ये कैसा नियम... घरों के ऊपर से गुजरी मौत की लाईन
भोपाल, 19 मामलों में संज्ञान
मप्र मानव अधिकार आयोग के मान. अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी ने ‘19 मामलों में संज्ञान’ लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
खबर नेशन/ Khabar Nation
घर की छत पर खेल रही 10वीं की छात्रा पर गिरी बिजली, मौत
भोपाल शहर के शाहपुरा अंतर्गत ईश्वर नगर निवासी विशाल यादव की बेटी देविका 10 वीं की छात्रा थी। वह बीते रविवार की शाम को बारिश के वक्त घर की छत पर खेल रही थी। इसी दौरान उसके उपर आकाशीय बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। थाना प्रभारी, शाहपुरा के मुताबिक परिजनों ने उसे बेहोशी की हालत में एम्स हास्पिटल पहुंचाया, जहां डाक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर मृतका के वैध वारिसों को शासन के नियम/योजनानुसार देय मुआवजा राशि के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।
कुएं में मिली गर्भवती महिला की लाश
भोपाल जिले के गुनगा थानाक्षेत्रांतर्गत जैतपुरा में बीते गुरूवार की सुबह एक गर्भवती महिला शिवानी मीणा घर से बिना बताये कहीं चली गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने घर के पास कुएं का पानी खाली कराया, तो उसमें शिवानी की लाश मिली। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर एक माह मेंजवाब मांगा है।
एक दर्जन खुले चैंबरों से खतरा
भोपाल शहर में खुले सीवर के चैंबर राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिये खतरा बने हुये हैं। बीते साल नगर निगम ने इन्हें कवर्ड करवाने का काम शुरू किया था, लेकिन चुनिंदा चैंबरों को ही ढंका गया। हमीदिया रोड पर ही एक दर्जन से ज्यादा चैंबर खुले ही छोड़ दिये गये। यही नहीं सार्वजनिक स्थानों पर चैंबर जानलेवा बने हुये हैं। पुलिस बोगदा से बरखेड़ी तक कई चैंबर न सिर्फ मेन रोड़ पर खुले हैं, बल्कि यहां से संकरी गलियों का जुड़ाव है। वाहन चालकों की मामूली लापरवाही से हादसा हो सकता है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह मंे जवाब मांगा है।
फोरलेन का फुटपाथ मिट्टी से पाट दिया, रोड़ पर फैला कीचड़, लोग परेशान
भोपाल शहर के भेल क्षेत्रांतर्गत इंद्रपुरी-भवानीधाम रोड़ से आवाजाही राहगीरों और वाहन चालकों के लिये मुश्किल भरी बनी हुई है। पहले दो-तीन साल तक एक लेन आवाजाही के लिये बंद रही, तो उक्त रोड़ पर बन रहे ग्लोबल स्किल पार्क से मिट्टी खोदकर फोरलेन के न सिर्फ फुटपाथ को पाट दिया गया, बल्कि आधे रोड़ पर मिट्टी फैलने से राहगीरों के पैदल चलने तक की जगह नहीं बची है। यही नहीं एक लेन पर बारिश के चलते कीचड़ फैल गया है, इससे हादसे की आशंका बढ़ गयी है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर किसी व्यक्ति की लिखित शिकायत के बिना ही मौके पर पायी गयी स्थिति अनुसार फुटपाथ को हितग्राहियों के उपयोग योग्य बनाये जाने की कार्यवाही के संबंध में 15 दिन में जवाब मांगा है।
मामूली बारिश में ही रैन बसेरे में मुश्किल हुआ बसेरा
भोपाल शहर के यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क के पास स्थित रैन बसेरा के आधे हिस्से में हल्की बारिश के दौरान ही पानी टपकना शुरू हो गया है। यहां पर आने वाले लोगों ने बताया कि तेज बारिश के दौरान तो आसपास से भी पानी आना शुरू हो जाता है। यहां पर परिसर में लगे शेड से भी पानी टपकने लगता है, जिसकी वजह से भोजन करना तक दूभर हो गया है। तेज बारिश में तो सोने तक की समस्या खड़ी हो जाती है, क्योंकि पलंग पानी में पूरी तरह से तर-बतर हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें रात जागकर काटना पड़ती है। बीती रात हुई बारिश के चलते एक दैनिक समाचार पत्र की टीम ने रैन बसेरे का निरीक्षण किया, तो रोड़ पर दिनभर खुले आसमान के नीचे गुजर बसर करने वाले लोग गीले पलंग पर सोते मिले। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर भोपाल क्षेत्र के सभी रैन बसेरों के संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित कराकर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
आउटसोर्स कर्मियों को न वेतन दिया जा रहा, न पीएफ की राशि जमा हो रही
भोपाल शहर में कई निजी और सरकारी संस्थानों में आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता है। साथ ही उनका भविष्य निधि (पीएफ) भी जमा नहीं होता है। इस वजह से कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें अपने घर का खर्च चलाने के लिए पैसा उधार लेना पड़ता है। पैसों की कमी के चलते वे अपने बच्चों की फीस भी समय पर जमा नहीं कर पाते हैं। ये कर्मचारी जहां-तहां शिकायत करते हैं, पर उनकी समस्या का निदान नहीं हो रहा। ऐसे कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर ईधर-उधर भटकते रहते हैं। ऐसा ही मामला नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन का सामने आया है। यहां एक दर्जन से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को उनकी एजेंसी ने दो माह से न तो वेतन दिया है और न ही उनके पीएफ का पैसा जमा हो रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रसाशन, मप्र शासन, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर त्रुटिकर्ता एजेंसी के विरूद्ध की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
16 वर्षीया नाबालिग के साथ उसके परिजनों के सामने की छेड़छाड़
भोपाल शहर के पिपलानी इलाके में एक 16 वर्षीया नाबालिग लड़की के साथ उसी के मोहल्ले में रहने वाले अभिषेक नामक युवक ने बच्ची के परिजनों के सामने ही उसके साथ गाली-गलौच और छेड़छाड़ कर दी। बच्ची नवमी कक्षा में पढ़ती है। पिपलानी थाना पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में 15 दिन में जवाब मांगा है।
14 वर्षीया नाबालिग के साथ पड़ोसी ने की छेड़छाड़, पीडिता की मां को भी धमकाया
भोपाल शहर के अशोका गार्डन थानाक्षेत्र में एक 14 वर्षीया नाबालिग लड़की के साथ उसी के पड़ोसी युवक द्वारा छेड़छाड़ करने और बच्ची की मां को धमकाने का मामला सामने आया है। नाबालिग बच्ची अपने किसी पड़ोसी और दोस्त किसी अन्य बच्ची के घर रोजाना आती-जाती है। यह बात दोस्त लड़की के चचेरे भाई को नागवार गुजरती है। पीड़िता की दोस्त का चचेरा भाई ट्रक क्लीनर है। उसने पीड़िता को धमकाया कि वह उसकी चचेरी बहन के घर न आया-जाया करे। फिर भी नाबालिग बच्ची अपने दोस्त के घर जाती रही तो ट्रक क्लीनर ने पीड़िता की मां को भी धमकाया और नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ भी कर दी। पीड़िता बच्ची की मां की शिकायत पर अशोक गार्डन थाना पुलिस ने आरोपी पर के विरूद्ध मामला दर्ज कर लिया है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में 15 दिन में जवाब मांगा है।
बकरी चराने गया 10 साल का बच्चा तालाब में डूबा
भिण्ड जिले के सुरपुरा थानांतर्गत रमा कोट की मढैयन में बीते रविवार की सुबह आकाश गांव के लड़कों के साथ बकरी चराने गया था। वह तालाब के पास खेल रहा था, तभी पैर फिसलने से वह तालाब के गहरे पानी में डूब गया। गांव के लड़कों ने आकाश के घर पर यह खबर दी, जिसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में तालाब में कूदकर उसको बाहर निकाला और उपचार के लिये अस्पताल लाये। जहां डाक्टर्स ने चैकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कामय कर प्रकरण विवेचना में ले लिया है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, भिण्ड से प्रकरण की जांच कराकर मृतक के वैध वारिसों को शासन के नियम/योजनानुसार देय मुआवजा राशि के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।
सात माह पहले 17 परिवारों को दिये जमीन के पट्टे, किसकी जमीन कहां, यह उनको पता नहीं
भिण्ड जिले की नगर परिषद् आमलमपुर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 17 गरीब परिवारों को शासकीय जमीन के पट्टों का वितरण किया गया था, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी हितग्राहियों को यह पता नहीं है कि उन्हें जिस जगह पट्टा दिया गया है उस जमीन पर उनका पट्टा कौनसा है ? इन बीते छह माह में जिम्मेदार अधिकारियों ने भी हितग्राहियों की सुध भी नहीं ली है। यही कारण है कि संबंधित हितग्राही सड़क किनारे परिवार सहित झुग्गी-झोंपड़ी में रहने को मजबूर हैं। माामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, भिण्ड से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह जवाब मांगा है।
ये कैसा नियम... घरों के ऊपर से गुजरी मौत की लाईन
भिण्ड शहर के कई इलाकों में घरों के ऊपर से मौत (बिजली की 33 व 11 केवी) लाईन गुजरी है। हल्के आंधी, तूफान और बारिश में यह टूटकर घरों पर गिर जाती है, जिससे हादसे का डर बना रहता है। यह बात बिजली कंपनी के अफसर भी बखूबी समझ रहे हैं, लेकिन शिफ्टिंग चार्ज न मिलने के कारण इसे हटा नहीं रहे हैं। परिणामस्वरूप लोग अपने ही घरों में डर कर रहने को मजबूर हैं। सीई, एमपीईबी, मुरैना का कहना है कि हमारी लाईन पुरानी है, लोगों नेे मकान बाद में बनाये हैं। यदि लोगों को लाईन शिफ्ट कराना है, तो उसका शिफ्टिंग चार्ज उन्हीं को देना होगा। हमारी कंपनी की यही पाॅलिसी है। यदि लोग खर्चा नहीं दे सकते तो नगर पालिका या जनप्रतिधि खर्चा दें, तो हम लाईन शिफ्ट कर सकते हैं। माामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, भिण्ड एवं मुख्य प्रबंध संचालक, मध्यक्षेत्र विविकंलि, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह जवाब मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि 01. एचटीसी लाईन के नीचे मकान बनाये जाने के दौरान उनके क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों ने ऐसे निर्माण को रोकने के लिया क्या-क्या कार्यवाही की ? 02. क्षेत्र में पदस्थ किन-किन लोक सेवकों/अधिकारियों की त्रुटि से ऐसे निर्माण हुये जिनसे मानव जीवन संकटमय हो रहा है ? 03. ऐसे नियम विरूद्ध मकानों के निर्माण के दौरान क्षेत्र में पदस्थ रहे अधिकारियों की प्रथम दृष्ट्यां प्रकट उपेक्षा के संबंध में विभागीय स्तर पर क्या-क्या कार्यवाही की गई ?
अपनी औकात में रह, कोई तेरी तो एफआईआर भी नहीं करेगा
मंदसौर जिले में एक राजनैतिक व्यक्ति ने महिला टोलकर्मी से बदसलूकी कर धमकी देकर बोला कि अपनी औकात में रह, कोई तेरी तो एफआईआर भी नहीं करेगा। मामला टोल के पैसों को लेकर था। राजनैतिक व्यक्ति द्वारा महिला टोलकर्मी के साथ बदसलूकी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो महिला टोलकर्मी को गंदी-गंदी गालियां देकर धमकी देते नजर आ रहे हैं। जबकि इसके जवाब मंे महिला टोलकर्मी कह रही है कि सर, आपकी टोल राशि फास्ट टैग से पहले ही कट चुकी है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक, मंदसौर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।
असहाय लोगों की योजना पर अपात्र डाल रहे डाका
रायसेन जिले की सांची जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम बिलोरी में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक लोग मेडिकल बोर्ड से प्रमाण पत्र बनवाने में सफल हो चुके हैं। बताया जाता है कि जो पूरी तरह स्वस्थ हैं, वह भी विकलांगता प्रमाण पत्र हासिल करने के उपरांत सरकारी योजनाओ का लाभ विकलांग बनकर उठाने में लाईन में लग चुके हैं। इस प्रकार असहाय लोगों की योजना पर समर्थ और अपात्र लोग बेवजह ही लाभ उठा रहे हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, रायसेन से प्रकरण की जांच कराकर एक माह में जवाब मांगा है।
शिकायतों के बाद भी अदिवासी आनंद राव धुर्वे को नहीं मिल रहा न्याय
बैतूल जिले के आठनेर जनपद पंचायत क्षेत्र में पदस्थ तीन इंजीनियर बाधों के नाम पर जमकर गोलमाल कर रहे हैं। आठनेर जनपद में दस बांध बने हैं। सभी के निर्माण में जेसीबी का उपयोग किया गया है। इसी जनपद क्षेत्र के एक आदिवासी किसान आनंद राव धुर्वे ने शिकायत की है कि उसकी निजी जमीन पर जबरन और बिना अनुमति के अमृत सरोवर का निर्माण कर दिया गया है। उसने कई जगह शिकायत की पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब पीड़ित किसान ने कलेक्ट्रेट में आवेदन देकर इंजीनियर पर एफआईआर कराने की मांग की है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, बैतूल से प्रकरण की जांच कराकर एक माह में जवाब मांगा है।
सर्पदंश से बच्ची की मौत
खरगोन जिले के झिरन्या तहसील क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव में सर्पदंश से एक बच्ची की मौत हो गई। सर्पदंश के बाद बच्ची के माता-पिता उसे इलाज के लिए डाॅक्टर के पास न ले जाकर झाड़-फूंक कराने के लिए किसी ओझा के पास ले गये। इससे बच्ची को समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, खरगोन से प्रकरण की जांच कराकर मृत बच्ची के वैध वारिसों को शासन के नियम/योजनानुसार देय मुआवजा राशि के संबंध में की गई कार्यवाही के बारे में एक माह में जवाब मांगा है।
बदसलूकी का वीडियो बनाया, तो जवानों ने छात्रों को पीटा
इंदौर शहर में रेल पुलिस द्वारा दो छात्रों गोलू कुशवाह एवं राम दांगी पर ज्यादती करने का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्रों का आरोप है कि रेलवे के जवान स्टेशन पर बुजुर्ग व महिलाओं से बदसलूकी से पेश आ रहे थे। इसी दौरान उनकी बदसलूकी का वीडियो बनाया तो उन्होंने हमें देख लिया। फिर थाने लाकर लाठियों से बदमाशों की तरह पीटा। करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर भी रखा गया। मामले में छात्रों ने पुलिस अधीक्षक, रेल को भी शिकायत की है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक, रेल (जीआरपी), इंदौर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।
खेत बखरने से मना किया तो महिला को ट्रेक्टर से कुचला, चार घायल
नर्मदापुरम जिले के सुहागपुर के रेवामुहारी गांव में छोटे घांस की भूमि को लेकर दो पक्षों में भारी विवाद हो गया। इसके बाद एक अधेड़ महिला मायाबाई मालवीय पर टेªक्टर चढ़ाकर उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना चार अन्य लोग भी घायल हो गये है। मृतका के पुत्र ने पुलिस को बताया कि आरोपी विक्रम एवं प्रमोद मेहरा ट्रेक्टर लेकर छोटे घांस के खेत में आये और खेत बखरने लगे। खेत बखरने से मना करने पर आरोपियों ने गालियां देकर विवाद किया। इसके बाद दो अन्य आरोपी गुड्डू मेहरा और विनोद मेहरा भी हथियार लेकर आ गये। झगड़े में आरोपियों ने मायाबाई के साथ मारपीट की इसके बाद ट्रेक्टर पर बैठे विक्रम एवं प्रमोद ने मायाबाई पर ट्रेक्टर चढ़ा दिया। इससे मायाबाई की मौत हो गई। इस खूनी संघर्ष को लेकर पुलिस ने आरोपियों खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने एसपी नर्मदापुरम से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्माह में जवाब मांगा है।
पुलिस ने रातों-रात दीवार खड़ी कर दी, स्कूल जाने का रास्ता ही ब्लाॅक कर दिया
दमोह जिला पुलिस द्वारा दमोह शहर के सेंट जाॅन्स सीनियर सेकेण्डरी स्कूल के सामने रातों-रात एक दीवार खड़ी कर दी गई। सुबह जब बच्चे स्कूल पहंुचे तो स्कूल के अंदर जाने का रास्ता ही ब्लाॅक मिला। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। स्कूल की प्राचार्य ने मीडिया को बताया कि इस दीवार को खड़ी करने से पहले पुलिस प्रशासन ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी। पुलिस द्वारा की गई इस हरकत का वहां के नागरिकों ने भारी विरोध किया। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, दमोह से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के बारे में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
गाज गिरने से एक की मौत, तीन घायल
उमरिया जिले के घुनसु गांव में आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप् से घायल हो गये। ये चारों व्यक्ति सबमर्सिबल पंप लगा रहे थे। तभी गाज गिरी, जिसमें कमलेश काछी की मौके पर ही मौत हो गई और उसके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गये। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, उमरिया से प्रकरण की जांच कराकर मृतक के वैध वारिसों को शासन के नियम/योजनानुसार देय मुआवजा राशि एवं तीनों घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था के संबंध में की गई कार्यवाही के बारे में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
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