मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस आबकारी विभाग के तबादलों को लेकर बैचेन क्यों रहे ?
मुख्यमंत्री के ईमानदार प्रमुख सचिव मनीष रेस्तोगी को तत्कालीन प्रमुख सचिव,वाणिज्य कर मनोज गोविल के हाथ जोड़ने पर मजबूर होना पड़ गया
मंत्रिमंडल विस्तार और विभाग वितरण के बीच तबादला आदेश निकालने की हड़बड़ी
शिवराज गुडगाँव में अपने विधायकों से किये गए वादे से भी मुकरे
गौरव चतुर्वेदी / खबर नेशन / Khabar Nation
मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार दो जुलाई को हुआ और मंत्रियों के विभागों का बंटवारा तेरह जुलाई को हो गया । अधिकांश मंत्रियों ने इसी दिन विभाग का काम संभाल लिया। इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री निवास से लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय और वाणिज्य कर विभाग के प्रमुख सचिव के बीच जबरदस्त तनातनी और हड़बड़ी का माहौल बना रहा ।
मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव मनीष रेस्तोगी को एक तबादला आदेश निकलवाने के लिए प्रमुख सचिव वाणिज्य कर से यह कहने पर मजबूर होना पड़ गया कि मैं आपके हाथ जोड़ता हूं यह तबादला आदेश निकाल दें । सूत्रों के अनुसार प्रमुख सचिव वाणिज्य कर गोविल की इस टीप पर कि विभागीय मंत्री का प्रशासकीय अनुमोदन लिया जाना उचित होगा पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का यह कहना कि मुख्यमंत्री के मौखिक आदेश का पालन तत्काल किया जाए । जबकि विभागीय मंत्री जगदीश देवड़ा तेरह जुलाई को ही अपने विभाग का काम काज संभाल चुके थे । इस तनातनी और हड़बड़ी में विभागीय मंत्री के अधिकारों का भी हनन किया गया और नियम प्रक्रिया को भी ताक पर रख दिया गया ।
गौरतलब है कि इस दौरान 5 जुलाई को आबकारी विभाग में थोक तबादले किए गए ।
इसके बाद 10 जुलाई को तीन तबादले किए गए और फिर सोलह जुलाई को तबादले किए
गए । सभी तबादला आदेश में तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए ।
जबकि इस दौरान ऐसी कोई प्रशासकीय बाध्यता या परिस्थितियां निर्मित नहीं
हो रही थी । विभागीय मंत्री ने तेरह जुलाई को कार्यभार ग्रहण कर लिया था इसके बावजूद सोलह जुलाई को निकाले गए तबादला आदेश में भी विभागीय मंत्री का प्रशासकीय अनुमोदन आदेश निकालने के पूर्व नहीं लिया गया । मुख्यमंत्री के मौखिक आदेश की भी पुष्टि नहीं कराई गई ।
नियमत: मध्यप्रदेश कार्य आवंटन नियम के अनुसार विभाग के प्रभारी मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन के बिना कोई भी आदेश जारी नहीं किया जा सकता । चाहे मुख्यमंत्री ने मौखिक आदेश या स्पष्ट आदेश जारी किया है या फिर मुख्यमंत्री कार्यालय से नोटशीट पर निर्देश दिए गए हों।
विवादों के चलते मनोज गोविल को वाणिज्य कर विभाग से हटा दिया और उनकी जगह
मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी की धर्मपत्नी आय ए एस अफसर दीपाली रस्तोगी को पदस्थ कर दिया गया ।
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