अन्नदाता ही मेरी जिन्दगी हैं: मुख्यमंत्री
किसान सम्मान यात्रा के लोकगीतों का लोकार्पण
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मेरी तो जिन्दगी ही अन्नदाता किसान हैं। वो सुखी रहे इसके लिए मुझे जो भी करना पड़ेगा, अवश्य करूंगा। किसान के कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। चौहान भाजपा किसान मोर्चा द्वारा आयोजित होने वाले किसान सम्मान यात्रा के लिए लोकगीतों का लोकार्पण कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, जिला अध्यक्ष व विधायक सुरेन्द्रनाथ सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर, जिला पंचायत अध्यक्ष मनमोहन नागर, मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी संदीप श्रीवास्तव, कार्यालय मंत्री पदमसिंह ठाकुर सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसानों के परिश्रम और सरकार की नीतियों के कारण ही मध्यप्रदेश को पांचवी बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला हैं। आज प्रदेश में प्रगतिशील किसानों ने अलग ढंग की खेती अपनाई हैं और वे प्रधानमंत्री के उस सपने को पूरा करने की दिशा में प्राणपण से जुटें हुए हैं जिससे उनकी आय दोगुनी की जा सके। आज मध्यप्रदेश में एक-एक एकड़ में पांच-पांच लाख रूपए कमाने वाले किसान भी मौजूद हैं। यह हमारे लिए गौरव की बात हैं। इन प्रगतिशील किसानों से दूसरे किसान भाईयों को सीखना चाहिए। हम ऐसे किसानों को ब्रांड एंबेसडर बनाकर कृषि महोत्सव में बुलायेंगे और उनसे पूंछेंगे कि खेती को उन्नत करने के लिए क्या-क्या उपाय किए जाए ?
चौहान ने कहा कि किसान को किसी भी कारण से कोई नुकसान होगा तो उसकी भरपाई सरकार करेगी। यह भाजपा की सरकार हैं जिसने तय किया हैं कि समर्थन मूल्य तो मिलेगा ही, साथ ही मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत पसीने की कीमत अलग से दी जायेगी। सरकार गेहूं 1735 रूपए प्रति क्विंटल खरीद रही हैं और 265 रूपए प्रति क्विंटल अलग से डाल दिया जायेगा। शरबती गेहूं पैदा करने वाले किसान भले ही कितने उंचे भाव में गेहूं बेंचे लेकिन उन्हें भी 265 रूपए प्रति क्विंटल अलग से दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसान को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। ओला, पाला, इल्ली से होने वाले नुकसान पर भी 30 हजार रूपए हैंक्टेयर दिया जायेगा और खरीफ 2017 की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि संभावित 7 हजार करोड़ रूपए अलग से हैं। उन्होंने कहा कि चना, मसूर, सरसों पर भी समर्थन मूल्य से 100 रूपए प्रति क्विंटल सरकार अतिरिक्त दे रही हैं। पिछली साल जिन किसानों ने अपना गेहूं बेचा था उनको भी किसान सम्मान यात्रा समाप्त होते हुए 16 अप्रैल को गत वर्ष गेहूं खरीदी के 200 रूपए प्रति क्विंटल और 10 जून को इस वर्ष गेहूं खरीदी के 265 रूपए प्रति क्विंटल किसान के खाते में डाल दिया जायेगा।
उन्होंने किसानों से अपील की कि मंडी में खरीदी जारी हैं लेकिन एसएमएस मिलने पर ही वे अपना अनाज लेकर मंडी पहुंचे क्योंकि कुछ विघ्नसंतोषी लोग किसानों के हित में चलायी जा रही योजनाओं के विरोधी हैं इसलिए उनसे सावधान रहने की आवश्यकता हैं। सरकार व्यवस्थित रूप से सभी किसानों को लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर किसान मोर्चा अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने बताया कि 1 अप्रैल को भगवान बलराम के मंदिर बलदाऊ जी से प्रारंभ होने वाली यात्रा के लिए जो लोकगीत तैयार किए गए हैं। वे मध्यप्रदेश में बोली जाने वाली अलग अलग बोलियों के हैं। उन्होंने कहा कि 2003 में कांग्रेस जिस स्थिति में प्रदेश को छोड़कर गयी थी उसको बदलना बहुत दुष्कर कार्य था लेकिन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के संकल्प के कारण यह संभव हो सका हैं। मुख्यमंत्री स्वयं 1 अप्रैल को मुरैना में किसान सम्मान यात्रा की अगवानी करते हुए एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे। (खबरनेशन / Khabarnation)