ओंकारेश्वर को आदि शंकराचार्य की ज्ञानस्थली के रूप में विशिष्ठ पहचान मिलेगी

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि द्वादश ज्योर्तिलिंगों में विशिष्ठ ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा की स्थापना के साथ वेदान्त संस्थान विकसित किये जाने से ओंकारेश्वर शंकराचार्य की ज्ञानस्थली के रूप में विद्वतजनों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की दूरदर्शितापूर्ण पहल से शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा के इर्द-गिर्द संग्रहालय का निर्माण भी शामिल होगा।
 

उन्होंने कहा कि ज्योर्तिलिंग के रूप में विश्वविख्यात ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की गुफा का मूल स्वरूप यथावत रखते हुए सोमनाथ की तर्ज पर जन सहयोग से मंदिर के निर्माण की परियोजना भी पूर्ण होगी। विष्णुपुरी और ममलेश्वर मंदिर का जिज्ञासुओं के लिए जो आकर्षण हैं उसमें चार चांद लगाने के लिए अधिक सरल सुगम बनाया जायेगा। आदि शंकराचार्य से जुड़े संदर्भाें को जीवन्त बनाने के लिए लाइट एंड साउंड कार्यक्रम पर भी कार्य योजना के अमल पर विचार किया जा रहा हैं। आने वाले दिनों में ओंकारेश्वर धार्मिक पर्यटन के साथ ही वेदान्त की शिक्षा केंद्र के रूप में विश्व के मानचित्र पर दुर्लभ केंद्र बनेगा। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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