मुकाबले की स्थिति में नहीं, इसलिए भाजपा नेताओं को बदनाम कर रही कांग्रेसः डॉ.विजयवर्गीय
खबर नेशन / Khabar Nation
भोपाल। निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस घबराई हुई है। उसे पता है कि ना तो पिछले एक साल में उसकी सरकार प्रदेश की जनता के हित में कोई काम कर पाई है, ना ही वह जनता का विश्वास हासिल कर पाई है। कांग्रेस यह जानती है कि वह किसी भी तरह से भारतीय जनता पार्टी से सीधे मुकाबले की स्थिति में नहीं है। इसीलिए कांग्रेस सरकार भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाकर उन्हें समय से पहले हटा रही है, ताकि अपनी पसंद का प्रशासक नियुक्त करके चुनावों को अपने पक्ष में प्रभावित किया जा सके। यह बात भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने प्रदेश के चार निकायों के अध्यक्षों को हटाए जाने पर रोष प्रकट करते हुए कही।
लोकतंत्र में नहीं कांग्रेस की श्रद्धा, इसलिए कर रही अपमान
डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस की लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है इसीलिए वह जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को समय से पहले हटा रही है। जनता ने उन्हें पूरे कार्यकाल के लिये चुना था और सरकार को इन प्रतिनिधियों को उनका कार्यकाल पूरा करने देना था। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की लोकतंत्र में आस्था होती, तो वह निकाय चुनावों को टालती नहीं, समय पर कराती। ये चुनाव पहले की तरह दलीय चुनाव चिह्नों पर ही कराती और निकाय अध्यक्षों के चुनाव भी सीधे तौर पर जनता से ही कराती। डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश की जनता भी अब यह भलीभांति जान गई है कि कांग्रेस के मन में लोकतंत्र के लिए जरा भी सम्मान नहीं है।
भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करना उद्देश्य
डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस को पता है कि प्रदेश की जनता ने पिछले एक साल में सत्ताधारी दल के नेताओं की आपसी खींचतान, सरकार के मंत्रियों और नेताओं द्वारा मचाई गई लूट, विकास की उपेक्षा जैसी बातों को महसूस किया है और ऐसी स्थिति में कांग्रेस के लिये जनता का विश्वास हासिल कर पाना मुश्किल है। इसलिए कांग्रेस की सरकार भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों को कोई न कोई आरोप लगाकर हटा रही है, ताकि जनता के बीच उनकी, भाजपा नेताओं की छवि खराब की जा सके और अपनी चुनावी संभावनाओं को बढ़ाया जा सके। लेकिन प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस कुत्सित प्रयास को कभी सफल नहीं होने देगी।