कांग्रेस का विद्वेष का सियासी दांव कामयाब नहीं होगा

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस 2014 के बाद संपन्न हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में शर्मनाक पराजय मिलने के बाद वैचारिक और सियासी स्तर पर हताश हो चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगी दलों के साथ जहां 21 राज्यों में जनादेश प्राप्त कर चुकी हैं, वहीं कांग्रेस सिमटकर 4 राज्यों में रह गयी हैं। राहुल गांधी राजनैतिक आधार पर पराजय स्वीकार करने के लिए बजाय किसी तरह समाज को जातीय विद्वेष के हवाले करके भारतीय जनता पार्टी को जनता की नजरों से गिराना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता कांग्रेस की इस दूषित मानसिकता और षडयंत्रकारी सियासत को जान चुकी हैं। कांग्रेस जातीय विद्वेष के सहारे अराजकता फैलाने में कामयाब नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि जनता ने जातीय विद्वेष फैलाने के राहुल गांधी के मंसूबों को गुजरात में नाकामयाब कर दिया। उससे सबक लेकर राहुल गांधी को अपना गलत रास्ता छोड़ देना था लेकिन विनाश काले विपरीत बुद्धि को ही उन्होंने चरितार्थ किया और उत्तर प्रदेश में मात खायी।

डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को जनता ने लगातार करारी पराजय दी थी। कांग्रेस इन राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनाव को देखते हुए दलितों की आड़ में विद्वेष की राजनीति कर रहें हैं लेकिन जनता उन्हें माकूल जवाब देगी। हाल में फसाद के मौके पर न तो कांग्रेस ने शांति की अपील की और न इसका विरोध किया। कांग्रेस जनता के बीच बेनकाब हो चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी समाज में समरसता के लिए प्रतिबद्ध हैं। इतिहास इस बात का साक्षी हैं कि कांग्रेस ने 55 वर्षो के एक छत्र शासन में जहां बांटो और राज करो की सियासत की हैं, जबकि भाजपा ने सामाजिक समरसता को अपना एजेंडा बनाया हैं। जनता को पता हैं कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न तो कोई शक्ति आरक्षण समाप्त कर सकती हैं और न अनुसूचित जाति, जनजाति प्रताड़ना निरोधक कानून को नखदंत विहीन बना सकती हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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