मप्र मानव अधिकार आयोग द्वारा बारह मामलों में संज्ञान

खबर नेशन / Khabar Nation

मप्र मानव अधिकार आयोग के माननीय सदस्य मनोहर ममतानी ने बारह मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
नशे में धुत कॅान्स्टेबल ने छात्र को पीटा, छात्रा के सामने कपड़े उतरवाने की कोशिश की

आयोग ने कहा- पुलिस कमिश्नर भोपाल एक माह में दें जवाब

भोपाल शहर के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में एमपी नगर थाने में पदस्थ एक कॅान्स्टेबल ने नशे में धुत होकर एक छात्रा के सामने उसके साथी छात्र के साथ मारपीट कर दी। साथ ही छात्रा के सामने ही उस छात्र के कपड़े उतरवाने की कोशिश की। कॅान्स्टेबल ने नशे में धुत होकर दोनों विद्यार्थियों से कहा, तुम लोग यहां गड़बड करते हो और माहौल खराब करते हो। इसके चलते लोग इकट्ठे हो गये और कॅान्स्टेबल को घेर लिया। घटना की जानकारी मिलने पर गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कॅान्स्टेबल को भीड़ से बाहर निकाला। एडिशनल डीसीपी ने उस कॅान्स्टेबल को लाइन अटैच कर दिया है। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर पुलिस कमिश्नर, भोपाल शहर से एक माह में जवाब मांगा है।
सूदखोर ने थाने में सिपाही से युवक को पिटवाया

आयोग ने कहा - पुलिस कमिश्नर भोपाल दें जवाब

भोपाल शहर के बजरिया थाने में एक युवक को थाने में बुरी तरह पीटने का मामला सामने आया है। मामला यूं है कि माता चैराहा रोशनबाग ऐशबाग निवासी गीतेश साहू रेलवे स्टेशन के छह नंबर प्लेटफार्म के सामने न्यू जैन भोेजनालय में काम करता है। तीन महीने पहले उसने मनीष अग्रवाल से तीन हजार रूपये उधार लिये थे। इसमें से वह नौ सौ रूपये लौटा चुका है। बीते शनिवार रात करीब आठ बजे सूदखोर मनीष अग्रवाल बजरिया थाने के सिपाही मनीष ठाकरे के साथ होटल पहुंचा और थाने ले जाकर पिटवाया। पीड़ित का कहना है कि उसे दो सिपाहियों ने मारा है। एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और दूसरे की जांच शुरू कर दी गई है। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर पुलिस कमिश्नर, भोपाल शहर से तथ्यात्मक जवाब मांगा है।
जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में देरी

आयोग ने कहा - सीएमएचओ सीहोर एक माह में दें जवाब

सीहोर जिला अस्पताल में बच्चों का जन्म होने पर उनके जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में भारी लेटलतीफी व लापरवाही बरतने का मामला प्रकाश में आया है। अभिभावकों ने कहा है कि बच्चे के जन्म के समय ही यदि जन्म प्रमाण पत्र मिल जाता है तो उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होती है, अन्यथा की स्थिति में जिला अस्पताल के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सीहोर से एक माह में जवाब मांगा है। आयोग ने सीएमएचओ से पूछा है कि 17 अक्टूबर 2022 तक कुल कितने जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के लिए लंबित हैं ? जन्म प्रमाण पत्र यथाशीघ्र समयबद्ध प्रणाली से जारी कराने की व्यवस्था करें, तत्पश्चात् प्रतिवेदन दें।
वार्डवासियों ने की अतिक्रमण कर रास्ता रोकने की शिकायत

आयोग ने कहा - कलेक्टर रायसेन एक माह में दें जवाब

रायसेन जिले के सांची नगर के वार्ड क्रमांक 14 में अतिक्रमण कर रास्ता रोकने को लेकर वार्डवासियों ने सीएमओ, तहसीलदार व थाना प्रभारी को आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की है। वार्डवासियों का कहना है कि उनके आने-जाने के लिये आठ फीट का रास्ता था, परंतु पार्षद पति द्वारा सार्वजनिक रास्ता रोक दिया गया तथा उस रास्ते पर ही भवन निर्माण किया जा रहा है। इससे लोगों को आने-जाने की विकट समस्या खड़ी हो गई है। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर कलेक्टर, रायसेन से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।
उज्जैन में कैदी की मौत

आयोग ने कहा - केन्द्रीय जेल अधीक्षक उज्जैन दें जवाब

उज्जैन स्थित केन्द्रीय जेल, भैरवगढ़ के एक कैदी की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार केन्द्रीय जेल में विचाराधीन कैदी असरार उर्फ इसरार की तबीयत ठीक न होने पर उसे इंदौर के एमवायएच रैफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर केन्द्रीय जेल अधीक्षक, भैरवगढ, उज्जैन से प्रतिवेदन मांगा है।                  

पुल नहीं, ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ती है नदी

आयोग ने कहा - कमिश्नर रीवा दो माह में दें जवाब

सतना जिले के संग्रामटोला में एक नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीण अब भी जान जाखिम में डालकर नदी पार कर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। बीते रविवार को इसके विरोध में ग्रामीण एकत्रित हुये और कलेक्टर, सतना के नाम पर ज्ञापन सौंपा। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर कमिश्नर, रीवा संभाग, रीवा से प्रकरण की जांच कराकर, समुचित कार्यवाही कर दो माह में जवाब मांगा है।
अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की गुंडागर्दी, अटेंडर को पीटा

आयोग ने कहा - कलेक्टर रीवा तीन सप्ताह में दें जवाब

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों ने गुंडागर्दी करते हुये सीएमएचओ के सामने मरीज के साथ आये एक परिजन की पिटाई कर दी। झगड़ा सर्जरी विभाग के आईसीयू में भर्ती मरीज को ब्लड चढ़ाने की बात को लेकर हुआ था। बीते शनिवार की सुबह जब इस मारपीट का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई। अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के परिजन के साथ मारपीट करने वाले दो गार्डस् को सस्पेंड कर दिया है। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर कलेक्टर, रीवा से प्रकरण की जांच कराकर समुचित कार्यवाही उपरांत तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
कई दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक्स-रे फिल्म नहीं, मरीज परेशान

आयोग ने कहा - सीएमएचओ बैतूल एक माह में दें जवाब

बैतूल जिले के चिचोची नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें नहीं मिल पा रहीं हैं। अफसरों की मनमानी से अस्पतालों का बड़ा बुरा हाल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लंबे समय से एक्स-रे फिल्म की कमी की बात कर मरीजों को एक्स-रे कराने के बाद भी फिल्म नहीं दी जाती है। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बैतूल से एक माह में जवाब मांगा है।
वार्डबॅाय ने नहीं की मदद, तो गर्भवती को गोद में लेकर मैटरनिटी हॅाल पहुंचा पति

आयोग ने कहा - कलेक्टर एवं सीएमएचओ शाजापुर एक माह में दें जवाब

शाजापुर जिला अस्पताल में एक वार्डबॅाय द्वारा मदद नहीं करने पर एक पति अपनी गर्भवती पत्नी को गोद में लेकर मैटरनिटी हॅाल तक ले गया। यह केवल इसलिए हुआ कि वार्डबॅाय ने मांगने पर भी स्ट्रेचर नहीं दिया, जिससे पति एक घंटे तक भटकता रहा और अंततः वह अपनी पत्नी को गोद में लेकर मैटरनिटी हॅाल तक पहुंचा। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शाजापुर से एक माह में जवाब मांगा है।
दमोह अस्पताल के परिसर में बिखरा मेडिकल वेस्ट, जिम्मेदार बेखबर

आयोग ने कहा - सीएमएचओ दमोह तीन सप्ताह में दें जवाब

दमोह जिला अस्पताल परिसर में यहां-वहां मेडिकल वेस्ट पड़ा होने का मामला सामने आया है। यह कृत्य घोर लापरवाही को दर्शाता है। जो मेडिकल वेस्ट सामग्री बंद वाहनों में जाना चाहिए वह खुले में जाती है। इस ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दमोह से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
मंदसौर: खेत में काम कर लौट रहे सात लोग डूबे, चार की मौत

आयोग ने कहा - कलेक्टर मंदसौर एक माह में दें जवाब

मंदसौर जिले के केरलिया गांव स्थित टापू से तोड़ाखेरी जाते समय सात लोग डूब गये। इनमें से एक किशोरी व एक पुरूष बाहर आ गये। देर रात तक चार महिलाओं के शव बरामद कर लिये गये, एक की तलाश जारी है। पुलिस व एनडीआरएफ ने रेस्क्यू किया। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर कलेक्टर, मंदसौर से एक माह में जवाब मांगा है। आयोग ने कहा है कि मृतकों के वारिसों को नियमानुसार देय मुआवजा राशि के संबंध में समुचित कार्यवाही करने के उपरांत ही प्रतिवेदन दें।
पैसे मांगने पर होटल मालिक ने नौकर की अंगुलियां काटीं

आयोग ने कहा -एसपी गुना एक माह में दें जवाब

गुना शहर के सिटी कोतवाल थानांतर्गत होटल में काम करने वाले एक युवक से होटल मालिक द्वारा की गयी हैवानियत सामने आई है। बूढे बालाजी निवासी युवक होटल में काम करता है। बीते 12 अक्टूबर को जब उसने होटल की लकड़ी काटने से मना कर दिया, तो गुस्साए होटल मालिक ने उसकी अंगुलियां काट दीं। पीड़ित लड़के की मां कोतवाली थाना पहुंची, यहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक, गुना से एक माह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।
आयोग में आवेदन लगाने पर आवेदिका को मिले दस लाख रूपये

मप्र मानव अधिकार आयोग में शिकायत करने पर सिंगरौली जिले की एक आवेदिका को दस लाख रूपये का भुगतान मिल गया है। यह राशि उन्हें उनके पति श्री नरेन्द्र रजक की सीवर सफाई के दौरान मृत्यु होने पर सहायता राशि के रूप में मिली है। प्रकरण के अनुसार सिंगरौली जिले के ग्राम चिनगी टोला निवासी सफाईकर्मी श्री नरेन्द्र रजक की सीवर सफाई करने के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस पर मृतक की धर्मपत्नी श्रीमती कमल कुमारी (आवेदिका) ने मप्र मानव अधिकार आयोग में आवेदन लगाकर उसे राज्य शासन द्वारा ऐसे मामले में दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि (एक्स गे्रसिया) दिलाने की मांग की थी। आवेदन मिलते ही आयोग ने प्रकरण क्रमांक 9127/सिंगरौली/2021 दर्जकर कलेक्टर, सिंगरौली से प्रतिवेदन मांगा था। आयोग ने मामले की निंरतर सुनवाई की। इस पर कलेक्टर, सिंगरौली ने आयोग को रिपोर्ट दी है कि आवेदिका को अनुग्रह राशि (एक्स गे्रसिया) 10 लाख रूपये का भुगतान कर दिया गया है। चूंकि आवेदिका को अनुग्रह राशि मिल चुकी है, अतः आयोग में यह मामला अब समाप्त कर दिया गया है।
आयोग में शिकायत करने पर रिटायर्ड एएसआई को मिले तीन लाख छह हजार रूपये

मप्र मानव अधिकार आयोग ने शिकायत करने पर भोपाल जिले के एक सेवानिवृत्त शासकीय सेवक (आवेदक) को उसकी लंबित पेंशन राशि 3 लाख 6 हजार 649 रूपये का एकमुश्ता भुगतान कर दिया गया है। हुआ यूं कि भोपाल जिले के सेवानिवृत्त स.उ.नि. (एम) आवेदक श्री सुखनन्दन माण्डेकर ने उनकी अक्टूबर 2020 से स्वीकृत पेंशन रोकने की शिकायत कर मप्र मानव अधिकार आयोग से उसे न्याय दिलाने का अनुरोध किया था। शिकायत मिलते ही आयोग ने प्रकरण क्र. 8771/भोपाल/ 2021 दर्जकर संभागीय पेंशन अधिकारी, सतपुड़ा भवन, भोपाल से प्रतिवेदन मांगा था। आयोग के निरंतर सुनवाई करने पर संभागीय पेंशन अधिकारी, सतपुड़ा भवन, भोपाल ने आयोग को बताया है कि आवेदक की अक्टूबर 2020 से स्वीकृत पेंशन का भुगतान उसे कर दिया गया है। आवेदक ने इस आशय की लिखित पुष्टि कर आयोग को धन्यवाद दिया है। चूंकि आवेदक को लंबित पेंशन राशि मिल चुकी है, अतः आयोग में यह मामला अब समाप्त कर दिया गया है।
आयोग में शिकायत करने पर आवेदक को मिला लंबित वेतन

मप्र मानव अधिकार आयोग ने शिकायत करने पर टीकमगढ़ जिले के एक शासकीय सेवक (आवेदक) को उसके पांच दिन के अर्जित अवकाश के लंबित वेतन का भुगतान कर दिया गया है। मामला कुछ यूं है कि जिला जेल, टीकमगढ में पदस्थ मुख्य प्रहरी क्र. 13 (आवेदक) हरगोविन्द सिंह भदौरिया ने उसके अर्जित अवकाश काल की पांच दिनों की अनाधिकृत अनुपस्थिति दिखाकर उसका वेतन काटने एवं जेल अधीक्षक, टीकमगढ़ के द्वारा अपने पद का दुरूपयोग कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत कर मप्र मानव अधिकार आयोग से उसके प्रकरण की जांच कराकर उसे न्याय दिलाने का अनुरोध किया था। शिकायत मिलते ही आयोग ने प्रकरण क्रमांक 1786/टीकमगढ़/2022 दर्जकर इसे जांच में ले लिया तथा महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, मप्र, भोपाल से प्रतिवेदन मांगा था। आयोग ने मामले की निंरतर सुनवाई की। इस पर जेल मुख्यालय, मप्र भोपाल द्वारा अवगत कराया गया है कि आवेदक श्री हरगोविन्द सिंह भदौरिया के पांच दिवस के रोके गये वेतन का भुगतान कर दिया गया है। चूंकि आवेदक की शिकायत का निवारण हो चुका है, अतः आयोग में यह मामला अब समाप्त कर दिया गया है। 

 

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गौरव चतुर्वेदी
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