आखिर शिवराज के निशाने पर कौन दिग्विजय या कमलनाथ ?

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गौरव चतुर्वेदी/ खबर नेशन/Khabar Nation

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  के निशाने पर कांग्रेस का कौन बड़ा नेता हैं ? जिसे शिवराज सिंह चौहान निपटाना चाहते हैं । राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह या पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ में से कौन हो सकता है। इस मामले में आखिर केन्द्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की क्या भूमिका हो सकती है ?

गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व मध्यप्रदेश की स्मार्ट सिटी में गड़बड़ियों को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सख्त तेवर अपनाए हुए थे । उल्लेखनीय है कि जिस कार्यकाल की जांच की जा रही है उस समय नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह हुआ करते थे,जो मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र हैं। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डाली जाए तो भाजपा दिग्विजय सिंह के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाए हुए हैं। हाल ही में सिंधिया गुना जिले के दौरे के दौरान मंत्री बनने के बाद पहली बार राघौगढ़ पहुंचे और किले में सेंध लगा दी..राघौगढ़ दिग्विजय सिंह का गढ़ माना जाता है।

सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच तीखी बयानबाजी के दौरान जयवर्धन भी कूद पड़े। इसलिए इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि सिंधिया को खुश करने शिवराज ने यह कदम उठाया हो। इसकी एक और वजह है वर्तमान परिस्थिति में दिग्विजय सिंह कांग्रेस के एकमात्र नेता हैं जो लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं और अपनी उपस्थिति को दर्ज करा रहे हैं। भविष्य की राजनीतिक जमावट के लिहाज से भी दिग्विजय के दौरे उन्हें फायदा दिला पाएंगे ये भविष्य के गर्भ में है, हांलांकि इसका सबसे ज्यादा फायदा जयवर्धन सिंह को ही मिल सकता है।

अगर दूसरे लिहाज से परिस्थितियों का आकलन करें तो कमलनाथ "करो या मरो" का संकल्प लेकर मध्यप्रदेश छोड़ने के लिए तैयार नहीं  हैं। कमलनाथ के नजदीकी सूत्रों के अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने से और कांग्रेस की सरकार गिराए जाने से कमलनाथ जबरदस्त आहत हुए हैं। भविष्य में कमलनाथ अपने कार्यकाल और शिवराज की कांग्रेस सरकार गिरने के बाद के कार्यकाल की तुलना करते हुए मुद्दा बना सकते हैं । महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कोरोनाकाल से पीड़ित जनता का रुख भविष्य में चुनाव परिणामों पर असर डालेगा। इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसी के साथ ही कमलनाथ के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय सभी विभागों में दखलंदाजी को लेकर भी चर्चा में रहता था । हो सकता है कोई तार ऐसा मिले जो सीधे-सीधे कमलनाथ को आरोपों के कटघरे में खड़ा कर दे।

कमलनाथ के प्रयासों का फल भी उनके पुत्र नकुलनाथ को मिलेगा । जो छिंदवाड़ा से सांसद हैं । कांग्रेस के अंदरूनी हालात में दिग्विजय जयवर्धन जहां जनजागरण यात्रा का अभियान छेड़े हुए हैं वहीं कमलनाथ और नकुलनाथ इस यात्रा से दूरी बनाए हुए हैं ।

गड़बड़ी की जांच के लिए छवि भारद्वाज ?

गड़बड़ियों की जांच के लिए सख्त तेवरों की आई ए एस अधिकारी छवि भारद्वाज के नेतृत्व में सात सदस्यीय हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है। छवि भारद्वाज इन दिनों मेट्रो रेल परियोजना की एम डी हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के दौरान छवि भारद्वाज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में पोस्टेड थी। नसबंदी को लेकर एक आदेश पर बवाल होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें हटा दिया था ।

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