जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का आमरण अनशन शुरू, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता **सोनम वांगचुक** ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वह परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल हुए हैं और 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस आंदोलन के जरिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है।
27 जून तक दिया था सरकार को अल्टीमेटम
सोनम वांगचुक ने आंदोलन शुरू करने से पहले केंद्र सरकार को 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया था। उनका कहना था कि यदि सरकार परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो वह आमरण अनशन पर बैठेंगे। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय की जाए और नैतिक आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री **धर्मेंद्र प्रधान** इस्तीफा दें। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इसके लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।
देशभर के लोगों से उपवास रखने की अपील
अनशन के दूसरे दिन सोनम वांगचुक ने देशभर के नागरिकों, छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे अपने-अपने शहरों और गांवों में एक दिन का उपवास रखकर शिक्षा सुधार की इस मुहिम का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा और पर्यावरण उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण विषय हैं और इन दोनों मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
'लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर'
सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया कि जब लाखों छात्रों का भविष्य संकट में है, तब सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से आंदोलन से जुड़ने और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए एकजुट होने की अपील की।
प्रदर्शन स्थल पर सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप
आंदोलन से जुड़े लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए पीने के पानी और पोर्टेबल शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इन आरोपों के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी बहस तेज हो गई है।
सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
कई दिनों से आंदोलन जारी रहने और पिछले दो दिनों से सोनम वांगचुक के आमरण अनशन पर बैठने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का आमरण अनशन शुरू, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज