भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ, मां वाग्देवी की मूर्ति वापसी का इंतजार तेज
धार की ऐतिहासिक भोजशाला इन दिनों भक्ति, उत्साह और जयकारों से गूंज रही है। इंदौर हाई कोर्ट के फैसले के बाद यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मां वाग्देवी यानी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ भक्त लगातार सनातन परंपरा की जीत का उत्सव मना रहे हैं।
मंगलवार को भोजशाला परिसर का माहौल खास नजर आया। भक्तों ने दीप जलाए, आतिशबाजी की और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि अब उन्हें उस दिन का इंतजार है जब लंदन के म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की मूर्ति दोबारा भोजशाला में स्थापित होगी।
भोजशाला में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
हाई कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले जहां लोग सीमित समय में चुपचाप पूजा कर लौट जाते थे, वहीं अब खुले रूप से पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन हो रहे हैं।
मंगलवार को भोजशाला परिसर में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु “जय मां वाग्देवी” और “सनातन धर्म की जय” के जयकारे लगा रहे थे। परिसर के बाहर पटाखे फोड़े गए और कई लोगों ने अपने घरों में दीपक जलाकर खुशी जताई।
मां सरस्वती की पूजा और हनुमान चालीसा पाठ
भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी के स्थान पर प्रतिकृति मूर्ति रखकर पूजा की गई। भक्तों ने फूल, दीप और प्रसाद चढ़ाकर मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया। इसी के साथ परिसर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ भी हुआ। ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल के अवसर पर भक्तों ने भक्ति गीत गाए और धार्मिक माहौल बना दिया। पूरे परिसर में घंटियों और मंत्रों की आवाज सुनाई देती रही।
भक्त बोले- अब मूर्ति वापसी का इंतजार
स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का कहना है कि वर्षों से मां वाग्देवी की मूर्ति की पुनर्स्थापना की मांग की जा रही है। श्रद्धालुओं का मानना है कि अब अगला कदम लंदन के म्यूजियम में रखी मूर्ति को वापस लाना होना चाहिए। भक्तों ने कहा कि लंबे समय से सत्याग्रह और आंदोलन चल रहा है। अब अदालत के फैसले के बाद लोगों की उम्मीद और मजबूत हो गई है। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि मां वाग्देवी की मूर्ति की पुनर्स्थापना उनके लिए आस्था का सबसे बड़ा विषय है।
दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
भोजशाला में सिर्फ धार ही नहीं बल्कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और आसपास के जिलों से भी लोग पहुंच रहे हैं। इंदौर से आई एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद भावुक करने वाला है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल पूजा नहीं बल्कि वर्षों की आस्था और संघर्ष का परिणाम है। लोग इसे सनातन परंपरा की बड़ी जीत मान रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भोजशाला परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की है। पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे परिसर पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शांति और व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में पूजा कर सकें।