श्रमिक बापू, उत्तम और प्रेमकुंवर को मिले पक्के मकान

भोपाल। श्रमिक बापू कसाना, उत्तम सिंह और प्रेमकुंवर के पक्के मकान का सपना साकार हो गया हैं। इन श्रमिकों की पीढ़ियाँ कच्चे मकानों में रहती आई हैं। पक्के मकान के लिये जरूरी रुपया-पैसा जुटाना इन श्रमिकों के लिये संभव नहीं था। इनका पक्के मकान का सपना केवल सपना ही रह जाता, अगर प्रधानमंत्री आवास योजना का साथ नहीं होता।

इस साल इन श्रमिकों के क्षेत्र की ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में इनके नाम जुड़े हैं। इन्हें मकान बनाने के लिये सरकार की ओर से समय पर पैसा भी मिल गया। इन सबने अपना-अपना बढ़िया मकान बनाया। आज ये श्रमिक अपने परिजनों के साथ ठाठ से अपने पक्के मकान में रह रहे हैं।

झाबुआ जिले में राणापुर विकासखंड के पुवाला गाँव के बापू कसाना अब अपने पक्के मकान में सपरिवार रहते हैं। ठंड, बरसात और गर्मी में होने वाली परेशानी से उन्हें मुक्ति मिल गई हैं। बापू के मकान में शौचालय भी हैं। बापू के परिवार को गाँव के पास जंगल होने पर भी अब खतरनाक जानवरों का डर नहीं लगता क्योंकि उनका घर एक पक्का मकान हैं। 

डिण्डोरी जिलेमें अमरपुर ब्लॉक के बरसिंघा गाँव के उत्तम सिंह मजदूरी से बमुश्किल अपने परिवार का गुजर-बसर कर पा रहे थे। ऐसे में पैसा बचाकर पक्का मकान बनाना बहुत दूर की कौड़ी थी। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली एक लाख 60 हजार रुपये की सहायता से आज अपना पक्का मकान बना सके हैं। अब उत्तम का परिवार पक्का मकान बनने से बहु खुश हैं। 

मंदसौर जिले के गुर्जरबर्डिया गाँव की प्रेमकुंवर झोपड़पट्टी में रहती थी। इस कारण कीट-पंतगों, जहरीले कीड़ों और गर्मी-सर्दी का डर हमेशा बना रहता था। पक्का मकान बनाने के लिये उसके पास पैसे नहीं थे। प्रेमकुंवर का जीवन तो दूसरों के पक्के मकान बनाने में मजदूरी करते-करते बीत रहा था। प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रेमकुंवर का पक्के मकान का सपना साकार हो गया हैं। अब प्रेमकुंवर खुश और निश्चिंत हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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