मप्र मानव अधिकार आयोग 15 जून को आगर मालवा एवं 16 जून को रतलाम में जनसुनवाई करेगा
भोपाल, बुधवार,
’’आयोग आपके द्वार’’
खबर नेशन/ Khabar Nation
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा ’’आयोग आपके द्वार कार्यक्रम’’ के तहत मानव अधिकार के उल्लंघन से संबंधित मामलों की जिलास्तर पर सीधी जनसुनवाई की जाती है। इसी श्रृंखला में आयोग द्वारा 15 जून (गुरूवार) को संयुक्त कलेक्टर कार्यालय, आगर मालवा के सभागृह में एवं 16 जून (शुक्रवार) को कलेक्टर कार्यालय, रतलाम के सभागृह में मप्र मानव अधिकार आयोग में पहले से लम्बित मामलों एवं नये प्राप्त आवेदनों की जनसुनवाई की जायेगी। इस जनसुनवाई में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी एवं माननीय सदस्य श्री राजीव कुमार टंडन सहित आयोग में आगर मालवा व रतलाम जिले के मानवाधिकार हनन मामलों के प्रस्तुतकर्ता अधिकारी सहित आयोग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं जिलाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। आयोग के पदाधिकारी 14 जून की शाम आगर मालवा पहंुचेंगे। अगले दिन 15 जून को सुबह 11 बजे से संयुक्त कलेक्टर कार्यालय, आगर मालवा के सभागृह में पहले से लंबित व नये आवेदन पत्रों की जनसुनवाई करेंगे। आयोग के पदाधिकारी जनसुनवाई कार्यक्रम के पश्चात् दोपहर 2.30 बजे आगर मालवा से प्रस्थान कर देर शाम तक रतलाम पहुचेंगे। अगले दिन 16 जून को सुबह 11 बजे से कलेक्टर कार्यालय, रतलाम के सभागृह में पहले से लंबित व नये आवेदन पत्रों की जनसुनवाई करेंगे।
‘‘आठ मामलों में संज्ञान’’
मप्र मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी ने ‘आठ मामलों में संज्ञान’ लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
महिला अपराध में बढ़ोतरी, पांच माह में 150 दुष्कर्म, 186 से छेड़खानी
भोपाल शहर में महिला अपराधों ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। पिछली पांच माह की स्थिति देखें तो हालात यह है कि रोजाना एक महिला दुष्कर्म का शिकार हो रही है। इस कारण अब वह लोग सामने आ रहे हैं जो पहले शिकायत करने थाने पर नहीं आते थे। जानकारी के मुताबिक जनवरी से लेकर मई तक दुष्कर्म के 150 मामले और छेड़खानी के 186 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 48 मामले नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दर्ज किये जा चुके हैं। पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर महिला अपराधों में वृद्धि को रोकने के लिये किये गये उपायों के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।
हरपालपुर क्षेत्र में जहरीली शराब का ताण्डव, दो लोगों की मौत
छतरपुर जिले के हरपालपुर थानाक्षेत्र के अमां गांव निवासी ताराचंद्र उर्फ मोटू अहिरवार की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। उसने अमां गांव में बिकने वाली अवैध शराब का सेवन किया था, जिसके बाद उसकी रात में अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे रात में उल्टी होने लगी और आखों से कम दिखाई देने लगा। जहरीली शराब के सेवन से मौत होने की आशंका पर पुलिस रात को अमां गांव पहुंची। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं जिला आबकारी अधिकारी, छतरपुर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
भंडारे का भी बंटवारा.....प्रसादी के लिये सवर्णों और दलितों के अलग-अलग टेंट
सीहोर जिले के अमलाहा में बीते मंगलवार को हनुमान मंदिर पर भंडारा हुआ था। इस दोरान सवर्णों और दलितों के लिये अलग-अलग टेंट लगाये गये थे। ऐसे में दलितों ने इस बात पर आपत्ति जताई। दलितों का कहना है कि हमें भी बराबरी से बैठाकर प्रसादी मिलना चाहिये। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, सीहोर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
ब्लू डस्ट उडाते चल रहे ओवरलोड हाइवा, सांस व आंखों के मरीज बढ़े
जबलपुर शहर के गोसलपुर क्षेत्र में संचालित खनिज पदार्थों की खदानों से खनिज पदार्थ परिवहन करने वाले हाइवा पहाड़ की तरह खनिज (ब्लू डस्ट) लोड़कर बिना तिरपाल से ढ़के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। तेजी से भाग रहे इन वाहनों से ब्लू डस्ट उड़ रही है और हाइवा के पीछे चलने वाले बाइक सवार व राहगीरों की आखों में भर रही है, जिससे सड़क पर वे ंहादसे का शिकार हो रहे हैं। वहीं उनकी आखों पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है। वहीं क्षेत्र में सांस के रोगी भी बढ़ गये हैं। इस संबंध में शिकायत करने के बाद भी संबंधित विभाग व थाने के कर्मचारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, जबलपुर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
पीएम सड़क पर बेलगाम दौड़ रहे डंपर, सड़क हुई क्षतिग्रस्त
जबलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर आवागमन के लिये पक्की सड़कों की सुविधा प्रधानमंत्री सड़क योजना से मिल रही है, लेकिन इन पक्की सड़कों पर रेत, गिट्टी सहित अन्य खनिज संपदा से भरे डंपर बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। जबकि इन सड़कों की भार क्षमता कम होती है। ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग आधा दर्जन से अधिक सड़कों से डामर गायब हो चुका है। ऐसे में ग्रामीणों को दिक्कतों भरा सफर तय करना पड़ रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, जबलपुर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
आठ-आठ दिन में मिलता है पीने का पानी
जबलपुर शहर के कुंडम क्षेत्र के हरदौल मोहल्ला, बरम बाबा मोहल्ला, सुभाष नगर, संतोषी माता मोहल्ला, खेरमाई मोहल्ला, मेन रोड़ किनारे सभी जगह आठ-आठ दिन के अंतराल में पानी की सप्लाई की जा रही है। कहीं-कहीं तो नल से हवा निकलती है। इन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर जन आंदोलन किया जायेगा। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, जबलपुर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
दूर है जबेरा....इसलिये एक बजे के बाद होता है साहब का सवेरा
जबलपुर शहर के रांझी, नगर निगम जोन कार्यालय की कमान संभालने वाले जोन अधिकारी तो लेटलतीफी की पराकाष्ठा ही पार कर चुके हैं। पूरी जिम्मेदारी निचले स्तर के कर्मचारी ही निभा रहे हैं। यही कारण है कि यहां कर्मचारी भी अपनी मानमानियां दिखा रहे हैं। वह साहब के लेट आने पर खुद ही कार्यालय से गायब हो जाते हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, जबलपुर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ यह भी पूछा है कि यदि रांझी जोन कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगे हों, तो प्रतिवेदन के साथ पांच कार्यदिवसों की कार्यालयीन समय की सीसीटीवी फुटेज की सीडी भी भेजें।
क्या दो-चार बलि लेकर ही जायेंगे जिम्मेदार ?
बीते दिनों तेज हवा के झोंके ने लखनउ के गोमती नगर स्थित इकाना स्टेडियम परिसर में लगा यूनिपोल भर भराकर गिर गयं। इस यूनिपोल की चपेट में एक कार आ गई, जिसमें मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। जबलपुर शहर में भी ऐसे जानलेवा हादसों की कल्पना से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिम्मेदार लोग क्या दो-चार बलि लेकर ही जायेंगे ? होर्डिंग माफिया को नगर निगम के अधिकारी पनाह दे रहे हैं। क्योकि जिस अनुबंध के तहत यूनिपोल लगाने की परमीशन दी जाती है, उस परमीशन को तो धता बताकर यूनिपोल लगा लेते हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं कमिश्नर, नगर निगम, जबलपुर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
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गौरव चतुर्वेदी
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