दूध को लेकर जनता,अधिकारियों और विक्रेताओं के बीच हुआ संवाद
खबर नेशन / khabar nation
इंदौर। जागरूक उपभोक्ता समिति द्वारा मिलावट के खिलाफ जागरूकता कायर्क्रम रखा गया। " दूध अमृत है, इसे विष ना बनाए, ग्राहक जागरूक है ,इसे मूर्ख ना बनाएं" के इस अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन प्रीतमलाल दुआ सभागृह पर किया गया। कर्यक्रम का संचालन एडीपीओ गोकुल सिसोदिया ने किया। जिसकी अध्यक्षता अपर कलेक्टर बी.बी.एस. तोमर ने की। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ प्रवीण जड़िया एवं विशेष अतिथि खाद्य आपूर्ति नियंत्रक एल. मुजाल्दा आर के द्विवेदी, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर के.एस वर्मा, खाद एव औषधि विभाग से मनीष स्वामी, दूध संघ के प्रदेश अध्यक्ष भरत मथुरावाला की ख़ास मौजूदगी में इंदौर जिले में दूध की गुणवत्ता को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। उपभोक्ताओं ने दूध में होने वाली मिलावट को रोकने के लिये अपनी अपनी बातें रखी,किस प्रकार से मिलावट की रोकथाम कि जाए इसके बारे में अध्यक्ष तोमर साहब ने बताया एवं उपभोक्ताओं को अपने पर्सनल नंबर देकर खाद्य पदार्थ की शिकायत करने के लिए आग्रह किया। एवं उसका समाधान भी एडीएम द्वारा किस प्रकार से किया जाएगा इन सब की जानकारी प्रदान की।खाद्य एव औषधि विभाग ने भी अपनी जानकारी दी कि ग्रामीण स्तर पर भी निगरानी समितियों का चयन किया जाए, इंदौर में लेब खोलने की बात कही। महू और सांवेर से आये किसानों ने भी अपनी बात प्रशासन के सामने रखी। कर्यक्रम में आमूल ,साँचीं,सबोरो और श्रीधी जैसी बड़ी कंपनियों ने प्रर्दशनी लगाई। जागरूक उपभोक्ता समिति की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार अमोलिया, राष्ट्रीय महासचिव विकास नरवाल,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष सी.एस. ठाकुर, संगठन मंत्री सुरेंद्र ठाकुर आदि ने स्वागत किया। राष्ट्रीय महिला विंग की अध्यक्ष रागिनी गुप्ता ने सभी का आभार माना। मध्य प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जिसमें एक ही मंच पर उपभोक्ताओं ने अपनी बातों को रखा। दूध किसान संघ ने भी अपनी समस्याओं से अवगत कराया। लूज दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष और पैक्ड मिल्क की कई कंपनियों ने जैसे अमूल, साँची ,श्रीधी,सबोरो ,जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी दूध इन्डस्ट्री से जुड़ी समस्याओं को बताया। जिले में उनके कार्यक्षेत्र से जुड़े सबसे बड़े अधिकारियों के सामने जैसे खाद्य एवं औषधि विभाग, नापतोल विभाग, फूड कंट्रोलर जिला आपूर्ति नियंत्रक , नगर निगम इंदौर के अधिकारियों ,एवं जिला प्रशासन के सामने अपनी बातों को रखा।