संसद सत्र को बाधित कर कांग्रेस ने जनभावनाओं का अपमान किया
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और सांसद प्रो. चिंतामणि मालवीय ने कहा कि कांग्रेस की तासीर अलोकतांत्रिक है। उसका न तो अंदरूनी लोकतंत्र में भरोसा है और न बाह्य लोकतंत्र में आस्था है। इसलिए कांग्रेस संसद को भी अखाड़ा बनाए हुए है। जबकि संसद शालीन असहमति, विरोध पूर्ण बहस और चर्चा का मंच है। हंगामा और अखाड़ेबाजी का नहीं। जो विरोध प्रदर्शन सड़कों पर किया जाता रहा है कांग्रेस तख्तियां लेकर यदि सदन में सड़क छाप दृश्य उपस्थित करती है तो यह संसद का ही नहीं भारतीय लोकतंत्र का अपमान है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विजय और पराजय दो पहलू है। जनता का निर्णय शिरोधार्य किया जाता है। लेकिन कांग्रेस अपनी लगातार हार को पचा नहीं पा रही है और हताशा में कुंठाग्रस्त होकर लोकतंत्र को आघात पहुंचा रही है। करोड़ो रूपयों का व्यय सदन के संचालन पर होता है। यह लोकधन जनता की खून पसीना से की गयी कमाई टैक्स के रूप में आता है। हंगामा कर सदन का समय बर्बाद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस को ही जनता ने अर्श से फर्श पर पहुंचाया है। उसके अलोकतांत्रिक व्यवहार को जनता देख रही है।
प्रो. मालवीय ने कांग्रेस के दोहरे चरित्र को बेनकाब करते हुए कहा कि उसने जीएसटी बिल का लोकसभा में समर्थन किया लेकिन राज्यसभा में दुर्भावना पूर्वक विरोध किया। इसी तरह तीन तलाक विधेयक को लेकर यही रवैया अपनाकर दोमुहापन बेनकाब किया। पिछड़े वर्गो के प्रति भी कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने वाले विधेयक को लोकसभा में समर्थन और राज्यसभा में विरोध से कांग्रेस की नकारात्मक मानसिकता सामने आयी है जिसका खामियाजा उसे आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा। प्रो. मालवीय ने कहा कि 2014 में जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया था। पिछले चार वर्षों से कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के घोटाले और भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो रहे है। इससे कांग्रेस की असल चेहरा बेनकाब हो रहा है। वही कांग्रेस को इस बात पर हैरानी है कि चार वर्षों में एनडीए सरकार पर भ्रष्टाचार या घोटाला का एक भी आरोप लगाने और सिद्ध करने में विफल रही है। (खबरनेशन / Khabarnation)