नीमच में 1 अरब रुपये से अधिक के जब्त मादक पदार्थ नष्ट, सीमेंट प्लांट में चली अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत नीमच में अब तक की सबसे बड़ी मादक पदार्थ नष्टीकरण कार्रवाई शुरू की गई। करीब एक अरब रुपये से अधिक कीमत के जब्त नशीले पदार्थों को सीमेंट प्लांट के हाई-टेम्परेचर बॉयलर में नष्ट किया जा रहा है। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और पूरे परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।
1 लाख 16 हजार किलो से अधिक मादक पदार्थ किए जा रहे नष्ट
उज्जैन और रतलाम रेंज के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किए गए 1 लाख 16 हजार 941 किलो मादक पदार्थों का नष्टीकरण नीमच के सीमेंट संयंत्र में किया जा रहा है। यह प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
इन मादक पदार्थों का किया जा रहा नष्टीकरण
जब्त मादक पदार्थों में एमडी, डोडाचूरा, स्मैक, ब्राउन शुगर, गांजा, चरस और बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां शामिल हैं। इन सभी को पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए सीमेंट प्लांट के हाई-टेम्परेचर बॉयलर में नष्ट किया जा रहा है।
करीब 20 ट्रकों में पहुंचाई गई खेप
अलग-अलग जिलों से करीब 20 ट्रकों में भरकर जब्त मादक पदार्थों को नीमच स्थित सीमेंट प्लांट लाया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
नष्टीकरण की इस कार्रवाई के दौरान रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल, उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन के साथ नीमच, मंदसौर, देवास और शाजापुर के पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
2029 तक नशा मुक्त मध्य प्रदेश का लक्ष्य
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने के लिए मादक पदार्थों की जब्ती, तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जब्त नशे के सुरक्षित नष्टीकरण का अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी दिशा में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।