मध्यप्रदेश में आपातकाल को दोहरा रही कांग्रेस सरकारः भार्गव

 

 

 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा मुख्यमंत्री हठ धर्मिता छोड़ अध्यादेश का पालन करें

 

 खबर नेशन / Khabar Nation 

 

                भोपाल। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में मध्य प्रदेश की जनता अलग-अलग जिलों में समर्थन रैलियां आयोजित कर रही है, लेकिन प्रशासन सरकार के दबाव में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों पर मुकदमे दर्ज कर जनता की आवाज दबाने का काम कर रहा है। कांग्रेस सरकार प्रदेश में आपातकाल की दोहराने का काम कर रही है। जनता इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार की इस दमनकारी नीति का जनता जरुर जवाब देगी। यह बात नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने बड़वानी में सीएए समर्थन रैली निकालने पर सांसद, विधायक सहित 5 हजार नागरिकों पर प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज किये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।

 

लोकतंत्र की हत्या करने का कांग्रेस का पुराना इतिहास है

 

                नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का दमन किया है। कांग्रेस का आपातकाल लगाने का काला इतिहास रहा है। आज प्रदेश में भी जनता की आवाज दबाने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं जब सीएए के विरोध में सड़कों पर उतरते है, जनसभा करते है तब कोई केस दर्ज नही होता लेकिन आज पूरे प्रदेश में हजारों की संख्या में आम नागरिक सीएए के समर्थन में शांति मार्च निकलता है, तो उसे प्रशासन  डराने और धमकाने का काम कर रहा है। बड़वानी में सीएए समर्थन रैली में निकले 5 हजार से अधिक आम नागरिकों पर  केस दर्ज कर लेना सरकार की दमननीति को दर्शाता है।

 

मध्यप्रदेश को पश्चिम बंगाल नही बनने देंगे

 

                श्री भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ममता नीति पर काम कर रहे है। प्रदेश सरकार माफिया की बात करती है लेकिन सरकार में बैठे लोगों पर माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे है। आम जनता को सीएए के समर्थन में निकलने पर डराया धमकाया जाता है। जनता में भय और डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश को पश्चिम बंगाल नही बनने देगी।

 

जन भावनाओं का आदर करें मुख्यमंत्री

 

                उन्होंने कहा कि देश की जनता नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन है। लेकिन कांग्रेस समाज को तोड़ने की राजनीति कर रही है। संवैधानिक पर बैठे मुख्यमंत्री यह कहते है कि सीएए को प्रदेश में लागू नही करेंगे। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप कानून के विरोध में सभी मंत्रियों के साथ निकलते है लेकिन पूरे प्रदेश में सीएए के समर्थन में हजारों की संख्या में जनता हर जिले में निकल रही है। जनभावनाओं के विपरीत सिर्फ राजनीतिक विद्वेष पालना जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पूरे देश में लागू हो चुका है अध्यादेश जारी हो चुका है। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ को यह समझने की आवश्यकता है कि किसी भी राज्य को नागरिकता देने का अधिकार नहीं है। उन्हें हठधर्मिता छोड़कर संवैधानिक मर्यादाओं के साथ जन भावनाओं के अनुरूप  काम करना चाहिए।

 

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