सरकार गिराने के भाजपाई मंसूबे नाकाम, मत-विभाजन में कांग्रेस को मिले 122 मत: शोभा ओझा

राजनीति Jul 24, 2019

खबर नेशन/Khabar Nation  

मध्यप्रदेश में कमलनाथ जी के नेतृत्व में कांग्रेस का किला पूरी तरह से अभेद्य

भोपाल. मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने आज जारी अपने बयान में कहा कि प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का यह कहना कि ‘‘यदि नंबर एक और नंबर दो बोलें तो, हम सरकार गिरा देंगे’’, एक तरह से ‘‘राजनैतिक माफिया’’ द्वारा की गई स्वीकारोक्ति है कि इन माफियाओं के ‘‘सरगना’’ भ्रष्टाचार के द्वारा कमाए गए अकूत धन और साम-दाम-दंड-भेद के द्वारा, लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई, गैर भाजपाई प्रदेश सरकारों को गिराने की निंदनीय कोशिशों में लिप्त हैं, किंतु मध्यप्रदेश में इन फासिस्टवादी ताकतों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे, यह बात आज विधानसभा में ‘‘दंड विधि संशोधन विधेयक’’ पारित कराने के दौरान हुए मत-विभाजन से साफ हो गई है, भाजपा को पता चल गया है कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ जी के नेतृत्व में कांग्रेस का किला पूरी तरह से अभेद्य है।

आज जारी अपने बयान में उपरोक्त विचार व्यक्त करते हुए ओझा ने कहा कि लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी ने, नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव की इस बात को चुनौती के रूप में लेते हुए, आज ही विधानसभा में भाजपा को मत-विभाजन कराने की चुनौती दे डाली और संयोग से ‘‘दंड विधि संशोधन विधेयक’’ को पारित कराने के दौरान हुए मत विभाजन में कांग्रेस के पक्ष में गिरे 122 मतों से साफ सिद्ध हो गया है कि प्रदेश में कांग्रेस का गढ़ पूरी तरह से मजबूत है और भाजपा का किला ही ढहने की कगार पर आ गया है। 

ओझा ने अपने बयान के अंत में कहा कि भाजपा को अब यह साफ समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस सरकार को गिराने के उसके मंसूबे, केवल ख्याली पुलाव मात्र हैं, और ये कभी हकीकत में नहीं बदल सकते। बेहतर होगा कि भाजपा स्वप्नलोक से निकलकर हकीकत के धरातल पर आए, और अपनी करारी हार के सदमे से उबर कर, प्रदेश के विकास में कांग्रेस के साथ सहभागी बनते हुए, सकारात्मक विपक्ष की भूमिका का निर्वाह करे।

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