कानून बनाकर गोकशी को संरक्षण दे रही सरकार: भूपेन्द्र सिंह

राजनीति Jul 24, 2019

खबर नेशन/Khabar Nation 

विधानसभा में तर्क देकर किया पुरजोर विरोध

सागर।  मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक 2019 पर विधानसभा में हुई चर्चा में पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक गौवध का काम करने वालों को संरक्षण देने के लिए लाया गया है। इसलिए भाजपा इस विधेयक का पुरजोर विरोध करती है। विपक्ष के ठोस तर्क और सख्त विरोध के चलते संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया और प्रवर समिति को सौंप दिया गया।

बुधवार को इस विधेयक पर विधानसभा में पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक भूपेन्द्र सिंह ने जोरदार तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में माॅव लिंचिंग रोकने की कोई मंशा नहीं दिख रही। माॅव लिंचिंग कई प्रकार से होती है बच्चे की चोरी जघन्य दुष्कर्म, मोबाईल की चोरी जैसी घटनाओं में भी माॅव लिंचिंग होती है। जिनके संबंध में सरकार द्वारा इस विधेयक में कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया।

सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई एक रिट पिटीशन का जिक्र करते हुए भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकारों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि माॅव लिंचिंग को रोकने के लिए सेप्रेट कानून बनाये। लेकिन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आज जो विधेयक लाया गया है, वह गोकशी का काम करने वालों को संरक्षण देने के लिए है। मूल अधिनियम-2004 में प्रावधान है कि गौवंश को परिवहन करने वालों को सक्षम प्राधिकारी से अनुज्ञा-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जिसमें आज यह संशोधन किया जा रहा है कि गौवंश परिवहन के लिए अनुज्ञा-पत्र प्राप्त करना अपेक्षित होगा, यानि यह अनिर्वाय नहीं होगा। अर्थात गौवंश परिवहन करने वाला चाहे तो अनुज्ञा-पत्र ले और न चाहे तो नहीं ले। मतलब आपके पास अनुज्ञा-पत्र नहीं भी हांेगा तो एक राज्य से दूसरे राज्य में गौवंश परिवहन कर सकते हैं।

पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि बिना अनुज्ञा-पत्र के गौवंश परिवहन करने पर सजा का प्रावधान इस संशोधन विधेयक में नहीं है। यानि सीधे तौर पर अवैध रूप से गौवंश परिवहन की अनुमति इस विधेयक के माध्यम से सरकार देने जा रही है। संशोधन विधेयक की धाराओं का उल्लेख कर भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि अवैध परिवहन रोकने वालों के लिए सजा बढ़ा दी गई है। अवैध गौवंश परिवहन करने वाले को कोई सजा नहीं और जो अवैध परिवहन रोकेगा, उसके लिए 5 साल की सजा, इससे प्रदेश में गोकशी बढ़ेगी, जबकि सरकार को यह प्रयास करना चाहिए कि हमारे राज्य में गोकशी न हो। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में गोकशी बढ़ेगी और सामाजिक सद्भाव बिगड़ेगा। इसलिए भारतीय जनता पार्टी इस विधेयक का पुरजोर विरोध करती है। उल्लेखनीय है कि विपक्ष के सख्त विरोध के चलते राज्य सरकार ने उक्त विधेयक प्रवर समिति को सौंप दिया है।

 

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