महाकाल का रास्ता 15 दिन से रोका गया है, यह असह नीय हैः मोहन यादव

 

 

विरोध करने वाले से रासुका वापस ले सरकार

 खबर नेशन / Khabar Nation

 भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के नेता और उज्जैन दक्षिण से विधायक श्री मोहन यादव ने विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर का मार्ग पिछले 15 दिन से रोके जाने की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। आज पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल का रास्ता अवैधानिक रूप से रोकना असहनीय है। सरकार द्वारा ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है जो प्रदेश में धार्मिक भावनाएं भड़काने का काम कर रहे है। वहीं दूसरी ओर इस प्रकार के कृत्य करने वालों का विरोध करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे शीघ्र अतिशीघ्र इस अवैध धरने को समाप्त कराए और इसके विरूद्ध आवाज उठाने वाले योगेश सांगते नामक कार्यकर्ता से रासुका हटवाएं।

 

                श्री यादव ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने के नाम पर एक दिन का धरना देने की परमिशन मांगी गयी थी, लेकिन यह धरना पिछले 15 दिन से लगातार जारी है और यह धरना ऐसे मार्ग पर दिया जा रहा है जो महाकाल मंदिर जाने का प्रमुख मार्ग है। यहां पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालु रोजाना मंदिर में दर्शन करने से रोके जा रहे है। इससे स्पष्ट होता है कि धरना देने वालों का इरादा केवल सीएए का विरोध नहीं है बल्कि वे धार्मिक उन्माद पैदा करना चाहते है। श्री यादव ने कहा कि समाज में किसी प्रकार की अप्रिय स्थितियां निर्मित नहीं हो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होती है। लेकिन दुर्भाग्य से प्रशासन से इस प्रकार की गतिविधियों को बढावा दे रहा है, जिससे माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ती जा रही है। हमारे अनुसूचित जाति के जिस कार्यकर्ता पर रासुका के तहत कार्यवाही की गयी है उसने केवल धरना समाप्त कराने की मांग की थी। स्वभाविक है जिसकी धार्मिक भावनाएं आहत होती उसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त है। लेकिन दुर्भाग्य से मध्यप्रदेश की सरकार की तुष्टिकरण की नीति के चलते अभिव्यक्ति की आजादी को बेरहमी के साथ कुचल रही है। उन्होंने कहा कि यह सब सहन करने योग्य नहीं है। अच्छा होगा जनाक्रोश भड़कने से पहले सरकार उचित कार्यवाही करे।

 

 

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