मध्यप्रदेश के हक को धोखा

राजनीति Jul 07, 2019

केंद्र की भाजपा सरकार .... 

पेट्रोल-डीजल पर कर लगाकर-महंगाई की आग में झौंका: अभय दुबे

खबर नेशन/Khabar Nation  

भोपाल. मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अभय दुबे ने जारी एक समाचार में बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार न सिर्फ मध्यप्रदेश को आर्थिक संदर्भों में बहुत बड़ा आघात पहुंचा रही है, अपितु प्रदेश की प्रगति और तरक्की में बाधा भी बन रही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के केंद्रीय करों के हिस्से के हक के 2677 करोड़ रूपये कम कर दिये हैं। इतना ही नहीं बीते दिनों भावांतर भुगतान योजना के 1007 करोड़ रूपये, सर्वशिक्षा अभियान के 500 करोड़ रूपये, महिला एवं बाल विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 90 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष इत्यादि मध्यप्रदेश के हक की राशि की कटौती कर प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार किया है। 

दुबे ने कहा कि प्रचंड बहुमत से जीती मोदी सरकार बर्बरतापूर्वक देश के नागरिकों को महंगाई की आग में झोंक रही है। कल फिर केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर दो-दो रूपये प्रति लीटर सेस लगाकर और एक्साईज ड्यूटी बढ़ाकर देश के नागरिकों को आहत किया है। इतना ही नहीं क्रूड आईल पर एक रूपये प्रति टन कस्टम ड्यूटी भी बढ़ायी गई है। अर्थात 28 हजार करोड़ रूपये से अधिक का भार देश के नागरिकों पर अतिरिक्त आने वाला है।

Contribuon of petroleum sector to exchequer (Rs. Crore)
Particular                                                 2013-14    2014-15     2015-16    2016-17   2017-18      2018-19
1- Contribution to Central Exchequer 
A. Tax / Duties on Crude oil 
& Petroleum Products 
1 Cess on Crude Oil                                   16183        15934      15470      13285    14571     18985
2 Royalty on Crude Oil/Gas                          4551          3858       4885          4649     4747     6,066
3 Custom Duty                                               5042         4767      7446          9521     11966     16035
4 Excise Duty                                                77982      99184      178591     242691  229019   214369
5 Service tax                                                 2092         2181      2837        2956        1228         340
6 IGST                                                                                                                        16385    29232
7 CGST                                                                                                                        6401    10507
8 Otsshers                                                            241     295             307     399         125         204
9 Sub Total                                                    106090    126219    209536     273502   284442   296918
10 B. Dividend to Government/ Incomtex Etc.       46040  4461     61309      59416    68195
11 Total Contribution to Central Exchequer    172065    253615   334534    343858   365113
Total Contribution to Central Exchequer  2014-15 to 2017-18 = 1469185

दुबे ने बताया कि उपरोक्त सारणी से यह साफ परिलक्षित होता है कि बीते पांच वर्षों से मोदी सरकार निरंतर एक्साईज ड्यूटी और सेस बढ़ाकर पेट्रोलियम प्रोडक्ट से 14,69,185 करोड़ रूपये देश के नागरिकों की जेब से निकाल चुकी है। अगर तुलनात्मक रूप से देखें तो कांगे्रसनीत यूपीए सरकार के समय पेट्रोलियम प्रोडेक्ट्स पर करों के रूप में 1,06,090 करोड़ रूपये लिये जाते थे और देश के नागरिकों को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के भाव को नियंत्रित करने के लिए 1,47,025 करोड़ रूपये सब्सिडी के रूप में दिये जाते थे। वर्ष 2013-14 में क्रूड आईल के एवरेज प्राईज 105.52 डाॅलर प्रति बैरल थे, तब भी कीमतों को नियंत्रित किया जाता था। आज जब क्रूड आईल के एवरेज प्राईज 2017 में 47.56 डाॅलर, 2018 में 56.43 डाॅलर और 2019 में जून तक एवरेज प्राईज 62.39 डाॅलर प्रति बैरल है। तब भी केंन्द्र की सरकार देश के नागरिकों को कोई राहत और रियायत नहीं देना चाहती है। 

जबकि आज मोदी सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर सब्सिडी के रूप में मात्र 43,846 करोड़ रूपये खर्च कर रही है और देश की जनता से प्रतिवर्ष पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर विभिन्न कर लगाकर 3,65,113 करोड़ रूपये छीन रही है। बात साफ है कि प्रचंड बहुमत की मोदी सरकार देश के नागरिकों को प्रताड़ित करने पर आमादा है।

Share:


Related Articles


Leave a Comment