इंदौर के बड़े व्यावसायिक समूह पाकीजा की सौ करोड़ की मनी लांड्रिंग का हिसाब - किताब रखने वाली महिला कर्मचारी गायब
अपहरण - हत्या या लव का ट्राई एंगल ? पति पांच साल से दर - दर भटक रहा ,
अफ़सर राजनेताओं के दबाव में पुलिस मामला दबा दिया गया
इंदौर के पाकीजा समूह की नापाक हरकत या ब्लैकमेलिंग
गौरव चतुर्वेदी / खबर नेशन / Khabar Nation
सौ करोड़ की मनी लांड्रिंग का हिसाब किताब रखने वाली एक महिला कर्मचारी गायब है। उस महिला का पति पांच साल से दर दर भटकने पर मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश के रसूखदार राजनेता और पूर्व में इंदौर में पदस्थ रहे आय ए एस और आय पी एस अफसर अपराधियों को बचा रहे हैं।
अशफाक का आरोप
इंदौर के रानीपुरा में रहने वाले अशफाक पालवाला ने मुंबई पुलिस को वर्ष 2018 में नसीम मोटरवाला की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अशफाक का आरोप है कि नसीम को इंदौर के पाकीजा ग्रुप के मालिक मकसूद गौरी और उनके पुत्र शादाब गौरी ने गायब करा दिया है। नसीम के नाम से प्लाट काटने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है ।लगभग साढ़े 5 साल हो गए हैं। इंदौर पुलिस से लेकर मुंबई पुलिस तक शिकायत की गई पर कुछ नहीं हुआ। इंदौर के खजराना क्षेत्र में पाकीजा लाइफ स्टाइल कालोनी विकसित करने के नाम पर प्लांट के बदले 95 करोड़ रुपए वसूले गए हैं।
अशफाक का कहना है कि 18-08-2004 को नसीम मोटरवाल से निकाह हुआ था। उसी दौरान अशफाक की पाकीजा समूह के मंजूर गौरी से मुलाकात हुई तो उसकी पत्नी को पाकीजा ग्रुप में एम डी के पीए के तौर पर नौकरी दे दीं गई। पत्नी के मामा का निधन हो गया था जिसके चलते वह मुंबई गई थी। 7 जनवरी 2018 को शिकायत कर्ता मुंबई गया लेकिन पत्नी के दोनों मोबाइल बंद मिले। मामा का घर पता नहीं था इसलिए वह लौट आया। 10 जनवरी 2018 को खजराना थाने में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पाकीजा समूह ने जी एंड जी डेवलपर के नाम से कंपनी खोली थी। 7869362166 मोबाइल पत्नी का था।
खजराना पुलिस का अधूरा निष्कर्ष
खजराना थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का कहना है कि शिकायत की जांच चल रही है। वेसे भी मामला मुंबई पुलिस का है जिसका अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं आया है। इंदौर न्यायालय में शिकायतकर्ता ने परिवाद प्रस्तुत किया है। जिसकी जानकारी हमने कुछ बिंदुओं पर मुंबई पुलिस से मांगी है। हमें अभी तक कोई रिप्लाई प्राप्त नहीं हुआ है। इस मामले की जांच ए एस आई मनीषा डांगी कर रही हैं। संभवतः शिकायतकर्ता पाकीजा लाइफ स्टाइल वालों को ब्लैकमेल कर रहा है।
पाकीजा समूह का तर्क
जब इस मामले को लेकर पाकीजा समूह के कर्ता धर्ता मंजूर हुसैन गौरी से फोन पर चर्चा की तो उन्होंने कहा कि मैं अभी आवश्यक कार्य से मुंबई में हूं। तीन चार दिन बाद बात करता हूं। जब दूसरी बार फोन लगाया तो उनके किसी सहयोगी ने बात कराने में असमर्थता व्यक्त की। मंजूर हुसैन गौरी के मोबाइल नंबर के वाट्स एप पर मैसेज कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो समाचार लिखे जाने तक उन्होंने कोई पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।
आरोपों के घेरे में आ रहे पाकीजा समूह के शादाब गौरी का कहना है कि मुंबई पुलिस ने कुछ भी बताने से मना किया है
जब इस बारे में आरोपों के घेरे में आ रहे शादाब गौरी से फोन पर चर्चा की तो उन्होंने कहा कि इस मामले की मुंबई पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस के जांच अधिकारी ने इस संबंध में किसी को भी कुछ भी बताने से मना किया है। शादाब ने कहा कि आप चाहें तो मुंबई पुलिस के जांच अधिकारी भराड़े जी से बात कर सकते हैं। उन्होंने भराड़े जी का नंबर भी उपलब्ध कराया।
मुंबई पुलिस का कहना है
मुंबई पुलिस में पदस्थ एटीआई बलवंत भराड़े का कहना है कि अशफाक पाल वाला ने मुंबई पुलिस में जनवरी 2018 में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। नसीम इंदौर से ही भागी थी इसलिए इसकी रिपोर्ट इंदौर में ही दर्ज होना थी । उन्होंने कहा की प्रारंभिक जांच डी बी मार्ग थाने में पदस्थ एएसआई अजीत टोटे ने की थी। जांच में यह पाया गया था कि नसीम जिस कार्ड को यूज कर रही है वह अशफाक का है। अशफाक ने कुछ दिनों बाद उक्त कार्ड बंद करा दिया। जिसके कारण अजीत टोटे ने अशफाक को फटकार भी लगाई थी । भराडे ने कहा कि 2 साल बाद यह जांच मेरे पास आई। उन्होंने कहा कि मेरे पास जांच आने के 4 महीने पहले अशफाक ने टीवी मार्ग थाने पर एक एप्लीकेशन दी थी कि मेरी बीवी का मर्डर कर दिया गया है। पर यह सब बकवास है। मैंने जांच की तो पता चला कि नसीम सूरत और मुंबई में भी कई लोगों को ठग चुकी है। भराडे ने कहा कि मैंने नसीम के पैन कार्ड से विभिन्न बैंकों को पत्र लिखकर उनके खाते की जानकारी मांगी थी लेकिन यह हमें नहीं मिली । बलबंत भराडे ने कहा की नसीम के पुराने पति को बुलाकर भी पूछताछ की गई थी। कोई जानकारी सामने नहीं आई । अशफाक को कई बार फोन कर बयान देने के लिए बुलाया तो वह नहीं आया। उन्होंने कहा कि मेरा ट्रांसफर हो गया है। अब इसकी जांच पी एस आई गांवकर कर रहे हैं।
डी बी मार्ग पुलिस थाना के इंस्पेक्टर गांवकर से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
इंदौर जिला सत्र न्यायालय में एक परिवाद
मुंबई पुलिस और इंदौर पुलिस से अपेक्षित सहयोग ना मिलने के बाद अशफाक पालवाला ने पाकीजा समूह के मकसूद गौरी , मंजूर गौरी , शादाब गौरी के खिलाफ इंदौर जिला सत्र न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया है। यह परिवाद भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302,363,366,34 के तहत लगाया गया है। इन धाराओं के तहत हत्या , अपहरण, किसी स्त्री को विवाह के लिए विवश करने, अपवित्र करने के लिए अपहृत करने या उत्प्रेरित करने के आरोप माने जाते हैं। जिस पर अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
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गौरव चतुर्वेदी
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