान नहीं दिया ,यह सब बातें पुलिस को बताई थी । लड़की के पिता ने यह भी बताया कि उनकी नाबालिग बेटी अपने जीते जी कभी गड़रियाखेड़ा नहीं गई थी, अगर वह घर से रात में गई थी तो वह गड़रियाखेड़ा क्यों गई होगी ? और अगर वह गई हुई थी तो उसने मंदिर में अचानक फांसी कैसे लगा ली जबकि वहां पर न किसी प्रकार की रस्सी थी और ना ही कुछ ऐसा था जिसके सहारे रस्सी का फंदा बनाकर वह फांसी पर झूल गई हो इसके बाद भी उसकी बेटी की मृत्यु की जांच नहीं हो रही है और जिनपर उन्हें शक है उनसे किसी भी प्रकार की पूछताछ पुलिस ने अभी तक नहीं कि है और यही वजह है कि पुलिस उनकी बेटी की मौत के 3 माह बीत जाने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है अतः उन्होंने इस मामले में आज कलेक्टर नरसिंहपुर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंप शीघ्र जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है ।