संघीय व्यवस्था का मखौल उड़ा रही हैं ममता बनर्जी: राकेश सिंह

राजनीति Feb 04, 2019

खबरनेशन/Khabarnation  

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किसी मामले की जांच के लिए कोलकाता पहुंची सीबीआई टीम के साथ ममता बनर्जी सरकार का व्यवहार यह बताता है कि उन्हें देश के संघीय ढांचे पर विश्वास नहीं है। वे जानबूझकर केंद्रीय एजेंसी के कामकाज में रुकावट ही नहीं डाल रही हैं, बल्कि इस तरह से व्यवहार कर रही हैं, जैसे पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा ही न हो। यह बात सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने सीबीआई के जांच दल को कोलकाता पुलिस द्वारा रोके जाने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरने पर बैठने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर सारदा चिटफंट घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की एक टीम जब कोलकाता के पुलिस कमिश्नर से पूछताछ के लिए पहुंची, तो कोलकाता पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोका और उनके काम में बाधा डालने की कोशिश की थी। यही नहीं, बल्कि इसे केंद्र का हस्तक्षेप बताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर भी बैठ गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस रवैये पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष
राकेश सिंह ने कहा है कि संघीय व्यवस्था में हर बात सुपरिभाषित हैं और इसमें कहीं भी टकराव की कोई गुंजाइश नहीं है। लेकिन ममता बनर्जी का व्यवहार यह बताता है कि उनकी सरकार संघीय व्यवस्था पर विश्वास नहीं रखती और राज्य को अपने मनमाने तरीके से चलाना चाहती है। सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीबीआई जैसी विश्वसनीय केंद्रीय एजेंसी के पश्चिम बंगाल प्रवेश पर रोक लगाती हैं, कभी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकालने की अनुमति देने से इंकार करती हैं, तो कभी एक राज्य के मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर काम कर रहे योगी आदित्यनाथ के आने पर रोक लगाती हैं। वहीं, दूसरी तरफ रोहिंग्या शरणार्थी और आपराधिक मनोवृत्ति वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों का ममता बनर्जी की सरकार स्वागत करती है। सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस तरह से व्यवहार कर रही हैं, जैसे वे एक लोकतांत्रिक राज्य की सरकार की बजाय निरंकुश राजशाही चला रही हों। उनके  व्यवहार से यह भी प्रतीत होता है कि संभवत: वे पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा ही नहीं मानतीं और संघीय व्यवस्था का उल्लंघन करके अपनी मनमर्जी के कानून चलाना चाहती हैं।

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