ब्लैक गोल्ड के गढ़ में भाजपाई और सिंधिया गुट में तकरार
खबर नेशन /Khabar Nation
मध्यप्रदेश में ब्लैक गोल्ड के अंचल के तौर पर जाने जाने वाले मंदसौर-नीमच क्षेत्र में पुराने भाजपा कार्यकर्ता और नये भाजपाई (सिंधिया गुट से जुड़े ) के बीच तकरार शुरू हो गई है । गौरतलब है मंदसौर नीमच क्षेत्र में अफीम की खेती होती है और अफीम को काले सोने के तौर पर पहचाना जाता है ।
कोरोना संक्रमण के दौरान लड़ाई सोशल मीडिया पर नज़र आई है लेकिन भविष्य में इस लड़ाई के सड़कों पर आने की भरपूर संभावना व्यक्त की जा रही है ।
तकरार नीमच जिले के मनासा से भाजपा विधायक माधव मारु और कांग्रेस के पूर्व विधायक रहे विजेंद्र सिंह मालाहेड़ा के बीच शुरू हुई है । गौरतलब है कि मालाहेड़ा सिंधिया समर्थको में गिने जाते हैं । और सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा में आ गए । शुरुआत मालाहेड़ा के एक समर्थक भेरुप्रसाद परमार की फेसबुक पोस्ट से हुई । जिसमें पूर्व विधायक श्री विजेन्द्र सिंह मालाहेड़ा के निवेदन पर श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया एवम् जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी राम सिलावट के द्वारा कालियाखो बांध की स्वीकृति प्रदान की बहुत जल्द उसका काम शुरु होगा जिससे सिंचाई का रकबा निम्न गांव में बदेगा कुकड़ेश्वर। खड़ावदा। मोकड़ी। गोटा पिपलिया। नकपुरा आदि ।। मालाहेडा पिरखो बांध भी अतिशीघ्र स्वीकृत होगा का जिक्र किया गया था । लगभग दो तीन घंटे के भीतर ही मनासा के भाजपा विधायक माधव मारु ने फेसबुक पोस्ट करते हुए आक्रामक तेवर इख्तियार कर लिए । मारु ने फेसबुक पोस्ट में लिखते हुएहमारे क्षेत्र की शान माननीय पूर्व मुख्यमंत्री श्री सुन्दरलालजी पटवा साहेब का सपना कालिया खो एवं पगारा बांध की स्वीकृति पूर्व विधायक माननिय श्री केलाश चावलाजी के समय पर हुई थी जिसमे वन विभाग को राजस्व विभाग द्वारा जमीन का हस्तांतरण होना था जिसका कि आदेश मेरे द्वारा छह माह पूर्व ही करा दिया गया था और उस
जमीन का विधिवत कब्जा देना शेष था जो कि 3 दिवस पूर्व ही इस हेतु सभी अधिकारियों को निर्देशित किया और माननीय मुख्यमंत्रीजी द्वारा सभी विधायकों से प्राथमिकता के कार्यों की सूची मांगी गई जिसमें मेरे द्वारा कालिया खो एवं पगारा बांध को प्राथमिकता दी गई ।
काम हमेशा करने से होते है हवा में दिखाने से नही। कृपया भारतीय जनता पार्टी में किसी तरह का कोई गुट बनाने की कोशिश नही करें इस पार्टी मे काम को प्राथमिकता है दिखावे को नही ।कृपया पहले इसके सांचे में ढल जाएं कार्यकर्ता खुद आपको सर आखों पर बैठा लेंगे कह डाला । विवाद यहीं नहीं थमा मारु खेमे की तरफ से विकास कार्य का श्रेय लेती हुई समर्थकों ने भी पोस्ट कमेंट शुरू कर दिए । विकास कार्य का श्रेय मालाहेड़ा ना ले जाएं इसको लेकर भी मारु खेमे की तरफ से एक फेसबुक पोस्ट आज भी जारी की गई । इस बार पूरी योजना का जिक्र करते हुए मारु अपनी ही पार्टी के राजनैतिक दुश्मन पूर्व मंत्री कैलाश चावला को इस योजना के बनवाने एवं शिलान्यास का श्रेय देने से नहीं चूके ।
गौरतलब है कि चावला पूर्व में एक चुनाव मारु के बगावती तेवर के चलते हार चुके हैं और चावला 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकिट ना मिलने पर मारु की जमकर मुखालिफत कर चुके हैं । मजेदार बात यह है कि माधव मारु जिस बात की सलाह विजेंद्र सिंह मालाहेड़ा के लिए भाजपा के सांचे में ढलने की दे रहे हैं , वही मारु विधानसभा चुनाव 2018 के पूर्व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को और पार्टी की नीतियों को जमकर गाली दे रहे थे । ये वही मारु हैं जिनको लेकर संभावना व्यक्त की जा रही थी कि कमलनाथ सरकार बचाने के लिए वे कांग्रेस के पाले में जा सकते हैं ।
राजनैतिक हलकों में इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही है कि यह लड़ाई लॉक डाउन खुलने के बाद बढ़ेगी । मारु अपना राजनैतिक नुकसान देखकर हमेशा आक्रामक तेवर अपना लेते हैं । और समीपस्थ जिले की सुवासरा सीट पर विधानसभा उपचुनाव होना है । जहां से निर्दलीय विधायक हरदीप सिंह डंग कांग्रेस में हो रही सिंधिया की उपेक्षा और उनके समर्थकों विधायकों द्वारा दिए गए इस्तीफ़े के घटनाक्रम के दौरान भाजपा में शामिल हुए हैं । डंग को भाजपा प्रत्याशी बनाएगी और सिंधिया डंग के समर्थन में चुनाव प्रचार करने आएंगे । ऐसे में नीमच मंदसौर के सिंधिया समर्थक ताकत दिखाने से बाज नहीं आएंगे । इस बात के चलते लड़ाई दिलचस्प रहने की संभावना है ।