कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर

संसद में बैंकिंग सुरक्षा का बिल पेश होने में अडंगा लगा रही

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और सांसद प्रो. चिंतामणि मालवीय ने कहा कि यह जानकर हैंरानी होती हैं कि जब मई 2014 में लोकसभा चुनाव के मतदान की गणना जारी थी। तत्कालीन वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम स्वर्ण योजना 80-20 को मंजूरी दे रहे थे। उन्हें पता था कि कांग्रेस का जहाज डूब रहा हैं। फिर भी उसी दिन उन्होंने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को अरबों रूपयों का वारा न्यारा करने की छूट देकर देश को क्षति पहुंचायी। आज वही कांग्रेस इन भगोड़ो को कानून के शिकंजे में लाने के लिए मोदी सरकार द्वारा लाए जाने वाले बैंकिंग विधेयक को संसद में सदन के पटल पर रखने देने में बाधा डालकर देश के भगोड़ो के सुरक्षा कवच बन रहे हैं। इससे कांग्रेस को दोहरा चरित्र उजागर होता हैं।

उन्होंने कहा कि देश में एनपीए में वृद्धि के लिए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार और कांग्रेस दोषी हैं। विजय माल्या को कर्ज दिलाने में सीधे सीधे तत्कालीन वित्त मंत्री की सीधी भूमिका रही हैं। उन्होंने स्वयं स्टेट बैंक आफ इंडिया के अधिकारियों पर टेलीफोन पर निर्देश देकर दबाव डाला था। आज जब ये बाते सामने आ रही तो कांग्रेस शोर शराबा करके न तो सदन को चलने दे रहे हैं और न जनता को तथ्यों से समग्र रूप से अवगत होने दे रहें हैं। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भूमिका उनके अपरिपक्व नेतृत्व को उजागर करती हैं।

प्रो. मालवीय ने कहा कि बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद का पूरा पखवाडा कांग्रेस ने विपक्ष के साथ मिलकर बिना कामकाज के बर्बाद किया हैं। वे भूल गए कि संसद के एक दिन के संचालन पर जनता की खून पसीने की कमाई का 9 करोड़ रूपए से ज्यादा खर्च होता हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को सरकार बनाने की स्थिति से खदेड़ दिया हैं। आने वाले चुनाव में संसद को बाधित करने का अंक बल भी जनता छीन लेगी। (खबरनेशन / Khabarnation)

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