ऐसा कौन सा मंत्र फूंका खजराना टी आई ने पुलिस कमिश्नरी अफसरों के कानों में ? कि भोपाल में बैठे उच्च अधिकारियों के आदेश की अवहेलना कर बैठे

 

मामला अपहरण-हत्या-मनीलांड्रिग के आरोपियों पाकीजा समूह के खिलाफ जांच भी अटक गई

पांच साल में सिर्फ आरोपी और फरियादी के बयान हो पाए

अब कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास 

पाकीजा समूह से थाने पर करवाया रिनोवेशन का काम 

गौरव चतुर्वेदी/ खबर नेशन/Khabar Nation

मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के बड़े व्यावसायिक समूह पाकीजा के मालिकों मकसूद गौरी, मंसूर गौरी और शादाब गौरी पर अपहरण, हत्या , और सौ करोड़ की मनी लांड्रिंग के आरोपों को लेकर जिला न्यायालय में परिवाद दायर है। पाकीजा समूह में काम करने वाली एक महिला नसीम मोटरवाला पांच साल से गायब है। इस मामले को लेकर खबर नेशन डॉट कॉम ने विस्तृत खबर प्रकाशित की थी जिसे नीचे दी गई लिंक पर जाकर पढ़ा जा सकता है।
http://khabarnation.com/crim/Money-Laundring-Missing-Woman-Accountent
इंदौर की खजराना और मुंबई की डी बी मार्ग पुलिस स्टेशन ने अभी तक सिर्फ आरोपी और फरियादी के बयान ही लिए हैं। दोनों ही जगह पर शिकायत का एक जैसी स्थिति में होना संदेह को जन्म दे रहा है। फरियादी अशफाक पालवाला  गायब महिला नसीम मोटरवाला जो उसकी पत्नी है कि हत्या की आशंका व्यक्त कर रहा है। पाकीजा समूह और इंदौर की खजराना पुलिस आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अशफाक पालवाला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा रहा है।
इस मामले को लेकर अशफाक का कहना है कि जब शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने भोपाल में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय में बैठे उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई थी। जिस पर भोपाल में बैठे उच्च अधिकारियों ने तत्परता पूर्वक इंदौर पुलिस के उच्च अधिकारियों को टेलीफोन पर सूक्ष्मता से जांच करने निर्देशित किया था। जब फरियादी इंदौर पुलिस के कमिश्नर रैंक के अधिकारियों से मिला तो उन्होंने खजराना थाने को निर्देशित कर फरियादी को मिलने बोला। 
फरियादी ने बताया कि वह खजराना थाना प्रभारी दिनेश वर्मा से मिला । सारी शिकायत सुनने के बाद थाना प्रभारी ने इंदौर पुलिस कमिश्नरी के उच्च अधिकारियों से फोन पर चर्चा की और मुझे जाने बोल दिया। जिस वक्त में थाना प्रभारी के कक्ष से बाहर निकल रहा था उसी वक्त पाकीजा समूह के मंसूर गौरी थाना प्रभारी के कक्ष में प्रवेश कर रहे थे। इसके बाद शिकायत पर कुछ कार्रवाई नहीं हुई। फरियादी ने आरोप लगाया कि कुछ दिनों बाद थाने पर रिनोवेशन का काम पाकीजा समूह ने करवाया।
माना जा सकता है कि खजराना थाना प्रभारी ने इंदौर पुलिस के उच्च अधिकारियों के कानों में कोई ऐसा मंत्र फूंका था जिसके बाद जांच रोक दी गई।
जब इस मामले को लेकर खजराना थाने की जांच अधिकारी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि अभी तक फरियादी और आरोपी के बयान ही लिए हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि  महिला मुंबई से गायब हुई है तो जांच क्षेत्र मुंबई पुलिस के अधीन ही रहेगा और इसकी जांच मध्यप्रदेश पुलिस का कोई उच्च अधिकारी ही कर सकता है। जांच अधिकारी मनीषा ने बताया कि इंदौर कोर्ट में परिवाद लगा है। जिसको लेकर मुंबई पुलिस से जानकारी मांगी है। जो अभी तक नहीं आई है।

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गौरव चतुर्वेदी
खबर नेशन
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