पत्नी को भूल जाने का ऑफर पांच करोड़ रुपए

 

 

पुलिस के सामने फरियादी से कर बैठा व्यवसायी ऐसी हिमाकत ?

 

गौरव चतुर्वेदी/खबर नेशन/Khabar Nation

 

पांच साल से पत्नी को ढूंढ रहे पति से व्यवसायी कह बैठा पांच करोड़ ले लो और अपनी पत्नी को भूल जाओ। इंदौर के  व्यवसायी ने इस मामले में जांच  करने मुंबई से आए पुलिस अधिकारी के सामने फरियादी को यह ऑफर दे दिया।

खबर नेशन ने विगत दिनों समाचार प्रसारित किया था कि इंदौर के बड़े व्यावसायिक समूह की  सौ करोड़ रुपए की मनी लांड्रिंग का हिसाब - किताब रखने वाली महिला कर्मचारी नसीम मोटरवाला गायब है।

इंदौर के बड़े व्यावसायिक समूह की सौ करोड़ रुपए की मनी लांड्रिंग का हिसाब - किताब रखने वाली महिला कर्मचारी गायब

अपहरण - हत्या या लव का ट्राई एंगल ? पति पांच साल से दर - दर भटक रहा

अफ़सर राजनेताओं के दबाव में पुलिस , मामला दबा दिया गया

इंदौर के पाकीजा समूह की नापाक हरकत या ब्लैकमेलिंग
 

See Read More:

 

http://khabarnation.com/crim/Money-Laundring-Missing-Woman-Accountent

 

नसीम मोटरवाला पांच साल से गायब है और इंदौर मुम्बई पुलिस आश्चर्यजनक चुप्पी साधकर बैठी है। पति अश्फाक पालवाला पांच साल से दर दर भटक रहा है।

 

मामला अपहरण - हत्या या लव के ट्राई एंगल का है। इसे भी लेकर पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। गायब महिला के पति का आरोप है कि अफ़सर राजनेताओं के दबाव में इंदौर पुलिस , मामले को दबा रही हैं। इंदौर पुलिस तो उल्टा फरियादी पर आरोप लगा रही है कि इंदौर के पाकीजा समूह  ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहा है। इस मामले की जांच कर रही इंदौर की खजराना पुलिस ने तो पाकीजा समूह के खिलाफ शिकायत मिलते ही पाकीजा के मालिकों से थाने पर निर्माण कार्य करवा लिए।

 पाकीज़ा समूह के मालिकों पर इंदौर की कोर्ट में एक महिला नसीम मोटरवाला के अपहरण , हत्या को लेकर पति अश्फाक पालवाला ने परिवाद दायर कर रखा है। फरियादी अश्फाक पालवाला ने खबर नेशन को भेजे वीडियो बयान में की गंभीर आरोप भी लगाए हैं। जिसमें से एक वीडियो के बयान इस प्रकार हैं। 

8 जनवरी 2018 से मेरी वाइफ मिसिंग है। इसकी इंदौर खजराना पुलिस स्टेशन और मुंबई पुलिस में कंप्लेंट की है। कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।  2018 से सिर्फ स्टेटमेंट ही लिए जा रहे हैं। जहां जाता हूं सिर्फ स्टेटमेंट ही लिए जाते हैं। 2019 फरवरी में मुंबई पुलिस वारंट लेकर इंदौर आई थी।हम लोग विजय नगर थाने की पुलिस लेकर पाकीजा के आफिस गये थे तो आफिस में कोई सामने नहीं आया ना मकसूद गौरी और ना ही शादाब गौरी। पुलिस वालों से ये एक ही बात कर रहे थे कि पहले अश्फाक को हटाओ फिर बात करेंगे।मेरे हटने के बाद इन लोगों ने पुलिस वालों से बात की और पांच करोड़ का ऑफर दिया कि अश्फाक वाइफ को भूल जाए और पांच करोड़ ले ले। मैंने मना कर दिया। मुंबई पुलिस बोली कि चलो मुंबई चलते हैं। बाप-बेटों के स्टेटमेंट में बहुत अंतर आ रहा है। वहां से अपन वारंट लेकर आएंगे और इन्हें गिरफ्तार करेंगे। विजयनगर पुलिस ने कहा कि इनके खिलाफ बहुत कंप्लेंट हैं। पैसे के बल पर ये कंप्लेंट दबा देते हैं। कई लेडिजों के मामले हमारे पुलिस स्टेशन में आ चुके हैं। हम से पर्सनल मिलो तो हम पूरी जानकारी कच्चा चिट्ठा खोलकर रख देंगे। एक आप ही हो जो मुंबई से पुलिस लेकर आ गये हैं। आज तक इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आप जो भी मदद चाहोगे हम करेंगे। हम वहां से बंबई आ गये। जो हमारे साथ मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर टाटे थे। वो दो दिन बाद बीमार होकर हास्पिटल में एडमिट हो गए। टाटे सात माह तक हास्पिटल में एडमिट रहे। जब भी उनसे मिलने जाता तो वे नीचे कैंटीन में ही बैठे मिलते। उस हास्पिटल का 27 लाख रुपए का बिल टाटे ने भरा। वो पैसा कहां से आया। हमने मुंबई पुलिस में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तो मुंबई पुलिस एक ही जबाब देती है कि शादाब गौरी ने आपत्ति लगा रखी है। आखिर शादाब होता कौन है आपत्ति लगाने वाला ?

अन्य वीडियो बयान में और भी गंभीर आरोप हैं। जिनको लेकर हम कानूनी पहलू पर बात कर रहे हैं। जिन्हें आगामी अंक में प्रकाशित किया जाएगा।

 

पाकीजा समूह के शादाब गौरी ने उक्त मामले में मुंबई पुलिस की जांच का हवाला देते हुए लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

लिखें और कमाएं

मध्यप्रदेश के पत्रकारों को खुला आमंत्रण । आपके बेबाक और निष्पक्ष समाचार जितने पढ़ें जाएंगे उतना ही आपको भुगतान किया जाएगा । 1,500 से 10,000 रुपए तक हर माह कमा सकते हैं । अगर आप इस आत्मनिर्भर योजना के साथ जुड़ना चाहते हैं तो संपर्क करें:

गौरव चतुर्वेदी

खबर नेशन

9009155999

 

Share:


Related Articles


Leave a Comment