नकली- अमानक दवाओं ने ले ली किसान जीवन रजक की जिंदगी
खबर नेशन / Khabar Nation
20 एकड़ पर फसल हो गई बर्बाद , मृतक किसान की शिकायत पर पुलिस नहीं कर रही थी कार्रवाई
शीतल रजक की आत्मदाह नहीं यह हत्या है
पत्रकार/इरफान जाफरी
बुंदेलखंड के सागर जिले की तहसील बंडा ग्राम चौका का किसान शीतल रजक कोली बटाई कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था, शीतल रजक की उम्र लगभग चालीस वर्ष की थी, उसके परिवार मे पत्नी 18वर्ष बेटी 13वर्ष का बेटा है बच्चे स्कूल मे पढ़ रहे है| बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिये दिन रात मेहनत कर उज्जवल भविष्य के लिये शीतल रजक प्रत्यनशील रहा करता था। शीतल रजक ने बीस एकड़ जमीन कोली पर सोयाबीन बोने के लिये ली महंगा खाद बीज लेने के बाद फसल मे कचरा और कीट मरने के लिये बंडा से दवा ली नकली, दवा जो आमनक थी जिसके कारण शीतल रजक की सोयाबीन की लहलहती फसल नष्ट हो गई| शीतल रजक ने बाजार से उधार लिया कर्ज उसके सर पर आ गया शीतल रजक मानसिक तनाव मे आ गया वह अपनी व्यथा सुनाने पुलिस थाने गया, तीन चार दिन लगातार थाने के चक्कर लगाने पर उसकी सुनवाई नहीं हुई, मानसिक तनाव के चलते शीतल रजक ने पुलिस थाना बंडा मे सरकारी व्यवस्था के विरोध मे आत्मदाह कर लिया, नकली खाद बीज दवाओं से ना जाने कितने किसानों के घर बर्बाद होंगे ,शीतल रजक की मौत के जिम्मेदारी कुषि विभाग के घूसखोर अधिकारी और लपरवाह पुलिस की है यह दोनो ही शीतल रजक की मौत के जिम्मेदार है, क्या सरकार पुलिस पर और नकली दवाओं के विक्रेता निर्माताओ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करेगी या उन्हें बचाकर सारा दोष किसान पर डाल देगी। शीतल रजक के परिवार को सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जिसे उसका परिवार आने वाले संकट से उभर सके ।
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गौरव चतुर्वेदी
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