लो खुल गया कांग्रेस में एकता का रास्ता
डबरा - खलघाट सम्मेलन संगत में पंगत की तर्ज पर रहा सरवर देवला में सुभाष यादव प्रतिमा अनावरण समारोह
कांग्रेस के सारे नेता रहे मौजूद , उम्मीद की किरण जागी
गौरव चतुर्वेदी / खबर नेशन / Khabar Nation

मध्य प्रदेश की राजनीति की दशा दिशा बदलने में खरगोन जिले का सरवर देवला उम्मीद की किरण का केंद्र बनता नजर आ रहा है। राजनीति के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय सुभाष यादव की प्रतिमा
अनावरण समारोह में लंबे समय बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के सारे बड़े नेता एक मंच पर नजर आए।
अनावरण समारोह में लंबे समय बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के सारे बड़े नेता एक मंच पर नजर आए।प्रतिमा अनावरण समारोह के बाद मौजूद कार्यकर्ताओं की आपसी चर्चा का लब्बोलुआब यह था कि "लो खुल गया कांग्रेस में एकता का रास्ता " । अगर कांग्रेस के बड़े नेता चाह ले तो डबरा एकता सम्मेलन , खलघाट सम्मेलन और संगत में पंगत की तरह सरवर देवला से इसकी शुरुआत की जा सकती है।
सरवर देवला में मध्यप्रदेश कांग्रेस के सारे बड़े नेता प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल , प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ , पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी ,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह , हनी बघेल,
बाला बच्चन ,रवि जोशी, रामेश्वर नीखरा, राजकुमार पटेल , राजा पटेरिया , दिनेश गुर्जर मौजूद रहे । कार्यक्रम की रूपरेखा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और पूर्व मंत्री सचिन यादव ने तैयार की थी । पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल स्वास्थ्य कारणों से नहीं आ सके ।
बाला बच्चन ,रवि जोशी, रामेश्वर नीखरा, राजकुमार पटेल , राजा पटेरिया , दिनेश गुर्जर मौजूद रहे । कार्यक्रम की रूपरेखा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और पूर्व मंत्री सचिन यादव ने तैयार की थी । पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल स्वास्थ्य कारणों से नहीं आ सके । गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में डबरा एकता सम्मेलन आयोजित किया गया था । जिसके सुखद परिणाम सामने आए थे। ऐसे ही वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के पूर्व मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ बनाए गए। तब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने संगत में पंगत कार्यक्रम चलाकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने का काम किया । जिसके फलस्वरूप 2018 में कांग्रेस की सरकार बन गई । हालांकि परंपरा अनुरूप दोनों ही बार सुखद परिणामों के बावजूद कांग्रेस में गुटबाजी हावी हो गई और सरकार चली गई । इसी के साथ ही खलघाट में एक
बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसके सूत्रधार तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुभाष यादव रहे । यह सम्मेलन भी काफी सफल रहा था।
बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसके सूत्रधार तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुभाष यादव रहे । यह सम्मेलन भी काफी सफल रहा था। इस बारे में मध्य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजकुमार पटेल का कहना है कि एक मायने में प्रतिमा अनावरण समारोह बहुत सफल रहा है । लंबे समय बाद किसी कार्यक्रम
में कांग्रेस के स्थानीय से लेकर बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। जो भविष्य की राजनीति के लिए सुखद संकेत है। उन्होंने स्वीकारा कि डबरा- खलघाट सम्मेलन, संगत में पंगत जैसे आयोजन हर अंचल पर समय-समय पर होते रहना चाहिए । इससे कार्यकर्ताओं को एकजुट और सक्रिय रखने में व्यापक मदद मिलती है।
में कांग्रेस के स्थानीय से लेकर बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। जो भविष्य की राजनीति के लिए सुखद संकेत है। उन्होंने स्वीकारा कि डबरा- खलघाट सम्मेलन, संगत में पंगत जैसे आयोजन हर अंचल पर समय-समय पर होते रहना चाहिए । इससे कार्यकर्ताओं को एकजुट और सक्रिय रखने में व्यापक मदद मिलती है।लिखें और कमाएं
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गौरव चतुर्वेदी
खबर नेशन
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