सोलह मामलों में संज्ञान
भोपाल, । ‘‘सोलह मामलों में संज्ञान’’
मप्र मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी ने ‘सोलह मामलों में संज्ञान’ लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
खबर नेशन/ Khabar Nation
बीस हजार में बन गये दिव्यांग और हासिल कर ली सरकारी नौकरी
मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रायवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चल रही भर्ती प्रक्रिया में शिक्षक भर्ती घोटाला सामने आया है। कई अभ्यर्थियों ने दिव्यांगता का प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। हालात यह हैं कि अभ्यर्थियों ने 15 से 20 हजार रूपये खर्च कर फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी नौकरी हासिल की है। मुरैना और ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा हुआ है। नतीजा यह हुआ कि स्कूल शिक्षा विभाग में एक भी भर्ती प्रक्रिया बिना अभ्यर्थियों के आंदोलन के पूरी नहीं हुई है। वर्तमान में भी अभ्यर्थी आंदोलन प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर त्रुटिपूर्ण/फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्रों के जारी होने के संबंध में संबंधित चिकित्सकों के विरूद्ध की गई कार्यवाही और त्रुटिपूर्ण भर्ती किये गये अभ्यर्थियों के संबंध में विभागीय स्तर पर की गई कार्यवाही के बारे में एक माह में जवाब मांगा है।
मर्चुरी में रखे शव के कान कुतर गये चूहे, कर्मचारियों का जवाब-ऐसा होता रहता है
भोपाल शहर की हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखे एक शव को चूहे कुतर गये। जानकारी बीते मंगलवार को तब लगी, जब मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेने पहुंचे। परिजनों ने स्टॅाफ से पूछताछ की तो उन्होंने बड़े लापरवाही से कहा - यहां ऐसा तो होता ही रहता है। गुस्साये पजिनों ने आपत्त् िजताई और मर्चुरी पर ही हंगाया कर दिया। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल, भोपाल एवं डायरेक्टर मेडिको लीगल संस्थान, हमीदिया अस्प्ताल, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर मर्चुरी में शवों को सुरक्षित रखे जाने हेतु की गई कार्यवाही के बारे में एक माह में जवाब मांगा है।
अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायतों का अंबार, फिर भी कार्यवाही नहीं
पुराने भोपाल शहर में बेतरतीब निर्माण कार्यों की वजह से नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं भी मिलना मुश्किल हो गया है। संकरी गलियों की वजह से यहां दिनभर जाम लगा रहता है। इन अवैध निर्माण कार्यों की कई शिकायतें भी की गईं, फिर भी नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा वाले अधिकारी कार्यवाही करने से बचते हैं। ये सारे निर्माण कार्य बिना अनुमति के अवैध रूप से तैयार किये गये हैं और वर्तमान में भी किये जा रहे हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।
छल साबित हुये सिंधी विस्थापित पट्टा समस्या निराकरण आदेश
भोपाल शहर के संत हिरदाराम नगर में मुख्यमंत्री मप्र शासन द्वारा बीते कुछ वर्षों में सिंधी विस्थापित समस्या निराकण आदेश संबंधी कई बार घोषणा किये जाने के बावजूद अभी तक सिंधी विस्थापितों की समस्या जस की तस बनी हुई है। मसला यह है कि प्रशासनिक अधिकारी नजूल के प्रकरण सुलझाने की कवायद कर रहे हैं, जबकि अधिकांश सिंधी परिवार पुनर्वास भूमि पर काबिज हैं। इस संबंध में कई बार गलत आदेश जारी कर दिये गये, जिसे लेकर सिंधी समाज आहत हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, भोपाल संभाग, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर विस्थापित परिवारों के पुनर्वास से संबधित कार्यवाही एवं नजूल भूमि पर कब्जाधारियों के संबंध में की जार रही कार्यवाही का स्पष्ट एवंत थ्यात्म्क प्रतिवेदन मांगा है, जिससे इनके संबंध में मप्र शासन द्वारा की जा रही वास्तविक कार्यवाही स्पष्ट हो सके।
परवलिया में जहर खाने से किसान की मौत
भोपाल जिले के परवलिया इलाके में जहर खाने से एक किसान की मौत हो गयी। वह कर्ज से परेशान था। साथ ही वह अपने बड़े बेटे की बीमारी को लेकर भी भारी परेशान चल रहा था। परिजनों के अनुसार इन्हीं कारणों से उसने यह कदम उठाया होगा। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की संदिग्ध हालातों में मौत
भोपाल शहर के जहांगीराबाद इलाके में अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की गला कटने से संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। पुलिस भी यह स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि युवक की हत्या की गई है या कुछ और हुआ है। यद्यपि पुलिस का दावा है कि युवक ने स्वयं अपना गला रेता है। इस घटनाक्रम के दौरान लड़की पक्ष से एक महिला भी चाकू लगने से घायल हो गई है। मृतक के भाई ने लड़की पक्ष पर हत्या करने का आरोप लगाया है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
लखेरापुरा: बिजली के पोल पर एक साल में दस बार लगी आग
भोपाल शहर के लखेरापुरा मुख्य बाजार में बिजली के खंबों पर आये दिन आग लगती रहती है। बीते एक साल में यहां दस बार आग लग चुकी है। स्थानीय व्यापारियों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों से कई बार शिकायत की लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर आकर देखता तक नहीं है। अफसरों की अनदेखी से यहां किसी दिन कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी), मप्र मध्यक्षेत्र, वि.वि.कं.लि, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में फोटोग्राफ सहित अगले तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
शहर में 400 डीपी खुले, सुरक्षा के नहीं हैं कोई इंतजाम
भोपाल शहर में जगह-जगह खुले डिस्ट्रीब्यूशन बाॅक्स (डीपी) लोगों के लिये जान का खतरा बने हुये हैं। बारिश का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे हालात में बारिश के पानी से करंट फैलने का खतरा बना रहेगा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 400 से अधिक डीपी खुले पड़े हैं। यह लापरवाही किसी पर भी भारी पड़ सकती है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी), मप्र मध्यक्षेत्र, वि.वि.कं.लि, भोपाल से इस मामले की जांच कराकर जनसुरक्षा को सुनिश्चित करने के संबंध में की गई कार्यवाही के बारे में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
कर्मचारी हर बात के पैसे मांगते हैं, आप तो 501 रूपये की रसीद काट दो
इंदौर शहर के एमवाय अस्पताल में सात साल की बेटी की मौत से टूटे पिता से पहले अस्पताल के एक कर्मचारी ने स्ट्रैचर के लिये गुटखा पाउच मंगवाया, दूसरे कर्मचारी ने शराब के लिये 200 रूपये मांगे। इससे परेशान होकर पिता से एमवाय अस्पताल प्रबंधन से अपील की कि एमवाय में वसूली बंद करवायें। आपके यहां कर्मचारी हर बात के पैसे मांगते हैं। इससे बेहतर हैं कि आप तो 501 रूपये की रसीद ही काट दो। परेशान पिता ने वसूली करने वाले कर्मचारियों की शिकायत भी की, पर शिकायत का कोई असर नहीं हुआ। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, इंदौर तथा अधीक्षक, एमवाय अस्पताल इंदौर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
सीवर की सफाई करने उतरे दो की मौत
ग्वालियर शहर में सीवर चेंबर में सफाई करने उतरे दो आउटसोर्स कर्मचारियों की जहरीली गैस से मौत हो गई। अमन गुजराल और विक्रम सिंह वाल्मिकि अपने ठेकेदार महेश पाल के कहने पर सफाई करने पहुंचे। विक्रम ने मैन हाॅल का ढक्कन खोला तो जहरीली गैस से बेसुध हो गया और सीवर के अंदर ही गिर गया। उसे बचाने अमन मुंह में तौलिया बांधकर चैंबर में उतरा, पर वह भी वापस नहीं आया। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, ग्वालियर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि 01. घटना में उपेक्षा करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई ? 02. मृतकों के वैधवारिसों को देय मुआवजा राशि के संबंध में भी स्पष्ट प्रतिवेदन दें।
ट्रांसफार्मर उठाते समय क्रेन पलटी, जेई की मौत
शिवपुरी जिले के कोलारस स्थित मानपुरा सब स्टेशन पर बीते गुरूवार को 11 टन वजनी पावर ट्रांसफार्मर उठाते वक्त एक क्रेन पलट गई। क्रेन के नीचे दबने से बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर (जेई) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में असिस्टेंट इंजीनियर (एई) सहित चार अन्य लोग बुुरी तरह घायल हो गये। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी), मप्र मध्यक्षेत्र, वि.वि.कं.लि, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर मृतक जेई के परिजनों को देय मुआवजा राशि एवं घटना की परिस्थितियों के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।
कुएं की सफाई कर रहे दो युवकों मौत
सागर जिले के जैसीनगर थानाक्षेत्र के ग्राम तेंदू डाबर में साफ-सफाई करने दो युवकों की करंट लगने से मौत हो गई। गांव के रामकुमार और कृष्णकुमार जब दोनों कुएं की सफाई करने उतरे थे, तब लाईट नहीं थी। कुएं की सफाई करते वक्त अचानक लाईट आ गई और अचानक एक मोटर चालू हो गई। मोटर में करंट आ रहा था, जिसकी चपेट में आने से दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, सागर से प्रकरण की जांच कराकर दोनों मृतकों के वैधवारिसों को देय मुआवजा राशि के संबंध में की गई कार्यवाही के बारे में एक माह में जवाब मांगा है।
मरीज के परिजनों को पीटा, पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज
जिला अस्पताल, सीहोर में एक महिला मरीज के परिजनों के साथ मारपीट की गई। पुलिस ने मारपीट करने वाले पांचों व्यक्तियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। सीहोर जिले के दलित संगठनों ने घटना के विरूद्ध प्रदर्शन किया और मारपीट करने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही की मांग की। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने एसपी, सीहोर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
आठ माह में बच्ची का वजन ढ़ाई किलो, हड्डियों से चिपका मांस
शहडोल संभाग के आदिवासी अंचलों में कुपोषण की भयावह स्थिति है। शहडोल जिले के ब्योहारी के ओढारी कोलान टोला निवासी रतरानी कोल के चार बच्चे हैं। रतरानी ने 10 अक्टूबर 2022 को एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची जन्म से ही कमजोर थी, इसलिये कुपोषित हो गई। आठ माह की इस बच्ची का वजन मात्र ढ़ाई किलो है। उसके शरीर में हड्डियों से मांस चिपक गया है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, शहडोल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
मनमाना ब्याज न लौटाने पर पेड़ से बांधकर पीटा
राजगढ़ जिले में मनमाना ब्याज न लौटाने पर सूदखोरों ने एक युवक को पेड़ से बांधकर जमकर पीटा। पीड़ित बद्रीलाल का कहना है कि उसने सूदखोर चंदू से एक साल पहले 46 हजार रूपये उधार लिये थे। जिसके बदले वह 75 हजार रूपये लौटा चुका है। लेकिन चंदू 2.40 लाख रूपये और मांग रहा है। पीड़ित थाने पहुंचा तो पुलिस ने आपसी लेनदेन का मामला बताकर केस तक दर्ज नहीं किया। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने एसपी, राजगढ़ से प्रकरण की जांच कराकर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही यह भी कहा है कि सूदखोरी का मामला बनने या न बनने के संबंध में पीड़ित की रिपोर्ट पर से स्पष्ट प्रतिवेदन भेजें।
सरकारी डाक्टर प्रायवेट प्रैक्टिस में मस्त, मरीज पस्त
सीहोर जिले में सरकारी डाक्टरर्स का पूरा वक्त प्रायवेट प्रैक्टिस में जा रहा है। ये डाक्टर्स सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों का सिर्फ खानापूर्ति करते हुये इलाज करते हैं। इससे दूरदराज से आये और गंभीर मरीज बेहद परेशान होते हैं। सरकारी डाक्टर्स तय वक्त तक अस्पताल में नहीं बैठते और मरीजों को उनके हाल पर छोड़ देते हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं सीएमएचओ, सीहोर से प्रकरण की जांच कराकर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि शासकीय विशेषज्ञ सर्जन चिकित्सकों द्वारा जिला चिकित्सालय में कितने-कितने आॅपरेशन किये हैं और उन्हीं के द्वारा प्रायवेट चिकित्सालयों में कितने-कितने आॅपरेशन किये गये हैं ? इस संबंध में माह जनवरी 2023 से जून 2023 तक की जानकारी प्रेषित करें। शासकीय सर्जन चिकित्सक जिला चिकित्सालय में सुविधाएं उपलब्ध होने पर भी प्रायवेट अस्पताल में आॅपरेशन किन परिस्थितियों में कर रहे है ? यह भी स्पष्ट करें।
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