खुले मे शौच मुक्त करने की बात सफ़ेद झूठ

खबरनेशन / Khabarnation

 

सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी जी की जयंती पर झूठ परोसा शिवराज सरकार ने, 2 अक्टूबर को पूरे प्रदेश को पूर्ण 

रूप से खुले मे शौच मुक्त करने की बात सफ़ेद झूठ

मध्य प्रदेश मे हुआ 8 हज़ार करोड़ का घोटाला, 62 लाख 78 हज़ार 

516 शौचालयों मे से सिर्फ 10 प्रतिशत शौचालयों का ही 

निर्माण हुआ बाकी चढ़ गए भ्रष्टाचार की भेंट

 

मध्य प्रदेश काँग्रेस के मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमति शोभा ओझा जी ने आज यहाँ आयोजित पत्रकार वार्ता मे कहा कि देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2018 को लगातार 3-4 ट्वीट किए जिसमे उन्होने कहा कि इन 4 वर्षों मे सिर्फ शौचालय ही नहीं बने, गाँव शहर ओडीएफ़ ही नहीं बने बल्कि 90 प्रतिशत से अधिक शौचालयों का नियमित उपयोग भी हो रहा है एक और अन्य ट्वीट मे उन्होने लिखा कि वे महात्मा गांधी जी के दिखाये मार्ग पर चलते हैं। हम माननीय प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहते हैं कि अगर वे महात्मा गांधी जी के दिखाये मार्ग पर चलते हैं तो उन्होने फिर गांधी जी के सत्य के मार्ग का अनुसरण क्यों नहीं किया? क्यूँ वे सार्वजनिक रूप से देश को झूठ परोस रहे हैं कि 90 प्रतिशत से अधिक शौचालयों का नियमित उपयोग हो रहा है। प्रधानमंत्री जी जब शौचालय बने ही नहीं तो लोग उपयोग कैसे करेंगे? श्रीमति ओझा ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान मोदी जी से एक कदम आगे चल रहे हैं और उन्होने 2 अक्टूबर 2018 को समूचे प्रदेश को खुले मे शौच मुक्त घोषित कर दिया। और जनता की गाढ़ी कमाई के पैसों से करोड़ों रुपये के विज्ञापन देकर उस झूठ को सार्वजनिक रूप से प्रचारित और प्रसारित किया। उन्होने कहा कि केंद्र और प्रदेश मे झूठो कि सरकार चल रही है और मोदी जी और शिवराज सिंह जी आपस मे प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं कि कौन सबसे बड़ा झूठा है।

श्रीमति ओझा ने कहा कि शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश को खुले मे शौच मुक्त करते हुए विज्ञापनों मे ये उल्लेख किया है कि मध्य प्रदेश सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत 62 लाख 78 हज़ार 516 शौचालयों का निर्माण 30 सितम्बर 2018 तक पूर्ण कर सभी 50 हज़ार 228 ग्रामों को खुले मे शौच से मुक्त किया। श्रीमान नरेंद्र मोदी जी ने कहा कि 90 प्रतिशत शौचालयों का लगातार उपयोग हो रहा हैं जबकि काँग्रेस पार्टी का सीधा आरोप है कि मध्यप्रदेश मे 90 प्रतिशत शौचालय बने ही नहीं और कई ग्रामों मे शत प्रतिशत लोग आज भी खुले मे शौच करने जाते हैं। श्रीमति ओझा ने कहा कि जो आंकड़े मध्य प्रदेश सरकार ने शौचालय निर्माण के दिये हैं उस आधार पर ज़मीन पर जब हमने पड़ताल कि तो पाया कि लगभग 90 प्रतिशत शौचालय बने ही नहीं है और उनमे कुछ बने हैं तो वे अधूरे हैं कहीं दरवाजे नहीं हैं तो कहीं शीट बस लगी है। इस तरह से मध्य प्रदेश सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान का मज़ाक बनाया है और आंकड़ों की गणना के बाद हमारा अनुमान है कि करीब 8 हज़ार करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है। श्रीमति ओझा ने कहा कि अधिकारियों, दलालों और सत्ता पक्ष के नेताओं ने गठजोड़ कर खुली लूट की है।

श्रीमति ओझा ने कहा कि प्रदेश काँग्रेस ने 100 प्रतिशत खुले मे शौच मुक्त का रिऐलिटि चेक करवाया तो जमीनी हकीकत सरकार द्वारा दिये गए आंकड़ों से कौसो दूर नज़र आई। हमने सच्चाई को जानने के लिए विदिशा जिला चुना जिसे मध्य प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2018 को खुले मे शौच मुक्त घोषित किया था। विदिशा जिले को चुनने का मुख्य कारण यही था कि विदिशा संसदीय क्षेत्र से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान 5 बार सांसद रहे और इसी पंचवर्षीय मे विधायक का चुनाव भी जीते और वर्तमान मे भारत सरकार की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इसी विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं। पिछले 30 वर्षों से विदिशा लोकसभा भाजपा के कब्जे मे हैं एवं 15 वर्षों से मध्य प्रदेश मे भाजपा की सरकार है। इसीलिए हमने विदिशा संसदीय क्षेत्र के दो जनपद ग्यारसपुर और विदिशा जनपद के 3 ग्रामों को चिन्हित किया जिसमे ग्राम फ़ुर्तला एवं खांदा ग्यारसपुर जनपद तथा ग्राम पांझ विदिशा जनपद से लिया। जिसमे ग्राम पांझ और फ़ुर्तला को विदेश मंत्री माननीय सुषमा स्वराज ने गोद लिया है। हमारी टीम जब ग्राम खांदा पहुंची तो वास्तविकता और सरकार के दावे की पोल खुल गई समस्त ग्राम वासियों ने कहा कि उनके ग्राम मे एक भी शौचालय नहीं बने। इसी गाँव की निवासी अनीता बाई माखन सिंह ने बताया कि उसने अधिकारियों की धौंस डपट की वजह से 2 साल पहले शौचालय बनवा लिया था लेकिन उसे आज तक सरकार ने पैसे नहीं दिये और अनीता बाई आज भी कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। यही मज़ाक समूचे प्रदेश मे हुआ है कि जो शौचालय बने ही नहीं उनका भुगतान हो गया और गबन हो गया और जिन्होने अधिकारियों की बात मान ली या उनकी बातों मे फंस गए वे सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। श्रीमति ओझा ने बताया कि जब हमने ग्राम वासियों से पूछा कि फिर आप लोग शौच करने कहाँ जाते हो तो सभी ने कहा कि जंगल मे जाते हैं, यानि खुले मे शौच करने जाते हैं। ये उस गाँव की हकीकत है जो पूर्ण रूप से आदिवासी बाहुल्य है और आदिम जाति कल्याण विभाग से भी निश्चित ही कई योजनाओं का पैसा खांदा गांव के उन्नयन के लिये आता होगा लेकिन ग्राम के निवासी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संसदीय क्षेत्र मे प्राथमिक सुविधाओं के लिए संघर्षरत हैं।

श्रीमति ओझा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम फ़ुर्तला जिसे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी ने गोद लिया है उस ग्राम की हकीकत देखकर हम सब अचंभित हो गए। ग्राम वासियों ने बताया कि गाँव की सड़कों मे बारिश के समय ट्रैक्टर के बड़े टायर भी फंस जाते हैं। हमने उनसे पूछा कि आपके गाँव मे शौचालय बने हैं तो उन्होने कहा कि न शौचालय बने और न ही कोई सरकारी अधिकारी-कर्मचारी पूछने आया। महिलाओं से जब हमने उज्ज्वला योजना के बारे में पूछा तो उन्होने साफ मना कर दिया। उसी गाँव मे हमने कुछ लोगों से बिजली के बारे मे पूछा तो ग्राम वासी भड़क गए और कहने लगे आज 2 साल हो गए गाँव मे बिजली नहीं है डीपी जली पड़ी है और कोई सुध लेने वाला नहीं है। हमने उनसे संबल योजना के बारे मे पूछा तो उन्होने कहा साहब अब 200 रूपये के बिजली के बिल तो नियम से आ रहे हैं लेकिन बिजली नहीं आ रही। श्रीमति ओझा ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की कर्मभूमि विदिशा के ये हाल हैं तो समूचे प्रदेश के क्या हाल होंगे उसे कोई भी समझ सकता है।

 श्रीमति शोभा ओझा ने आगे बताया कि विदिशा जनपद का ग्राम पांझ जिसे सुषमा जी ने गोद लिया है इस गाँव मे ग्राम वासी हमारे साथियों को पकड़ कर अपने घर ले गए और अपने बदहाल कच्चे मकानों को दिखाया। हमने ग्राम की महिलाओं से पूछा कि शौचालय बन गए उन्होने कहा नहीं बने और सभी ने कहा कि बाहर खुले मंे शौच करने जाते हैं। पांझ गाँव के राम सिंह रघुवंशी से हमने पूछा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान जी ने 2 अक्टूबर को कहा कि पूरे मध्य प्रदेश को खुले मे शौच से मुक्त कर दिया है तो राम सिंह जी ने कहा कि ये बात 100 प्रतिशत झूठ है और उन्होने कहा लगभग सभी लोग बाहर खुले मे शौच करने जाते हैं वहीं खड़े एक ग्राम वासी ने कहा कि 80 प्रतिशत लोग बाहर शौच के लिए जाते हैं। वहीं राम सिंह ने कहा कि 24 घंटे मे से सिर्फ 1 घंटे बिजली मिल रही है। किसानों को आज जब सबसे ज्यादा बिजली की ज़रूरत है खेत मे फसलों को पानी देने के लिए उस वक़्त यदि किसान बिजली से महरूम हैं तो सरकार का बिजली नहीं देने का कदम किसानों की कमर तोड़ने जैसा है। श्रीमति ओझा ने कहा कि ये उस पांझ गाँव की जमीनी हकीकत है जिस गाँव के निवासियों ने सुषमा स्वराज जी के चुनाव मे 99 प्रतिशत वोट बीजेपी को दिये थे। लेकिन सुषमा जी ने उसी गाँव को गोद लेने के बाद भगवान के भरोसे छोड़ दिया।

श्रीमति शोभा ओझा ने कहा कि इन तीनों गांवों कि जमीनी हकीकत से केंद्र व राज्य सरकार के विकास के दावों की पोल खुल गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के विकास के दावे और वादे सब झूठे हैं। मध्य प्रदेश मे इन 15 वर्षों मे प्रदेश में सिवाय संगठित लूट और भ्रष्टाचार के कुछ नहीं हुआ। शिवराज सरकार के 100 प्रतिशत शौचालय बनाने के दावे बिलकुल झूठे हैं और बड़े पैमाने मे भ्रष्टाचार हुआ है और काँग्रेस पार्टी इस भ्रष्टाचार की जांच सक्षम एजेंसी से करवाने की मांग करेगी और न्याय नहीं मिलने पर न्यायालय के दरवाजे भी खटखटायेगी।

Share:


Related Articles


Leave a Comment