पत्रकार-वार्ता

खबरनेशन/ Khabarnation

इंदौर 14 नवम्बर,2018/भारतीय जनता पार्टी वरिष्ठ नेता एवं लद्यु उद्योग निगम के अध्यक्ष श्री बाबूसिंह रघुवंशी ने पत्रकार-वार्ता में बताया कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 में निर्वाचन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है निर्वाचक नामावलियों में मतदाता के रूप में नाम अंकित कराने की अंतिम तिथि 9 नवम्बर 2018 थी, अंतिम तिथि समाप्त होने पर अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची में मध्यप्रदेश में 5 करोड़ 4 लाख मतदाताओं के नाम अंकित हुए है। 2013 के निर्वाचन में मध्यप्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 4 करोड़ 64 लाख 64 हजार थी। इस तरह मध्यप्रदेश में कुल मतदाताओं की वृद्धि विगत 5 वर्षो में लगभग 39 लाख हुई है। मतदाता सूची के प्रथम प्रकाशन में मतदाताओं की कूल संख्या 4 करोड़ 99 लाख थी, दावे आपत्ति के पश्चात यह संख्या बढ़कर 5 करोड़ 4 लाख हो गई, तात्पर्य यह है कि मध्यप्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा किसी भी स्तर पर प्रकाशित की गई मतदाता सूची 2013 की मतदाता संख्या से 40 लाख से अधिक मतदाता की वृद्धि नहीं दशाई गई। 

मतदाता सूची के प्रथम प्रकाशन के तत्काल बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शीर्षतम नेताओं ने मध्यप्रदेश के मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग तथा भारतीय जनता पार्टी एवं मध्यप्रदेश सरकार की साठ-गाठ का आरोप लगाते हुए प्रथम प्रकाशित सूची में ही 60 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम अंकित किऐ जाने का आरोप लगाया और यह आरोप वे लगातार दोहराते रहे इन आरोपों की पुष्टि के लिये उन्होंने फर्जी दस्तावेज बनाकर मतदाता सूचियां एवं तथाकथित रूप से उनके द्वारा माने जा रहे फर्जी मतदाताओं की सूचियां भी उनके नाम कांटने के आवेदन सहित निर्वाचन आयोग को सौपी गई। प्रथम जांच मेंं ही निर्वाचन आयोग ने यह निष्कर्ष सावर्जनिक किया गया कि कांग्रेस द्वारा लगाये गये सभी आरोप मिथ्या है। तथ्यहीन है एवं उनके द्वारा पेश की गई फर्जी मतदाताओं में से अधिकांश मतदाता अपने निवास स्थानों पर निवास करते पाये गये। किन्तु कांग्रेस के बार-बार दबाव डालने के कारण, मतदान केन्द्रों पर सेवा दे रहे मतदान केन्द्र अधिकारी (बीएलओ) अनुचित दबाव में आकर वास्तविक मतदाताओं के नाम भी निरस्ती करने के लिये बाध्य हुए। हालाकि ये संख्या कम है, किन्तु लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 भाग 5 धारा 31 ख के अनुसार किसी भी वैध मतदाता का नाम आवेदन देकर कटवाने का प्रयास करने वाले व्यक्ति पर निर्वाचन आयोग स्वंय कार्यवाही करता है और उसे एक वर्ष तक की कारावास की सजा दी जा सकती है।

इस संबंध में दिनांक 13 नवम्बर 2018 को भारत निर्वाचन आयोग के समस्त सदस्यों के समक्ष जिसका नेतृत्व श्री ओ.पी. रावत मुख्य चुनाव आयुक्त कर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी के निर्वाचन आयोग समिति के सदस्य के रूप में मैं बाबूसिंह रघुवंशी ने की। 

जिसमें श्री विवेक तनखा, श्री कपिल सिब्बल, श्री दिग्विजयसिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलनाथ, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा उनके अन्य साथियों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 भाग 5 धारा 31 ख के अनुसार कार्यवाही कर उन्हें दण्डित करने का आवेदन दिया है।

केन्द्रीय निर्वाचन आयुक्त महोदय ने मेरा आवेदन विचार हेतु स्वीकार करते हुए पूर्ण कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

बंधुओं कांग्रेस पार्टी मध्यप्रदेश में विधानसभा का चुनाव पराजय की मनोवृत्ति से लड़ रही है तथा संभावित पराजय को व्यक्तिगत रखते हुए समस्त संवैधानिक संस्थाओं पर पक्षपात के अनर्गल आरोप लगा रही है इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी ने आपातकाल के समय का अपना तानाशाही एवं प्रजातंत्र विरोधी चेहरा पुनः सामने लाते हुए मध्यप्रदेश के लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से निकलवाने की शर्मनाक कोशिश की। उसमें उन्हें पराजय प्राप्त हुई, किन्तु इसके पश्चात भी उनके दबाव के कारण जिन वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से निकाल दिये गये। उनको मतदान के अधिकार से वंचित करने के घोर अपराध से कांग्रेस बच नहीं सकती है और हमारी इस शिकायत पर केन्द्रीय निर्वाचन आयोग शीघ्र कार्यवाही करते हुए प्रजातंत्र के दुश्मनों को दण्डित अवश्य करेंगी।

Share:


Related Articles


Leave a Comment