अटल बाल पालक से सुपोषित हुईं अदिति और काव्या
भोपाल। ढाई वर्ष की अदिति और डेढ़ वर्ष की काव्या का जीवन अटल बाल पालक योजना से कुपोषणमुक्त हो गया हैं। महिला-बाल विकास विभाग की इस नवाचार योजना ने दोनों बच्चियों को कुपोषित से स्वस्थ बच्चों की श्रेणी में ला खड़ा किया हैं।
होशंगाबाद जिले की अदिति केवट का जन्म के समय वजन केवल 2.300 ग्राम था। अति कम वजन की अदिति को अटल बाल पालक के रूप में मोहम्मद आदिल फाजिल ने अप्रैल में गोद लिया। महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा अदिति के पिता केवलराम केवट और माता रेखा केवट की काउंसिलिंग कर उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता रखने संबंधी आदतों की जानकारी दी गई। आँगनवाड़ी केन्द्र पर अदिति की नियमित रूप से आयुर्वेदिक तेल से मालिश शुरू की गई। साथ ही उसे विशेष आहार के रूप में पौष्टिक सोया-सत्तू, सोया-बिस्कुट, आँगनवाड़ी केन्द्र पर मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन निर्धारित समय पर दिया गया। परिणामस्वरूप अदिति के वजन में बढ़ोत्तरी हुई। अब वर्तमान में उसका वजन 10 किलो 800 ग्राम हो गया हैं। महिला-बाल विकास विभाग तथा अटल बाल पालक के प्रयासों से अदिति अति कम वजन से सामन्य वजन की श्रेणी में आ गई हैं। अदिति के माता-पिता आँगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा महिला-बाल विकास विभाग की सराहना करते हुए कहते हैं कि आज उनकी बेटी कुपोषण के अभिशाप से मुक्त हो गई हैं।
ब्यावरा की काव्या राजपूत का वजन भी जन्म के समय मात्र 2 किलोग्राम था। अटल बाल पालक योजना के तहत कलेक्टर अविनाश लवानिया ने काव्या को गोद लिया। लवानिया ने उसके पिता कन्हैयालाल और माता संध्या को काव्या को नियमित स्तनपान कराने तथा उन्हें स्वच्छता संबंधी आदतें अपनाने की समझाइश दी। आँगनवाड़ी केन्द्र में प्रतिदिन काव्या की तेल से मालिश शुरू की गई और उसे आँगनवाड़ी केन्द्र के मीनू अनुसार नाश्ता, सोया और नट्स, केला और दूध का पौष्टिक आहार दिया जाने लगा। कलेक्टर के प्रयासों से काव्या अब अति कम वजन की श्रेणी से बाहर आ गई हैं। काव्या के माता-पिता अपनी बेटी के वर्तमान स्वस्थ जीवन से काफी खुश हैं, क्योंकि वह अब सामान्य बच्चों की तरह अपना जीवन जी रही हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)