मंच विवाद के बाद बदले सियासी संकेत, CM मोहन यादव के साथ नजर आए गौरव रणदिवे
इंदौर की राजनीति में पिछले दिनों मंच व्यवस्था को लेकर चर्चा में आए भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ नजर आए हैं। टीकमगढ़ में सामने आई मुख्यमंत्री और रणदिवे की तस्वीर के बाद उन चर्चाओं को नई दिशा मिल गई है, जिनमें दोनों के बीच कथित नाराजगी और संगठन के भीतर खींचतान की बातें कही जा रही थीं।
मंच से अचानक चले गए थे रणदिवे
दरअसल, 16 अगस्त को इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गौरव रणदिवे के मंच से अचानक चले जाने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। रणदिवे कार्यक्रम में पहुंचे थे और मुख्यमंत्री के साथ मंच पर भी नजर आए थे, लेकिन कुछ देर बाद वे कार्यक्रम पूरा होने से पहले ही वहां से रवाना हो गए।
मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई थी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रणदिवे को पीछे बैठने का इशारा किया गया था, जिसके बाद वे असहज हुए और मंच से नीचे उतर गए। हालांकि, रणदिवे ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि उनके जाने की वजह मंच प्रोटोकॉल या सम्मान से जुड़ा विवाद था।
रणदिवे के बयान ने बढ़ाई थी चर्चा
घटना के बाद रणदिवे का यह बयान भी चर्चा में रहा कि व्यक्ति का नहीं तो पद का प्रोटोकॉल होना चाहिए। इसके बाद इंदौर भाजपा में संगठन और स्थानीय राजनीति के समीकरणों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। मंच विवाद और रणदिवे के कार्यक्रम से चले जाने को लेकर भाजपा के भीतर भी चर्चाओं का दौर चला। हालांकि, पार्टी की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक रूप से नाराजगी या मतभेद की पुष्टि नहीं की गई।
अब मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर ने बदला नैरेटिव
इन चर्चाओं के बीच टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ गौरव रणदिवे की तस्वीर सामने आने के बाद सियासी संकेत बदलते दिखाई दे रहे हैं। दोनों नेताओं का साथ नजर आना उन अटकलों पर विराम लगाने वाला संकेत माना जा रहा है, जिनमें मुख्यमंत्री और रणदिवे के बीच दूरी की चर्चा थी।
हालांकि, सिर्फ एक तस्वीर के आधार पर किसी राजनीतिक समीकरण या अंदरूनी मतभेद के खत्म होने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना जरूर है कि तस्वीर ने इंदौर भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर चल रही चर्चाओं का नैरेटिव जरूर बदल दिया है।
संगठन और सरकार के रिश्तों पर भी नजर
गौरव रणदिवे भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को राजनीतिक तौर पर भी देखा जा रहा है। इससे यह संदेश जाता है कि मंच विवाद को संगठन और सरकार के रिश्तों में किसी बड़े टकराव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
अब निगाह इस बात पर है कि आने वाले दिनों में रणदिवे की मुख्यमंत्री और प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ सक्रियता किस तरह दिखाई देती है। फिलहाल टीकमगढ़ की तस्वीर ने इंदौर के मंच विवाद के बाद उठे कई सवालों को जरूर एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
मंच विवाद के बाद बदले सियासी संकेत, CM मोहन यादव के साथ नजर आए गौरव रणदिवे