एक महीने से फूटी पेयजल लाइन, घरों में नहीं आ रहा पानी, परेशान हो रहे लोग

भोपाल, ।  ‘‘आठ मामलों में संज्ञान’’


मप्र मानव अधिकार आयोग के मान अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी नेआठ मामलों में संज्ञानलेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।

किसी ने बेटा खोया, किसी ने जीवनसाथी, पर दो साल बाद भी नहीं मिली अनुग्रह राशि

खबर नेशन / Khabar Nation  

भोपाल शहर में जनकल्याण संबल योजना के तहत् नगर निगम में अनुग्रह सहायता के 100 से ज्यादा मामले मंजूरी के लिये अटके हैं। पात्र हितग्राही दो साल से निगम के चक्कर काट रहे हैं। इन हितग्राहियों में किसी ने अपना बेटा खोया है, तो किसी ने अपना जीवनसाथी। किसी ने बच्चों की मौत के बाद दस्तावेज जमा कराये हैं, पर दो साल बाद भी सामान्य मृत्यु के मामले में दो लाख रूपये और दुर्घटना मृत्यु के मामले में चार लाख रूपये मंजूर नहीं हो रहे हैं। निगम द्वारा हितग्राहियों के आवेदनों में खामियां निकाली जा रही हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर जनकल्याण संबल योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की जानकारी, आवेदन प्रस्तुति दिनांक और इनके लंबित रहने के कारण सहित तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

संभलकर चलें...... गहरे गढ्ढों में भरा है पानी

भोपाल टाॅकीज चैराहे के पास रोड़ पर पाइप लाइन के लीकेज होने से बड़ा और गहरा गढ्ढा हो गया है। इसमें पानी भरने से वाहन चालकों को इसकी गहराई का पता नहीं चलता है और जैसे ही वे पानी से निकलते हैं, तो नियंत्रित होकर गिर जाते हैं। अबतक कई वाहन चालक इस गढ्ढे की वजह से गिरकर घायल हो चुके हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि भोपाल टाॅकीज चैराहे पर ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। इस क्षेत्र में आये दिन पाइप लाइन फूटती रहती है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

तीन साल से बंद है रियायती पास की सुविधा

भोपाल शहर में चलने वाली बीसीएलएल की बसों में बीते तीन सालों से विद्यार्थियों की सुविधा के लिये जारी होने वाले रियायती पास की सुविधा बंद है। यह पास जारी करने के लिये विद्यार्थी लगातार मांग कर रहे हैं। इस सुविधा का लाभ राजधानी के 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी लेते थे। अब नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो रहा है, ऐसे में विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। रियायती पास हेतु विद्यार्थी अब सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गुहार लगाने की तैयारी कर रहे हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर शिक्षा पाने के मौलिक/मानव अधिकार के उचित उपयोग के संदर्भ में जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिये यह सुविधा बेहद उपयोगी होने से रियायती पास की सुविधा प्रारंभ करने हेतु की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।

रेप केस में राजीनामे के दबाव पर मां-बेटी ने खुद पर डाला पेट्रोल

ग्वालियर शहर के बहोड़ापुर थानाक्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें मां-बेटी ने दुराचार मामले में राजीनामा करने के दबाव से बचने दो थानों और एसपी आॅफिस में चक्कर लगा-लगाकर परेशान होने के बाद एसपी आॅफिस में खुद पर पेट्रोल डाल लिया। इससे वहां हड़कंप मच गया। आग लगाने से पहले ही पुलिसवालों ने माचिस छीन ली। तब अधिकारी भी वहां पहुंचे और उनकी शिकायत का समाधान करने के लिये उन्हें बहोड़ापुर थाना भेज दिया। पीड़िता के मुताबिक पांच साल पहले उनकी बेटी को सोनू पारदी नामक युवक ने अगवा करके दुराचार किया था। पीड़िता का भाई लोड़िंग वाहन चलाता है, जहां आरोपी के परिजन उससे राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। भाई के मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई और आरोपी उसे लोडिंग वाहन भी नहीं चलाने दे रहे हैं। इसी से परेशान होकर मां-बेटी ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने एसपी, ग्वालियर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

वन अमले को ढ़ाई घंटे तक घेरे रहे लकड़ी तस्कर


बीते गुरूवार की सुबह विदिशा जिले की लटेरी के जंगल से सागौन काटकर गुना जिले के मकसूदनगढ़ की तरफ भाग रहे लकड़ी तस्कर एवं वनकर्मियों के बीच ढ़ाई घंटे तक मुठभेड़ चली। करीब 50 से ज्यादा तस्करों ने चार गाडियों में सवार 25 वनकर्मियों पर गोफन और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले से वन विभाग के दो ड्रायवरों सहित तीन वनकर्मी घायल हो गये। चार गाडियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं, पर वनकर्मियों ने दो तस्करों को धर दबोचा। इससे बौखलाए आरोपियों ने अपने साथियों को छुडाने के लिये पथराव कर दिया। जान बचाने वनकर्मी गुना जिले के मकसूदनगढ़ थाने पहुंचे। यहां भी तस्करों ने अपने साथियों की मदद से थाने पहुंचकर उन्हें घेर लिया। रेंजर ने इसकी सूचना समीपस्थ थानों को भेजी। पुलिस मौके पर पहुंची तब वनकर्मियों की टीम निकल पाई। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने एसपी, गुना तथा एसपी, विदिशा से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

करंट लगने से किसान की मौत, शव सड़क पर रखकर लगाया जाम

मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ राजस्व अनुभाग अंतर्गत ग्राम कित्तुखेडी में बीते गुरूवार को किसान रामसिंह पिता बापूसिंह सौधिया खेत पर फसल सिंचाई के लिये गये थे, इसी दौरान खेत मंे खुले पडे तार से करंट लगने से उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने विद्युत वितरण कंपनी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने अधीक्षण यंत्री, पश्चिम क्षेत्र, वि.वि.कं.लि., मंदसौर से प्रकरण की जांच कराकर मृत किसान के वैध वारिसों को मुआवजा राशि दिये जाने के संबंध में की गई कार्यवाही के बारे में एक माह में जवाब मांगा है।  

सैंकडों मरीज, मुट्ठी भर डाॅक्टर

जबलपुर शहर के गोविंददास जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी से मरीज परेशान हैं। यहां रोजना इतने मरीज आते हैं कि अस्पताल के दरवाजे छोटे पडने लगे हैं, परंतु डाक्टर नाममात्र के हैं। यहां पर कुछ ही महीने पहले बना रोगी सहायता केन्द्र भी अब बंद हो गया है। यहां के वार्डबाॅय साहबों की सेवा में ही लगे रहते हैं। इस वजह से अस्पताल में प्लास्टर तक काटने वाला कोई कर्मचारी नहीं है। इन सब अव्यवस्थाओं का खामियाजा मरीज उठा रहे हैं। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सीएमएचओ, जबलपुर से प्रकरण की जांच कराकर कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

 एक महीने से फूटी पेयजल लाइन, घरों में नहीं रहा पानी, परेशान हो रहे लोग

जबलपुर शहर के वार्ड क्र. 72 के अंतर्गत कंचन विहार में एक महीने से पेयजल लाइन टूटी पड़ी है। इससे एक तरफ तो लोगों को पेयजल तक नहीं मिल पा रहा, वहीं दूसरी ओर लाइन फूटने से पानी बहकर सड़क पर आ रहा है। लोगों को पीने के लिये पानी खरीदना पड़ रहा है। नगर निगम को आवेदन दिया पर अबतक पेयजल लाइन में सुधार नहीं किया गया। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर नगर निगम जबलपुर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

आयोग के चार मामलों का हुआ अंतिम निराकरण

मप्र मानव अधिकार आयोग के चार मामलों का अंतिम निराकरण कर दिया गया है। राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा मप्र मानव अधिकार आयोग को इस आशय का प्रतिवेदन दिया गया है। चूंकि मामलों का अंतिम निदान हो गया है, इसलियेे आयोग में यह चारों प्रकरण अब समाप्त कर दिये गये हंै।

 पुलिस अभिरक्षा में मृतक की दो पुत्रियों को मिले ढ़ाई-ढ़ाई लाख रूपये

 मप्र मानव अधिकार आयोग के प्रकरण क्रमांक 2077/उमरिया/2019 में पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा आयोग को प्रतिवेदन दिया गया है कि पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु हो जाने पर मृतक स्वामीदीन बैगा की दो नाबालिग पुत्रियों के बैंक खाते में मुआवजे के रूप में ढ़ाई-ढ़ाई लाख रूपये (कुल पांच लाख रूपये) भुगतान कर दिये गये हैं। मामला उमरिया जिले का है जहां ताला पुलिस चैकी में एक बैगा आदिवासी की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था। चैकी की पुलिस उसे बिना वारंट के घर से उठा लाई थी और फिर उसका शव अस्पताल मंे मिला। परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक उमरिया ने ताला पुलिस चैकी के प्रभारी को सस्पेंड कर दिया था। मप्र मानव अधिकार आयोग ने इस सम्पूर्ण मामले में संज्ञान लेकर पुलिस महानिरीक्षक, शहडोल पुलिस रेंज एवं पुलिस अधीक्षक उमरिया से जवाब मांगा था। मामले की निरंतर सुनवाई कर मृतक के वैध वारिसों को पांच लाख रूपये मुआवजा राशि देने की अनुशंसा की थी। अंततः पुलिस मुख्यालय, भोपाल ने प्रतिवेदिन दिया है कि मृतक की पहली नाबालिग पुत्री अनामिका (11 वर्ष) एवं दूसरी नाबालिग पुत्री अमृता (6 वर्ष) के बैंक खाते में ढ़ाई-ढ़ाई लाख रूपये भुगतान कर दिये गये हैं।
 

कुएं में डूबने से मृतक के पिता को मिले चार लाख रूपये

मप्र मानव अधिकार आयोग के प्रकरण क्रमांक 0234/नर्मदापुरम्/2021 में कलेक्टर नर्मदापुरम् ने आयोग को प्रतिवेदन दिया गया है कि मृतक सौरभ बारस्कर के पिता श्री सुखदेव बारस्कर को चार लाख रूपये मुआवजा राशि दे दी गई है। इस मामले में मृतक के पिता ने आयोग में आवेदन लगाकर उसके पुत्र के गुम होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने के बाद संदिग्ध अवस्था में चोट के निशान सहित पुत्र का शव बरामद हो जाने के बाद पुलिस द्वारा जांच बंदकर देने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने पर आयोग ने एसपी, नर्मदापुरम् से प्रतिवेदन मांगा था। एसपी द्वारा मृतक की मौत की कुएं में गिरकर पानी में डूबने से होना बताया। इस पर मृतक के पिता को मुआवजा राशि दिलाने के लिये एसपी नर्मदापुरम् के जवाब के साथ मामला कलेक्टर, नर्मदापुरम् को भेजा गया। इस पर कलेक्टर नर्मदापुरम् को बताया है कि मृतक के पिता को राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड-6 क्रमांक 4 के प्रावधान अनुसार चार लाख रूपये मुआवजा राशि दे दी गई है।

 आवेदक को मिली पेंशन एरियर की राशि

मप्र मानव अधिकार आयोग के प्रकरण क्रमांक 6876/रीवा/2021 में शाखा प्रबंधक, इंडियन बैंक/इलाहाबाद बैंक, शाखा गुढ़ जिला रीवा द्वारा प्रतिवेदन दिया गया है कि आवेदक श्री मुद्रिका प्रसाद दुबे के खाते में दिनांक 10 नवम्बर 2022 को पेंशन एरियर राशि का भुगतान कर दिया गया है। आवेदक द्वारा 22 सितम्बर 2021 को आयोग में शिकायत की गई थी कि शाखा प्रबंधक, इंडियन बैंक/इलाहाबाद बैंक, शाखा गुढ़, जिला रीवा द्वारा बिना किसी संतोषजनक कारण के उन्हें पेंशन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। शिकायत मिलने पर आयोग ने सीधे संबंधित शाखा प्रबंधक से जवाब मांगा था।

  कुएं मेें डूबने से मृत दो बच्चों की माता को मिले आठ लाख रूपये

मप्र मानव अधिकार आयोग के प्रकरण क्रमांक 7716/सिंगरौली/2022 में पुलिस अधीक्षक, सिंगरौली द्वारा प्रतिवेदन दिया गया है कि कुएं में डूबने से दो बच्चों की मृत्यु हो जाने के कारण बच्चों की वैध वारिस उनकी माता श्रीमती बेबी विन्द पत्नी राजेन्द्र विन्द को चार-चार रूपये (कुल आठ लाख रूपये) मुआवजा राशि दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्रांतर्गत खिरवा गांव में एक महिला अपने दो मासूम बच्चों के साथ घर से 100 मीटर दूरी पर स्थित कुएं में पैर फिसलने के कारण गिर गयी थी। मां तो कुएं में लगे एंगल से लटक गयी, किन्तु दोनों मासूम बच्चे कुएं के गहरे पानी में डूब गये और उनकी मौत हो गई। मामले में आयोग ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, सिंगरौली से जवाब मांगकर दोनों मृत बच्चों के वैध उत्तराधिकारी को शासन के नियमानुसार दी जाने वाली मुआवजा राशि के संबंध में कार्यवाही कर प्रतिवेदन देने को कहा था।

आवेदक के पुत्र को एक लाख रूपये दो माह में दे दें

मप्र मानव अधिकार आयोग ने एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर राज्य शासन को अनुशंसा की है कि शिकायतकर्ता के पुत्र को एक लाख रूपये मुआवजा राशि दो माह में अदा कर दें। मामला नर्मदापुरम् जिले का है। ग्राम दमडिया, बानापुरा, तहसील सिवनी-मालवा, जिला नर्मदापुरम निवासी आवेदक त्रिभुवन नाथ मिश्रा ने आयोग में शिकायत की थी कि उसके पुत्र शौर्य उर्फ सूरज मिश्रा को जिला बदर रहने के दौरान जहांगीराबाद, भोपाल स्थित उसकी बहन के घर से 15 मई 2021 को रात में थाना शिवपुर, जिला नर्मदापुरम् के अपराध क्रमांक 27/21 धारा 302 आईपीसी के संबंध में पूछताछ हेतु शिवपुर थाना पुलिस अपने साथ ले गई और 16 मई 2021 की शाम तक अवैध रूप से शौर्य को अपनी अभिरक्षा में रखा। इसी प्रकार 26 व 27 फरवरी 2022 को भी विधिक प्रक्रिया अपनाये बिना नितांत अवैध रूप से शौर्य को अपनी अभिरक्षा में रखा गया। इस प्रकार पुलिस द्वारा शौर्य के मानव अधिकारों का घोर उल्लंघन किया गया। आयोग ने मामले की निरंतर सुनवाई की और अंततः अनुशंसा की है कि पुलिस द्वारा 15 व 16 मई 2021 को शौर्य को अवैध रूप से अपनी अभिरक्षा में रखने के लिये 50 हजार रूपये तथा 26 व 27 फरवरी 2022 को भी अवैध रूप से अभिरक्षा में रखने के लिये 50 हजार रूपये (कुल एक लाख रूपये) क्षतिपूर्ति राशि शौर्य को दो माह के भीतर अदा करें। राज्य शासन चाहे, तो यह क्षतिपूर्ति राशि लोक सेवकों से वसूल कर सकता है। आयोग ने राज्य शासन को पुलिस अधिकारियों के विरूद्ध विधि अनुसार विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने को कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो, इस हेतु मध्यप्रदेश के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जायें और उनकी फुटेज 18 माह तक सुरक्षित रखी जाये।


लिखें और कमाएं       
मध्यप्रदेश के पत्रकारों को खुला आमंत्रण । आपके बेबाक और निष्पक्ष समाचार जितने पढ़ें जाएंगे उतना ही आपको भुगतान किया जाएगा । 1,500 से 10,000 रुपए तक हर माह कमा सकते हैं । अगर आप इस आत्मनिर्भर योजना के साथ जुड़ना चाहते हैं तो संपर्क करें:
गौरव चतुर्वेदी
खबर नेशन
9009155999

 

 

 

 

 

 

 

Share:


Related Articles


Leave a Comment