भाजपा सांसद और जिला प्रशासन के रवैए ने आदिवासी अंचल का अस्पताल बंद करवाया

 

झाबुआ के वरदान अस्पताल को बंद करने की घोषणा की डॉक्टर विक्रांत भूरिया ने

खबर नेशन /Khabar Nation
गुजरात सीमा से जुटे मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल झाबुआ जिले के वरदान अस्पताल को बंद करने का निर्णय लिया गया है । अस्पताल के संचालक डॉ विक्रांत भूरिया ने इस निर्णय को लेकर फेसबुक पर पोस्ट कर अस्पताल बंद करने का जिम्मेदार भारतीय जनता पार्टी के सांसद गुमान सिंह डामोर पर लगाया है । गौरतलब है कि डॉक्टर विक्रांत मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वर्तमान में झाबुआ से विधायक कांतिलाल भूरिया के पुत्र हैं ।
डॉक्टर विक्रांत भूरिया की फेसबुक पोस्ट के अनुसार

Vardaan_Hospital_झाबुआ अपनी सेवाएं बंद कर रहा है 

मेरे प्यारे साथियों, आप सभी जानते हैं कि हमने किस परिस्थिति में  वरदान 8 साल पहले शुरू किया था  ।जब कोई भी झाबुआ में अपनी चिकित्सा सेवा नही देना चाहता था कोई निजी अस्पताल नही था ... मैंने वरदान को सिर्फ सेवा का माध्यम ही माना है और यही कोशिश करी है कि किसी को दाहोद जाने की ज़रूरत न पड़े और इसी उद्देश्य से पिछले 8 साल से झाबुआ के मरीज़ों की सेवा कर रहे हैं । 
आज मुझे यह आप सबको बताते हुए दुख हो रहा है की राजनीतिक_स्वार्थ के लिए कुछ राजनीतिक लोग इसे नही चलने देना चाहते ... उन्हें किसी से मतलब नही की कौन जिये कौन मरे ... इसमें विशेषकर ओम शर्मा जी ( त्रिपुरा नर्सिंग कॉलेज ) और BJP सांसद_गुमान सिंह डामोर की मुख्य भूमिका रही है । कल ऐसे ही एक वाक्या ने मानवता को शर्मसार कर दिया 
" कल एक महिला को जुड़वा बच्चे थे , और डिलीवरी नही हो पाने के कारण EMERGENCY में ऑपेरशन करना बहुत ही ज़रूरी था  , पर इन लोगों ने जिला अस्पताल से डॉ सावन को anesthesia देने नही आने दिया गया  और फिर उसे इमरजेंसी में Dahod भेजना पड़ा " ... वह मरीज रोते हुए गयी पर हम कुछ नही कर सके  ।
यह मामला कलेक्टर साहब के भी संज्ञान में लाया गया था , फिर भी कोई मदद नही मिली । 
" यह विडंबना है की कोरोना से लड़ने के लिए उन्हें हमारे अस्पताल की ज़रूरत है पर किसी की जान बचाने के लिए वो एक डॉक्टर को हमारे अस्पताल नही भेज सकते  ।"
इसलिए आज से हमने अपने दिल पर पत्थर रख कर यह निर्णय लिया है कि हम "वरदान हॉस्पिटल झाबुआ बन्द कर रहे हैं " 
आप सबने जो स्नेह और प्यार दिया उसके लिए वरदान आपका आभारी रहेगा ।

आपका
डॉ विक्रांत

इस पोस्ट को लेकर जब डॉ विक्रांत से बात की तो उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में मुसीबत के समय हम निस्वार्थ सेवा देते हैं । भाजपा नेताओं को भी उचित सम्मान देकर इलाज करता हूं । लेकिन कल के व्यवहार से आहत होकर कठोर मन से निर्णय लें रहा हूं । जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह अंतिम फैसला है तो उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन लिखित आश्वासन देता है कि आवश्यकता पड़ने पर जरुरी मदद की जाएगी तभी अस्पताल चालू करने का निर्णय लेंगे ।

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